फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Udhampur News ›   jammu kashmir news

Udhampur News: डोडा में लंपी वायरस का प्रकोप, 300 से अधिक मवेशी संक्रमित

विज्ञापन
jammu kashmir news
पशु की जांच करता डॉक्टर।  - फोटो : doda news
डोडा। जिले में मवेशियों में लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) के मामले सामने आने से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। जिले के कास्तीगढ़, भबोर और घट क्षेत्रों में 300 से अधिक मवेशियों के संक्रमित होने की सूचना है। बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए पशुपालन विभाग ने टीकाकरण अभियान तेज करने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की जांच और उपचार की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुछ पशुओं की मौत होने के दावे भी सामने आए हैं, हालांकि इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विज्ञापन

मुख्य पशुपालन अधिकारी डोडा डॉ. इरफान अली वानी ने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से अब तक 300 से अधिक मामले सामने आए हैं। संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए विभाग ने कई टीमें गठित की हैं, जो जिले में पशुओं की जांच कर रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में रिंग वैक्सीनेशन अभियान भी शुरू किया गया है, ताकि संक्रमण को आसपास के इलाकों में फैलने से रोका जा सके।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि संक्रमित पशुओं के उपचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभाग की प्राथमिकता बीमारी की सही पहचान, मामलों की निगरानी, पात्र पशुओं का समय पर टीकाकरण और संक्रमण फैलाने वाले वाहकों पर नियंत्रण करना है। विभाग की टीमें जरूरत के अनुसार पशुपालकों को चिकित्सा सहायता और जरूरी जानकारी भी उपलब्ध करा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

भबोर गांव के पशुपालक किशोरी लाल ने बताया कि जब मवेशियों में बीमारी फैलने लगी तो पशुपालक चिंतित हो गए, क्योंकि उनकी रोजी-रोटी काफी हद तक गायों पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग की टीम समय पर गांव पहुंची और मवेशियों का टीकाकरण किया। इससे ग्रामीणों को राहत मिली और अपने पशुओं की सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा।
पशुपालक हबीबुल्लाह अहमद ने भी विभागीय टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि गांव में पशुओं का टीकाकरण करने के साथ कर्मचारियों ने साफ-सफाई बनाए रखने और बीमारी के प्रसार को रोकने के उपायों के बारे में भी जागरूक किया। कहा कि लंपी स्किन डिजीज मवेशियों में फैलने वाला एक वायरल रोग है। इसके प्रसार को रोकने के लिए पशुओं की नियमित निगरानी, संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखना, पशुशालाओं की सफाई और पशु चिकित्सकों की सलाह के अनुसार टीकाकरण महत्वपूर्ण है। पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर पशुपालकों को तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र से संपर्क करना चाहिए।

फिलहाल विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और उपचार में जुटी हैं। पशुपालकों को उम्मीद है कि टीकाकरण और समय पर चिकित्सा सहायता से बीमारी पर जल्द नियंत्रण पाया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed