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मांगों को पूरा करने का लिखित आश्वासन चाहते हैं सफाईकर्मी
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उधमपुर: सफाई कर्मचारी यूनियन द्वारा किया गया प्रदर्शन तथा शहर में लगने लगे गंदगी के ढेर.
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। अस्थायी सफाई कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारी बनाने व अन्य लंबित मांगों को लेकर नगर परिषद के सफाईकर्मी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने बताया कि प्रधान सचिव और डायरेक्टर लोकल बॉडी के साथ बैठक हुई है, और इस बार भी आश्वासन दिए जा रहे हैं।
सफाई कर्मचारियों ने सुबह से दोपहर तक नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मचारियों ने बताया कि वर्षों से अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारी बनाने की मांग सरकार से की जा रही है। लेकिन, सरकार सिर्फ मांगों को पूरा करने का आश्वासन देती है। हर बार सरकार धोखा करती है, क्योंकि आश्वासन के मुताबिक कोई काम नहीं किया जाता।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के उपप्रधान डेविड ने बताया कि एक बार फिर प्रधान सचिव और डायरेक्टर लोकल बॉडी के साथ बैठक हुुई है। इन दोनों अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द मांगों को पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन, संघ ने मांग रखी है कि पहले सभी को स्थायी कर्मचारी बनाने का लिखित आदेश जारी करो, उसके बाद ही हड़ताल खत्म होगी।
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सफाई कर्मचारियों ने बताया कि सरकार ढाई दिन का अतिरिक्त वेतन भी नहीं दे रही है। इसके साथ न्यूनतम मजदूरी अधिनियम को भी लागू करने को लेकर कुछ नहीं किया गया है। इसी कारण अस्थायी कर्मचारियों को केवल छह हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करना पड़ रहा है। सफाई कर्मचारियों ने सरकार से साफ कह दिया है कि जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक कोई काम नहीं करेगा।
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सफाई कर्मचारियों ने सुबह से दोपहर तक नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मचारियों ने बताया कि वर्षों से अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारी बनाने की मांग सरकार से की जा रही है। लेकिन, सरकार सिर्फ मांगों को पूरा करने का आश्वासन देती है। हर बार सरकार धोखा करती है, क्योंकि आश्वासन के मुताबिक कोई काम नहीं किया जाता।
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अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के उपप्रधान डेविड ने बताया कि एक बार फिर प्रधान सचिव और डायरेक्टर लोकल बॉडी के साथ बैठक हुुई है। इन दोनों अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द मांगों को पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन, संघ ने मांग रखी है कि पहले सभी को स्थायी कर्मचारी बनाने का लिखित आदेश जारी करो, उसके बाद ही हड़ताल खत्म होगी।
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सफाई कर्मचारियों ने बताया कि सरकार ढाई दिन का अतिरिक्त वेतन भी नहीं दे रही है। इसके साथ न्यूनतम मजदूरी अधिनियम को भी लागू करने को लेकर कुछ नहीं किया गया है। इसी कारण अस्थायी कर्मचारियों को केवल छह हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करना पड़ रहा है। सफाई कर्मचारियों ने सरकार से साफ कह दिया है कि जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक कोई काम नहीं करेगा।