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राष्ट्र निर्माण में गुरु के महत्व पर डाला प्रकाश
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उधमपुर: विश्वा गुरु भारतीय वैदिक संस्थान संस्कृति द्वारा वृद्ध आश्रम में सेमिनार आयोजित किया गय
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। विश्व गुरू भारत (वीजीबी) ट्रस्ट ने जागृति वृद्धाश्रम में राष्ट्र निर्माण में गुरु का महत्व विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया। इसकी अध्यक्षता पद्मश्री डॉ. विश्वमूर्ति शास्त्री ने की।
कार्यक्रम में डा. विश्वमूर्ति को उधमपुर के तीन संगठन ग्राम विकास समिति, जिला विकास परिषद और सनातन संत समिति ने सम्मानित किया। इस मौके पर वीजीबी के संस्थापक ट्रस्टी चमैल सिंह ठाकुर, संस्थापक अध्यक्ष रूपाली दत्ता शर्मा, पूर्व विधायक रामनगर आरएस पठानिया और सर्जन डॉ. केसी शर्मा के साथ सम्मानित अतिथि थे। वक्ताओं ने कहा कि विश्व गुरु भारत भारतीय वैदिक सनातन संस्कृति ट्रस्ट की स्थापना अखंड भारत के पिछले गौरव को बहाल करने के लिए की गई है, जो सनातन धर्म पर आधारित है।
वहीं, प्रो. विश्वमूर्ति शास्त्री ने गौ, गंगा, गुरु, गायत्री और गीता पर जोर देकर राष्ट्र को मजबूत करने के लिए सभी भारतीयों में जागरूकता पैदा करने के लिए वीजीबीवीएसएस ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना की। गुरु के महत्व को समझाते हुए उन्होंने कहा कि गुरु के सम्मान को बहाल करना बहुत महत्वपूर्ण है, जिसके बिना छात्रों में कोई उत्कृष्टता पैदा नहीं की जा सकती है। एक वास्तविक गुरु राष्ट्र को बदल सकता है।
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संस्थापक ट्रस्टी ने कहा कि ट्रस्ट मूल्यवान वेदों, पुराणों, उपनिषदों और स्मृतियों में निर्धारित गुरुओं का सम्मान कर मानवीय मूल्यों को फिर से स्थापित कर अखंड भारत के पिछले गौरव को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। रूपाली दत्ता शर्मा ने भी ट्रस्ट के पांच जी जैसे गौ, गंगा, गुरु गायत्री और गीता पर ध्यान केंद्रित कर राष्ट्र निर्माण में गुरु के महत्व पर जोर दिया।
इस मौके पर हंस राज शास्त्री, दुर्गा दत्त शास्त्री, दीपक शास्त्री, तृप्ता शर्मा, संजीत कुमार और विजय कुमार को समाज में उनके योगदान के लिए ट्रस्ट ने सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अनिल पाधा ने युवाओं से भारत को विश्व गुरु के रूप में बहाल करने में अपना समय और प्रतिभा देकर इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की। इस मौके पर डीडीसी घोरडी राकेश चंदर शर्मा, बीडीसी अध्यक्ष घोरडी आरती शर्मा, सुनील मनसोत्रा व अन्य मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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कार्यक्रम में डा. विश्वमूर्ति को उधमपुर के तीन संगठन ग्राम विकास समिति, जिला विकास परिषद और सनातन संत समिति ने सम्मानित किया। इस मौके पर वीजीबी के संस्थापक ट्रस्टी चमैल सिंह ठाकुर, संस्थापक अध्यक्ष रूपाली दत्ता शर्मा, पूर्व विधायक रामनगर आरएस पठानिया और सर्जन डॉ. केसी शर्मा के साथ सम्मानित अतिथि थे। वक्ताओं ने कहा कि विश्व गुरु भारत भारतीय वैदिक सनातन संस्कृति ट्रस्ट की स्थापना अखंड भारत के पिछले गौरव को बहाल करने के लिए की गई है, जो सनातन धर्म पर आधारित है।
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वहीं, प्रो. विश्वमूर्ति शास्त्री ने गौ, गंगा, गुरु, गायत्री और गीता पर जोर देकर राष्ट्र को मजबूत करने के लिए सभी भारतीयों में जागरूकता पैदा करने के लिए वीजीबीवीएसएस ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना की। गुरु के महत्व को समझाते हुए उन्होंने कहा कि गुरु के सम्मान को बहाल करना बहुत महत्वपूर्ण है, जिसके बिना छात्रों में कोई उत्कृष्टता पैदा नहीं की जा सकती है। एक वास्तविक गुरु राष्ट्र को बदल सकता है।
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संस्थापक ट्रस्टी ने कहा कि ट्रस्ट मूल्यवान वेदों, पुराणों, उपनिषदों और स्मृतियों में निर्धारित गुरुओं का सम्मान कर मानवीय मूल्यों को फिर से स्थापित कर अखंड भारत के पिछले गौरव को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। रूपाली दत्ता शर्मा ने भी ट्रस्ट के पांच जी जैसे गौ, गंगा, गुरु गायत्री और गीता पर ध्यान केंद्रित कर राष्ट्र निर्माण में गुरु के महत्व पर जोर दिया।
इस मौके पर हंस राज शास्त्री, दुर्गा दत्त शास्त्री, दीपक शास्त्री, तृप्ता शर्मा, संजीत कुमार और विजय कुमार को समाज में उनके योगदान के लिए ट्रस्ट ने सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अनिल पाधा ने युवाओं से भारत को विश्व गुरु के रूप में बहाल करने में अपना समय और प्रतिभा देकर इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की। इस मौके पर डीडीसी घोरडी राकेश चंदर शर्मा, बीडीसी अध्यक्ष घोरडी आरती शर्मा, सुनील मनसोत्रा व अन्य मुख्य रूप से उपस्थित थे।