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Udhampur News: खतरे में मकान,दहशत में बद्दर के ग्रामीण
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रियासी।मोहम्मद असगर राई,,,,सामाजिक कार्यकर्ता।फोटो,संवाद।
संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी। लगभग ढाई हजार की आबादी वाले बद्दर गांव में शनिवार सुबह पहाड़ी से गिरे मलबे के नीचे आने से हुई सात मौतों के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। गांव में कुल 508 मकान हैं। पहाड़ी के ऊपरी हिस्से से नीचे तक स्थित गांव के अस्सी के लगभग घरों को नुकसान होने की आशंका है।
वहीं दर्जन भर घर ऐसे हैं जिसमें नुकसान हुआ है। गांव में स्थानीय निवासी कमर दीन,अब्दुल रशीद,शबीर अहमद,मंजूर अहमद,गुलाम हैदर,बशीर अहमद,मोहम्मद रफीक,मोहम्मद दीन,अब्दुल सत्तार, बहार दीन और गुलाम मोहिद्दीन के मकान खतरे के मुहाने पर खड़े हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद असगर राई ने बताया कि अस्सी से सौ के करीब ऐसे मकान हैं जिन्हें काफी खतरा है। 12 मकानों को काफी नुकसान हुआ है।
शनिवार को मौके पर आए एसडीएम माहौर व तहसीलदार को सारी स्थिति से अवगत करवाया गया था। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की मांग की गई थी। इस के अलावा प्रभावितों के लिए टेंट देने को कहा गया था। नंबरदार रोशन दीन बताते हैं कि बारिश का कहर लगातार जारी है। पहाड़ी पर बसे गांव में रहने वाले लोग चिंतित है। पानी किस तरफ से आ जाएगा कोई पता नहीं हैं। प्रशासन को ग्रामीणों की कथित तौर पर फौरन मदद करनी चाहिए।
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जिला मुख्यालय से बद्दर गांव 115 किमी दूर
जिला मुख्यालय से बद्दर गांव की दूरी लगभग 115 किलोमीटर है। रियासी जिला मुख्यालय से तहसील मुख्यालय माहौर 75 किलोमीटर है। माहौर से बद्दर 40 किलोमीटर है। माहौर से सुनगढ़ी बग्गा तक जाने के बाद बदोरा पुल के पास डायवर्शन से बद्दर की तरफ रास्ता जाता है। जारी बारिश से रियासी माहौर सड़क मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। प्रशासन की तरफ से रात आठ बजे के बाद सुबह छह बजे तक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा रखी है। उक्त मार्ग के अलावा जिला के सियाड़ बाबा ध्यानगढ़ डैम की तरफ जाने वाले मार्ग पर पहाड़ी से मलबा गिरा। टाली मोड से जेडी की तरफ जाने वाला मार्ग भी खतरा बना हुआ है। कटड़ा सुला शार्ट कट मार्ग के अलावा तहसील भमाग के ग्रामीण इलाकों की तरफ जाने वाले रास्ते पर भी कई स्थानों पर पत्थर गिरे व रास्ता बंद रहा।
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रियासी। लगभग ढाई हजार की आबादी वाले बद्दर गांव में शनिवार सुबह पहाड़ी से गिरे मलबे के नीचे आने से हुई सात मौतों के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। गांव में कुल 508 मकान हैं। पहाड़ी के ऊपरी हिस्से से नीचे तक स्थित गांव के अस्सी के लगभग घरों को नुकसान होने की आशंका है।
वहीं दर्जन भर घर ऐसे हैं जिसमें नुकसान हुआ है। गांव में स्थानीय निवासी कमर दीन,अब्दुल रशीद,शबीर अहमद,मंजूर अहमद,गुलाम हैदर,बशीर अहमद,मोहम्मद रफीक,मोहम्मद दीन,अब्दुल सत्तार, बहार दीन और गुलाम मोहिद्दीन के मकान खतरे के मुहाने पर खड़े हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद असगर राई ने बताया कि अस्सी से सौ के करीब ऐसे मकान हैं जिन्हें काफी खतरा है। 12 मकानों को काफी नुकसान हुआ है।
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शनिवार को मौके पर आए एसडीएम माहौर व तहसीलदार को सारी स्थिति से अवगत करवाया गया था। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की मांग की गई थी। इस के अलावा प्रभावितों के लिए टेंट देने को कहा गया था। नंबरदार रोशन दीन बताते हैं कि बारिश का कहर लगातार जारी है। पहाड़ी पर बसे गांव में रहने वाले लोग चिंतित है। पानी किस तरफ से आ जाएगा कोई पता नहीं हैं। प्रशासन को ग्रामीणों की कथित तौर पर फौरन मदद करनी चाहिए।
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जिला मुख्यालय से बद्दर गांव 115 किमी दूर
जिला मुख्यालय से बद्दर गांव की दूरी लगभग 115 किलोमीटर है। रियासी जिला मुख्यालय से तहसील मुख्यालय माहौर 75 किलोमीटर है। माहौर से बद्दर 40 किलोमीटर है। माहौर से सुनगढ़ी बग्गा तक जाने के बाद बदोरा पुल के पास डायवर्शन से बद्दर की तरफ रास्ता जाता है। जारी बारिश से रियासी माहौर सड़क मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। प्रशासन की तरफ से रात आठ बजे के बाद सुबह छह बजे तक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा रखी है। उक्त मार्ग के अलावा जिला के सियाड़ बाबा ध्यानगढ़ डैम की तरफ जाने वाले मार्ग पर पहाड़ी से मलबा गिरा। टाली मोड से जेडी की तरफ जाने वाला मार्ग भी खतरा बना हुआ है। कटड़ा सुला शार्ट कट मार्ग के अलावा तहसील भमाग के ग्रामीण इलाकों की तरफ जाने वाले रास्ते पर भी कई स्थानों पर पत्थर गिरे व रास्ता बंद रहा।