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Udhampur News: उर्दू की अनिवार्यता रखे जाने के खिलाफ युवा राजपूत सभा ने किया प्रदर्शन
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नायब तहसीलदार की पोस्ट के लिए उर्दू की अनिवार्यता रखे जाने के खिलाफ प्रदर्शन करते युवा राजपूत
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। नायब तहसीलदार की भर्ती परीक्षा में उर्दू की अनिवार्यता रखे जाने के खिलाफ उधमपुर में युवा राजपूत सभा ने भी हुंकार भरी है। सोमवार को शहर के सलाथिया चौक पर प्रदर्शन कर सदस्यों ने मांग की कि जल्द से जल्द इस परीक्षा से उर्दू की अनिवार्यता को रद्द किया जाए अन्यथा पूरे प्रदेश के अंदर इसके खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
सुबह साढे 10 बजे के करीब हुए इस प्रदर्शन में युवाओं ने नेकां सरकार हाय-हाय और उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे युवा राजपूत सभा के जिला अध्यक्ष सोनी राठौर और साहिल सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में काफी सालों के बाद नायब तहसीलदार की पद निकाले गए हैं लेकिन इसमें आवेदक के लिए उर्दू की जानकारी को अनिवार्य बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार भी यह अच्छी तरीके से जानती है कि जम्मू संभाग में उर्दू पढ़ने का कोई खास प्रचलन नहीं है और न ही यहां के युवा उर्दू में दिलचस्पी रखते हैं। इसलिए नायब तहसीलदार की पोस्ट के लिए उर्दू को अनिवार्य बनाया जाना जम्मू संभाग के साथ नाइंसाफी है। नेकां सरकार ने जानबूझकर उर्दू को अनिवार्य बनाया है ताकि जम्मू संभाग के युवा इस परीक्षा से स्वत: बाहर हो जाएं। इसके साथ ही उन्होंने उप मुख्यमंत्री सुरिन्दर चौधरी को भी इस मामले पर जम्मू संभाग के युवाओं के साथ भेदभाव की राजनीति करने से बचने की सलाह दी।
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उन्होंने एलजी मनोज सिन्हा से भी मांग की कि जल्द से जल्द एक कमेटी गठित कर इस संबंध में उचित निर्णय लें ताकि जम्मू संभाग के युवाओं के साथ उर्दू के नाम पर हो रहे इस भेदभाव का खात्मा हो और वे बिना किसी परेशानी के नायब तहसीलदार की परीक्षा दे सकें।
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उधमपुर। नायब तहसीलदार की भर्ती परीक्षा में उर्दू की अनिवार्यता रखे जाने के खिलाफ उधमपुर में युवा राजपूत सभा ने भी हुंकार भरी है। सोमवार को शहर के सलाथिया चौक पर प्रदर्शन कर सदस्यों ने मांग की कि जल्द से जल्द इस परीक्षा से उर्दू की अनिवार्यता को रद्द किया जाए अन्यथा पूरे प्रदेश के अंदर इसके खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
सुबह साढे 10 बजे के करीब हुए इस प्रदर्शन में युवाओं ने नेकां सरकार हाय-हाय और उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे युवा राजपूत सभा के जिला अध्यक्ष सोनी राठौर और साहिल सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में काफी सालों के बाद नायब तहसीलदार की पद निकाले गए हैं लेकिन इसमें आवेदक के लिए उर्दू की जानकारी को अनिवार्य बनाया गया है।
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उन्होंने कहा कि सरकार भी यह अच्छी तरीके से जानती है कि जम्मू संभाग में उर्दू पढ़ने का कोई खास प्रचलन नहीं है और न ही यहां के युवा उर्दू में दिलचस्पी रखते हैं। इसलिए नायब तहसीलदार की पोस्ट के लिए उर्दू को अनिवार्य बनाया जाना जम्मू संभाग के साथ नाइंसाफी है। नेकां सरकार ने जानबूझकर उर्दू को अनिवार्य बनाया है ताकि जम्मू संभाग के युवा इस परीक्षा से स्वत: बाहर हो जाएं। इसके साथ ही उन्होंने उप मुख्यमंत्री सुरिन्दर चौधरी को भी इस मामले पर जम्मू संभाग के युवाओं के साथ भेदभाव की राजनीति करने से बचने की सलाह दी।
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उन्होंने एलजी मनोज सिन्हा से भी मांग की कि जल्द से जल्द एक कमेटी गठित कर इस संबंध में उचित निर्णय लें ताकि जम्मू संभाग के युवाओं के साथ उर्दू के नाम पर हो रहे इस भेदभाव का खात्मा हो और वे बिना किसी परेशानी के नायब तहसीलदार की परीक्षा दे सकें।