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नौ वर्ष से अधर में लटकी है योजना
ब्यूरो/अमर उजाला, उधमपुर
Updated Wed, 20 Jan 2016 01:01 AM IST
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चिनैनी हाइडल प्रोजेक्ट के फोरवे टैंक से पानी की सप्लाई नहीं मिलने के कारण अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम फार स्माल एंड मीडियम टाउन (यूआईडीएसएसएमटी) योजना पूरी तरह से अधर में लटक गई है।
प्रशासन और पीएचई अधिकारियों के कई प्रयास के बाद भी इसमें कामयाबी नहीं मिली है। पीएचई विभाग के एक्सईएन का कहना है कि इसको लेकर कोशिश जारी है।
शहर को हर रोज 54 लाख गैलन पानी की जरूरत है, लेकिन पीएचई विभाग दो फिल्ट्रेशन प्लांट से शहरवासियों तक केबल 38 लाख गैलन पानी की सप्लाई दे पा रहा है।
शहरवासियों को हर रोज 12 लाख गैलन पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। पानी की किल्लत को दूर करने के लिए ही 2007 में केंद्र सरकार की यूआईडीएसएसएमटी योजना के तहत 28.82 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया था। इस पर तीन चरणों में काम किया जाना है।
तीनों चरणों का काम पूरा होने पर शहरवासियों को 34 लाख गैलन पानी मिलना है। 14.5 करोड़ की लागत से पहले चरण का तवी नदी से पानी लिफ्ट करना और फिल्ट्रेशन प्लांट बनाने कार्य पूरा कर दिया गया है, लेकिन दूसरे चरण का चिनैनी हाइडल प्रोजेक्ट के फोरवे टैंक से ग्रेविटी द्वारा सलमेह तक पानी पहुंचाने का काम अधर में लटका है।
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इसका कारण चिनैनी हाइडल प्रोजेक्ट के अधिकारियों का इसके लिए मंजूरी न देना है। कई बैठकों के बाद भी आज तक चिनैनी हाइडल प्रोजेक्ट की तरफ से इसको लेकर मंजूरी नहीं मिली है।
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प्रशासन और पीएचई अधिकारियों के कई प्रयास के बाद भी इसमें कामयाबी नहीं मिली है। पीएचई विभाग के एक्सईएन का कहना है कि इसको लेकर कोशिश जारी है।
शहर को हर रोज 54 लाख गैलन पानी की जरूरत है, लेकिन पीएचई विभाग दो फिल्ट्रेशन प्लांट से शहरवासियों तक केबल 38 लाख गैलन पानी की सप्लाई दे पा रहा है।
शहरवासियों को हर रोज 12 लाख गैलन पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। पानी की किल्लत को दूर करने के लिए ही 2007 में केंद्र सरकार की यूआईडीएसएसएमटी योजना के तहत 28.82 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया था। इस पर तीन चरणों में काम किया जाना है।
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तीनों चरणों का काम पूरा होने पर शहरवासियों को 34 लाख गैलन पानी मिलना है। 14.5 करोड़ की लागत से पहले चरण का तवी नदी से पानी लिफ्ट करना और फिल्ट्रेशन प्लांट बनाने कार्य पूरा कर दिया गया है, लेकिन दूसरे चरण का चिनैनी हाइडल प्रोजेक्ट के फोरवे टैंक से ग्रेविटी द्वारा सलमेह तक पानी पहुंचाने का काम अधर में लटका है।
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इसका कारण चिनैनी हाइडल प्रोजेक्ट के अधिकारियों का इसके लिए मंजूरी न देना है। कई बैठकों के बाद भी आज तक चिनैनी हाइडल प्रोजेक्ट की तरफ से इसको लेकर मंजूरी नहीं मिली है।