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बिजली पानी की मांग को लेकर डीसी कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
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उधमपुर। शहर में प्रतिदिन बढ़ रही बिजली और पानी की किल्लत से परेशान शहरवासियों ने डीसी कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कहा कि सरकार की तरफ से 24 घंटे बिजली व पानी की सुविधा देने के वादे किए गए थे, लेकिन एक सप्ताह के अंदर ही सरकार के दावे फेल होते दिख रहे हैं। कुछ दिनों से लगातार लोगों को पानी व बिजली के लिए तरसना पड़ रहा है।
दोपहर के समय शहरवासियों ने शिवसेना के जिला प्रधान संजीव कुमार के नेतृत्व में डीसी कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने बताया कि बिजली व पानी न मिलने के कारण उनके घरों में परेशानियां बढ़ती जा रही है। तीन दिन से उनके घरों में एक बूंद पानी की सप्लाई नहीं हुई है।
हालात यह बन गए हैं कि पानी की कमी के कारण कई दिनों से कपड़े नहीं धो पाए हैं और घरवाले बिना धुले कपड़े पहनने को मजबूर हैं। पीने के पानी के लिए देविका की बावलियों पर जाना पड़ रहा है। पुरुषों को बाइक व स्कूटी के जरिए गैलन में पानी भरकर घर पहुंचाना पड़ रहा है। बिजली की कटौती से बिना पंखे व कूलर के घर में रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। रात को बिजली बंद होने पर घंटों जागना पड़ रहा है। नींद पूरी न होने पर बच्चे बीमार होने लगे हैं।
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संजीव कुमार ने कहा कि शहर के अंदर जलशक्ति विभाग की पाइपें क्षतिग्रस्त हैं और इन पाइपों की मरम्मत नहीं की जा रही है। इस कारण भी पानी का संकट बढ़ रहा है। इसके साथ बिजली विभाग ने तो अब हद पार कर दी है। हर रोज करीब 12 घंटे कटौती की जाने लगी है। लोगों के घरों में तो अब इनवर्टर भी जवाब देने लगे हैं। सरकार की तरफ से 24 घंटे बिजली व पानी की सुविधा देने के दावे किए गए थे, लेकिन अब पता चला रहा है कि इस सरकार के कहने और करने में बहुत अंतर है।
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दोपहर के समय शहरवासियों ने शिवसेना के जिला प्रधान संजीव कुमार के नेतृत्व में डीसी कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने बताया कि बिजली व पानी न मिलने के कारण उनके घरों में परेशानियां बढ़ती जा रही है। तीन दिन से उनके घरों में एक बूंद पानी की सप्लाई नहीं हुई है।
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हालात यह बन गए हैं कि पानी की कमी के कारण कई दिनों से कपड़े नहीं धो पाए हैं और घरवाले बिना धुले कपड़े पहनने को मजबूर हैं। पीने के पानी के लिए देविका की बावलियों पर जाना पड़ रहा है। पुरुषों को बाइक व स्कूटी के जरिए गैलन में पानी भरकर घर पहुंचाना पड़ रहा है। बिजली की कटौती से बिना पंखे व कूलर के घर में रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। रात को बिजली बंद होने पर घंटों जागना पड़ रहा है। नींद पूरी न होने पर बच्चे बीमार होने लगे हैं।
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संजीव कुमार ने कहा कि शहर के अंदर जलशक्ति विभाग की पाइपें क्षतिग्रस्त हैं और इन पाइपों की मरम्मत नहीं की जा रही है। इस कारण भी पानी का संकट बढ़ रहा है। इसके साथ बिजली विभाग ने तो अब हद पार कर दी है। हर रोज करीब 12 घंटे कटौती की जाने लगी है। लोगों के घरों में तो अब इनवर्टर भी जवाब देने लगे हैं। सरकार की तरफ से 24 घंटे बिजली व पानी की सुविधा देने के दावे किए गए थे, लेकिन अब पता चला रहा है कि इस सरकार के कहने और करने में बहुत अंतर है।