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दो वर्ष का वेतन जारी करने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
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उधमपुर में दो वर्ष का वेतन जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते प्रदर्शन करते अस्थायी कर्मचार?
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। दो वर्ष से रुका वेतन जारी करने और स्थायी बनाने की मांग को लेकर चिनैनी हाइडल प्रोजेक्ट के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। सोमवार को सभी अस्थायी कर्मचारी विभाग के कार्यालय के बाहर इकट्ठा हुए, और अपनी परेशानियां बताते हुए विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सुभाष चंद्र ने बताया कि उनको चिनैनी हाइडल प्रोजेक्ट में 2008 में नियुक्त किया गया था। उस समय सबको आश्वासन दिया था कि कुछ वर्ष बाद सभी को स्थायी कर्मचारी नियुक्त कर दिया जाएगा। करीब 11 वर्ष तक काम करने के बाद अचानक 2019 में उनका वेतन बंद कर दिया गया। वेतन बंद होने के बाद अपनी परेशानी को विभाग के अधिकारियों के सामने रखा।
अधिकारी कहने लगे कि कुछ महीने के बाद सबका वेतन जारी कर दिया जाएगा। इसी इंतजार में दो वर्ष से अधिक गुजर गए हैं, लेकिन उनको वेतन नहीं मिला है। वेतन न मिलने के कारण सभी आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। सभी उधार लेकर अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में लगे हैं। कुछ दिन पहले अपनी परेशानी लेकर अधिकारी के पास गए तो उनका कहना था कि अब सभी को ठेकेदारी सिस्टम के तहत वेतन जारी किया जाएगा। उनको अब कर्मचारी नहीं माना जाएगा।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सभी ने कई वर्षों तक स्थायी कर्मचारी बनाए जाने की उम्मीद में काम किया था। और अब कहा जा रहा है कि उनको ठेकेदारी सिस्टम के तहत काम करना होगा। इस मनमानि को किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। पहले हर वर्ष दीपावली पर उनके वेतन में बढ़ोतरी की जाती थी। अब तो वेतन ही नहीं मिल रहा। इसलिए, सभी लोग प्रदर्शन कर मांग को उच्च अधिकारियों और प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। कर्मचारियों का वेतन जल्द जारी किया जाए। अगर, ऐसा नहीं किया तो प्रदर्शन तेज करने को मजबूर हो जाएंगे।
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प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सुभाष चंद्र ने बताया कि उनको चिनैनी हाइडल प्रोजेक्ट में 2008 में नियुक्त किया गया था। उस समय सबको आश्वासन दिया था कि कुछ वर्ष बाद सभी को स्थायी कर्मचारी नियुक्त कर दिया जाएगा। करीब 11 वर्ष तक काम करने के बाद अचानक 2019 में उनका वेतन बंद कर दिया गया। वेतन बंद होने के बाद अपनी परेशानी को विभाग के अधिकारियों के सामने रखा।
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अधिकारी कहने लगे कि कुछ महीने के बाद सबका वेतन जारी कर दिया जाएगा। इसी इंतजार में दो वर्ष से अधिक गुजर गए हैं, लेकिन उनको वेतन नहीं मिला है। वेतन न मिलने के कारण सभी आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। सभी उधार लेकर अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में लगे हैं। कुछ दिन पहले अपनी परेशानी लेकर अधिकारी के पास गए तो उनका कहना था कि अब सभी को ठेकेदारी सिस्टम के तहत वेतन जारी किया जाएगा। उनको अब कर्मचारी नहीं माना जाएगा।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सभी ने कई वर्षों तक स्थायी कर्मचारी बनाए जाने की उम्मीद में काम किया था। और अब कहा जा रहा है कि उनको ठेकेदारी सिस्टम के तहत काम करना होगा। इस मनमानि को किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। पहले हर वर्ष दीपावली पर उनके वेतन में बढ़ोतरी की जाती थी। अब तो वेतन ही नहीं मिल रहा। इसलिए, सभी लोग प्रदर्शन कर मांग को उच्च अधिकारियों और प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। कर्मचारियों का वेतन जल्द जारी किया जाए। अगर, ऐसा नहीं किया तो प्रदर्शन तेज करने को मजबूर हो जाएंगे।