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Udhampur News: चेयरमैन की नियुक्ति पर सवाल, पूछा-किस आधार पर डॉ. योगेश्वर को दिया पद
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अयोग्य घोषित पार्षदों ने परिषद कार्यालय पहुंचकर सीईओ से किया सवाल, सीईओ बोले-सोमवार को दूंगा जवाब
सदस्यता बहाल नहीं हुई तो ये लोग जनता को गुमराह कर रहे हैं : चेयरमैन डॉ. जोगेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। दल बदल कानून के तरह अयोग्य घोषित सातों पार्षदों ने चेयरमैन बनाए गए डॉ. जोगेश्वर गुप्ता की नियुक्त पर सवाल उठाते हुए सीईओ की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े दिए। वीरवार को सभी पार्षदों ने आवेदन देकर नगर परिषद उधमपुर को जवाब देने के लिए कहा। इस पर सीईओ ने कहा कि वह कानूनी सलाह लेने के बाद सोमवार तक इसका जवाब देंगे। पद पर सवाल उठने के बाद नगर परिषद के चेयरमैन डाॅ. जोगेश्वर गुप्ता ने कहा कि सभी पार्षद दल-बदल विरोधी कानून के तहत चुनाव आयोग ने अयोग्य करार दिए हैं, हालांकि हाईकोर्ट ने सुनवाई पर रोक लगाकर सबूत मांगे हैं लेकिन इनकी सदस्यता को बहाल नहीं किया है। अब यह जनता को गुमराह कर रहे हैं।
सारे विवाद के बीच वीरवार को सभी अयोग्य पार्षद अपने समर्थकों के साथ सीईओ कार्यालय पहुंचे। समर्थकों के साथ इनके कार्यालय आने की सूचना मिलने पर पहले से ही पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। एसएचओ रघुवीर सिंह के साथ महिला थाना की प्रभारी इंस्पेक्टर ईशा महाजन भी अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहीं। जैसे ही पार्षद समर्थकों के साथ नगर परिषद कार्यालय के बाहर पहुंचे तो उन्हें गेट पर रोक दिया गया। पार्षदों ने पुलिस को बताया कि वे सीईओ को सिर्फ आवेदन देने आए हैं जिस पर पुलिस ने कहा कि वे अंदर जाएं लेकिन समर्थकों को साथ न ले जाएं। इस पर पार्षद मान गए और सीईओ दिलीप अबरोल को आवेदन सौंपकर लौट आए।
दल-बदल के आरोप झूठे, इसका कोई सबूत नहीं है
पार्षदों ने बताया कि उन पर लगाया गया दल-बदल का आरोप बेबुनियाद है और इसके कोई सबूत नहीं हैं। वह आप कार्यालय में गए जरूर थे लेकिन उन्होंने न तो पिछली पार्टी छोड़ी थी और न ही नई पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने बताया कि अयोग्य करार दिए जाने के कोर्ट के निर्णय के खिलाफ उन्होंने अर्जी लगाई है और वहां अगली सुनवाई तक के लिए कोर्ट के पिछले निर्णय पर रोक लगा दी गई है।
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अंदर क्या बात हुई
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सदस्यता बहाल नहीं हुई तो ये लोग जनता को गुमराह कर रहे हैं : चेयरमैन डॉ. जोगेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। दल बदल कानून के तरह अयोग्य घोषित सातों पार्षदों ने चेयरमैन बनाए गए डॉ. जोगेश्वर गुप्ता की नियुक्त पर सवाल उठाते हुए सीईओ की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े दिए। वीरवार को सभी पार्षदों ने आवेदन देकर नगर परिषद उधमपुर को जवाब देने के लिए कहा। इस पर सीईओ ने कहा कि वह कानूनी सलाह लेने के बाद सोमवार तक इसका जवाब देंगे। पद पर सवाल उठने के बाद नगर परिषद के चेयरमैन डाॅ. जोगेश्वर गुप्ता ने कहा कि सभी पार्षद दल-बदल विरोधी कानून के तहत चुनाव आयोग ने अयोग्य करार दिए हैं, हालांकि हाईकोर्ट ने सुनवाई पर रोक लगाकर सबूत मांगे हैं लेकिन इनकी सदस्यता को बहाल नहीं किया है। अब यह जनता को गुमराह कर रहे हैं।
सारे विवाद के बीच वीरवार को सभी अयोग्य पार्षद अपने समर्थकों के साथ सीईओ कार्यालय पहुंचे। समर्थकों के साथ इनके कार्यालय आने की सूचना मिलने पर पहले से ही पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। एसएचओ रघुवीर सिंह के साथ महिला थाना की प्रभारी इंस्पेक्टर ईशा महाजन भी अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहीं। जैसे ही पार्षद समर्थकों के साथ नगर परिषद कार्यालय के बाहर पहुंचे तो उन्हें गेट पर रोक दिया गया। पार्षदों ने पुलिस को बताया कि वे सीईओ को सिर्फ आवेदन देने आए हैं जिस पर पुलिस ने कहा कि वे अंदर जाएं लेकिन समर्थकों को साथ न ले जाएं। इस पर पार्षद मान गए और सीईओ दिलीप अबरोल को आवेदन सौंपकर लौट आए।
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दल-बदल के आरोप झूठे, इसका कोई सबूत नहीं है
पार्षदों ने बताया कि उन पर लगाया गया दल-बदल का आरोप बेबुनियाद है और इसके कोई सबूत नहीं हैं। वह आप कार्यालय में गए जरूर थे लेकिन उन्होंने न तो पिछली पार्टी छोड़ी थी और न ही नई पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने बताया कि अयोग्य करार दिए जाने के कोर्ट के निर्णय के खिलाफ उन्होंने अर्जी लगाई है और वहां अगली सुनवाई तक के लिए कोर्ट के पिछले निर्णय पर रोक लगा दी गई है।
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अंदर क्या बात हुई