उधमपुर। वर्षों से बदहाल पड़े कघोट-डालसर मार्ग पर यात्री वाहनों की आवाजाही बंद होने से परेशान ग्रामीणों शहर पहुंच कर डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि यात्री वाहनों की आवाजाही बंद होने पर करीब छह गांव का जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो चुका है। कई बार मांग करने के बाद भी मार्ग की हालत को सुधारा नहीं गया है। इसलिए मजबूर अब शहर पहुंच कर प्रदर्शन करने पड़ रहे हैं।
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे भटयाड़ी, रोमेन, कघोट, डालसर व अन्य कई गांव के ग्रामीणों ने सुग्रीव सिंह के नेतृत्व में शहर पहुंच कर डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सुग्रीव सिंह व अन्य ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से बदहाल पड़े मार्ग के कारण जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो चुका है। करीब तीन दिन से कघोट से डालसर तक यात्री वाहनों ने आवाजाही बंद कर दी है। यात्री वाहनों के चालकों का कहना है कि मार्ग की हालत इतनी ज्यादा खराब हो चुकी है कि अब इस पर वाहन चलाना किसी खतरे से खाली नहीं है। एक छोटी सी गलती भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। तीन दिन से यात्री वाहन न चलने के कारण पैदल सफर करने को मजबूर है। ग्रामीण पैदल सफर कर कघोट तक पहुंच रहे हैं और फिर कघोट से यात्री वाहनों में रामनगर या फिर उधमपुर की तरफ जा रहे हैं। यात्री वाहन नहीं चलने के कारण सबसे ज्यादा परेशान विद्यार्थी हैं, क्योंकि वाहन न चलने के कारण पैदल की स्कूल जाने को मजबूर है। इसी कारण हर रोज विद्यार्थी देरी से स्कूलों में पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने कई बार मार्ग की हालत सुधारने की मांग को प्रशासन व संबंधित विभाग के अधिकारियों के सामने रखा। हर बार जल्द मरम्मत करवाने का आश्वासन दिया, लेकिन आज तक मार्ग की मरम्मत नहीं की जा सकी है। यात्री वाहन न चलने के कारण हर रोज ग्रामीण परेशानियों से जूझ रहे हैं और अब उनका जनजीवन भी प्रभावित होने लगा है। इसलिए आज सभी अपनी मांग को प्रशासन के अधिकारियों सामने रखने के लिए पहुंचे हैं। अगर जल्द मार्ग की हालत नहीं सुधरी तो मजबूरन प्रदर्शन तेज करने पड़ेंगे। इस मौके पर बलवान सिंह, मंजीत सिंह, भवानी ठाकुर, सुखदेव सिंह व अन्य मौजूद थे।