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Udhampur News: स्वामी सत्यानंद महाराज की जयंती श्रद्धा भाव के साथ मनाई
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स्वामी सत्यानंद महाराज का जयंती पर आदर्श कॉलोनी स्थित वेद मंदिर हवन यज्ञ करते श्रद्धालु।
- वेद मंदिर में किया गया हवन-यज्ञ और भंडारे का आयोजन
उधमपुर। स्वामी सत्यानंद महाराज की जयंती सोमवार को श्रद्धा भाव के साथ आदर्श कॉलोनी स्थित वेद मंदिर में मनाई गई। इस अवसर पर मंदिर में आचार्य राम किशोर के निर्देशन में हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर बताया गया कि स्वामी सत्यानंद महाराज ने देश की स्वतंत्रता के लिए महात्मा गांधी के साथ कई सत्याग्रहों में भाग लिया। देश की स्वतंत्रता के उपरांत उन्हें कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति पसंद नहीं आई तो वह जनसंघ में सम्मिलित हो गए। वह पंजाब जनसंघ के प्रधान रहे। बाद में गाय रक्षा के लिए आमरण अनशन भी किया। राजनीति उन्हें रास नहीं आई तो वह आर्य समाज के प्रचार-प्रसार में लग गए तथा जालंधर में दयानंद मठ में रहकर कार्य करते रहे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आर्य समाज के विस्तार के लिए काफी काम किया।
मुख्य अतिथि डॉ. नरेश बत्रा ने बताया कि आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती ने समाज की कुरीतियों को समाप्त करने तथा वेदों की पुनर्स्थापना के लिए आर्य समाज की स्थापना की। आज आर्य समाज उनके बताए मार्ग पर चलने का प्रयास कर रहा है ताकि समाज का उत्थान हो सके। इस दौरान डॉ. जितेंद्र गुप्ता, डॉक्टर आदर्श गुप्ता, राजेश्वर गुप्ता, राकेश गुप्ता, दिनकर उपाध्याय, मधु गुप्ता, सुषमा गुप्ता, प्रेमलता गुप्ता, पूनम गुप्ता आदि उपस्थित थे।
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उधमपुर। स्वामी सत्यानंद महाराज की जयंती सोमवार को श्रद्धा भाव के साथ आदर्श कॉलोनी स्थित वेद मंदिर में मनाई गई। इस अवसर पर मंदिर में आचार्य राम किशोर के निर्देशन में हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर बताया गया कि स्वामी सत्यानंद महाराज ने देश की स्वतंत्रता के लिए महात्मा गांधी के साथ कई सत्याग्रहों में भाग लिया। देश की स्वतंत्रता के उपरांत उन्हें कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति पसंद नहीं आई तो वह जनसंघ में सम्मिलित हो गए। वह पंजाब जनसंघ के प्रधान रहे। बाद में गाय रक्षा के लिए आमरण अनशन भी किया। राजनीति उन्हें रास नहीं आई तो वह आर्य समाज के प्रचार-प्रसार में लग गए तथा जालंधर में दयानंद मठ में रहकर कार्य करते रहे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आर्य समाज के विस्तार के लिए काफी काम किया।
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मुख्य अतिथि डॉ. नरेश बत्रा ने बताया कि आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती ने समाज की कुरीतियों को समाप्त करने तथा वेदों की पुनर्स्थापना के लिए आर्य समाज की स्थापना की। आज आर्य समाज उनके बताए मार्ग पर चलने का प्रयास कर रहा है ताकि समाज का उत्थान हो सके। इस दौरान डॉ. जितेंद्र गुप्ता, डॉक्टर आदर्श गुप्ता, राजेश्वर गुप्ता, राकेश गुप्ता, दिनकर उपाध्याय, मधु गुप्ता, सुषमा गुप्ता, प्रेमलता गुप्ता, पूनम गुप्ता आदि उपस्थित थे।
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