{"_id":"6178553902d8971e20601052","slug":"press-conference-udhampur-news-jmu246653123","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना नियमों के उल्लघंन के नाम पर वसूली 47 लाख रूपए से अधिक की धनराशि गैर कानूनी,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना नियमों के उल्लघंन के नाम पर वसूली 47 लाख रूपए से अधिक की धनराशि गैर कानूनी,
विज्ञापन
प्रैस वार्ता में जानकारी देते एडवाकेट संजीत बवोरिया
- फोटो : UDHAMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधमपुर। आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट संजीत बवोरिया ने प्रेस वार्ता कर जिला रेड क्रॉस सोसायटी पर अवैध वसूली का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि कोविड नियमों का उल्लंघन करने के नाम पर लोगों से 47,71,400 रुपये की अवैध वसूली की गई है।
आरटीआई कार्यकर्ता ने दावा किया है कि उन्होंने कोरोना नियमों का उल्लंघन करने वालों से हो रही वसूली के संबंध में आरटीआई दायर की थी। इसके जवाब में डीसी कार्यालय से उन्हें जानकारी मिली है कि 25 मार्च 2020 से लेकर 30 सितंबर 2021 तक लोगों से 47,71,400 रुपये की वसूली की है। जो पूरी तरह से गैर कानूनी है। इसकी गहनता से जांच की जानी चाहिए, और जो भी लोग इसमें दोषी हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर रेड क्रॉस सोसायटी का अध्यक्ष डिप्टी कमिश्नर होता है। कोरोना महामारी से निपटने के लिए डिप्टी कमिश्नर ने बतौर चेयरमैन, डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी, डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट की धारा 34 और सीआरपीसी की धारा 144 के तहत आदेश जारी किए थे। आदेश न मानने व रुकावट पैदा करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 के अंतर्गत कार्रवाई का आदेश जारी किया।
विज्ञापन
इन जारी आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 व आपदा प्रबंधन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई बनती है। लेकिन, इन्होंने इन संबंधित प्रावधानों में कार्रवाई न कर अपनी आधिकारिक शक्तियों का दुरुपयोग कर पुलिस व अन्य विभागों की मदद से रेड क्रॉस सोसायटी को लाखों रुपये मुहैया कराए। और, स्वयं ही अपने आदेशों का उल्लंघन कर आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 55 (1) के तहत अपराध किया है।
उन्होंने कहा कि सोसायटी से संबंधित कानून इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी एक्ट के अंतर्गत इस सोसायटी के पास किसी भी व्यक्ति को जुर्माना करने का अधिकार नहीं है। इसलिए, सोसायटी की ओर से वसूले गए इन लाखों रुपयों का जुर्माना गैरकानूनी है। एडवोकेट ने मांग की है कि इस सारे मामले की जांच एक स्वतंत्र जांच एजेंसी से करवाई जाए, और दोषी व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
आरटीआई कार्यकर्ता ने दावा किया है कि उन्होंने कोरोना नियमों का उल्लंघन करने वालों से हो रही वसूली के संबंध में आरटीआई दायर की थी। इसके जवाब में डीसी कार्यालय से उन्हें जानकारी मिली है कि 25 मार्च 2020 से लेकर 30 सितंबर 2021 तक लोगों से 47,71,400 रुपये की वसूली की है। जो पूरी तरह से गैर कानूनी है। इसकी गहनता से जांच की जानी चाहिए, और जो भी लोग इसमें दोषी हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर रेड क्रॉस सोसायटी का अध्यक्ष डिप्टी कमिश्नर होता है। कोरोना महामारी से निपटने के लिए डिप्टी कमिश्नर ने बतौर चेयरमैन, डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी, डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट की धारा 34 और सीआरपीसी की धारा 144 के तहत आदेश जारी किए थे। आदेश न मानने व रुकावट पैदा करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 के अंतर्गत कार्रवाई का आदेश जारी किया।
विज्ञापन
इन जारी आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 व आपदा प्रबंधन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई बनती है। लेकिन, इन्होंने इन संबंधित प्रावधानों में कार्रवाई न कर अपनी आधिकारिक शक्तियों का दुरुपयोग कर पुलिस व अन्य विभागों की मदद से रेड क्रॉस सोसायटी को लाखों रुपये मुहैया कराए। और, स्वयं ही अपने आदेशों का उल्लंघन कर आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 55 (1) के तहत अपराध किया है।
उन्होंने कहा कि सोसायटी से संबंधित कानून इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी एक्ट के अंतर्गत इस सोसायटी के पास किसी भी व्यक्ति को जुर्माना करने का अधिकार नहीं है। इसलिए, सोसायटी की ओर से वसूले गए इन लाखों रुपयों का जुर्माना गैरकानूनी है। एडवोकेट ने मांग की है कि इस सारे मामले की जांच एक स्वतंत्र जांच एजेंसी से करवाई जाए, और दोषी व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाए।