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सद्भावना के तहत सिलाई पाठ्यक्रम का समापन
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फोटो... स्रांवा शिरगवाड़ी में भारतीय सेना का महिलाओं को लिए सिलाई केंद्र में समापन समारोह।
- फोटो : UDHAMPUR
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किश्तवाड़। सेना ने बीते वर्ष 2 अक्टूबर को सद्भावना परियोजना के तहत स्रांवा शेरगवाड़ी में सिलाई पाठ्यक्रम आयोजित किया था। इसमें दूरदराज क्षेत्रों से नौ महिलाओं ने भाग लिया। सोमवार को इस पाठ्यक्रम का समापन हुआ, और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र बांटे।
इन महिला प्रतिभागियों के लिए नारी शक्ति टेलरिंग सेंटर, स्रांवा में बनाया गया था, जिसका प्रमुख उद्देश्य इन महिलाओं में बचत और बैंकिंग की आदत डालना, ग्रामीण महिलाओं और बैंकरों के बीच विश्वसनीयता विकसित करना और समूह गतिविधि विकसित करना था। महिलाएं उद्यमिता शुरू कर सकती हैं की पहल में तेजी लाने और इन महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए सेना सेल्फ हेल्प ग्रुप (एसएचजी) के आत्मनिर्भर होने तक हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
महिलाओं को सशक्त बनाने, गांव में विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने और स्थानीय अधिकारियों की जवाबदेही पर भी जोर देने में यह पहल बहुत प्रभावी रही है। यह एसएचजी निश्चित रूप से लाभार्थियों को उद्यमशीलता की गतिविधियों को शुरू करने में मदद करेगा। इसका लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं के हाथों में अधिक आय लाकर सशक्त बनाना और उन्हें जीवंत जनता में स्थानांतरित करना है। ताकि, वे एक बेहतर सामाजिक जीवन जी सकें।
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लाभार्थी अब स्थानीय आबादी के लिए कपड़े सिल सकते हैं। पाठ्यक्रम का संचालन सेना ने जिला समाज कल्याण विभाग की देखरेख में किया गया था, और मेनरोल स्किल्स प्राइवेट लिमिटेड से प्रमाण पत्र प्रदान किए। इसको सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए कार्यक्रम में सेना के प्रतिनिधियों के अलावा सरपंच शम्सदीन गुर्जर और सरकारी अधिकारी और एसएचजी के समन्वयक कुमारी कृष्णा ने भाग लिया।
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इन महिला प्रतिभागियों के लिए नारी शक्ति टेलरिंग सेंटर, स्रांवा में बनाया गया था, जिसका प्रमुख उद्देश्य इन महिलाओं में बचत और बैंकिंग की आदत डालना, ग्रामीण महिलाओं और बैंकरों के बीच विश्वसनीयता विकसित करना और समूह गतिविधि विकसित करना था। महिलाएं उद्यमिता शुरू कर सकती हैं की पहल में तेजी लाने और इन महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए सेना सेल्फ हेल्प ग्रुप (एसएचजी) के आत्मनिर्भर होने तक हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
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महिलाओं को सशक्त बनाने, गांव में विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने और स्थानीय अधिकारियों की जवाबदेही पर भी जोर देने में यह पहल बहुत प्रभावी रही है। यह एसएचजी निश्चित रूप से लाभार्थियों को उद्यमशीलता की गतिविधियों को शुरू करने में मदद करेगा। इसका लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं के हाथों में अधिक आय लाकर सशक्त बनाना और उन्हें जीवंत जनता में स्थानांतरित करना है। ताकि, वे एक बेहतर सामाजिक जीवन जी सकें।
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लाभार्थी अब स्थानीय आबादी के लिए कपड़े सिल सकते हैं। पाठ्यक्रम का संचालन सेना ने जिला समाज कल्याण विभाग की देखरेख में किया गया था, और मेनरोल स्किल्स प्राइवेट लिमिटेड से प्रमाण पत्र प्रदान किए। इसको सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए कार्यक्रम में सेना के प्रतिनिधियों के अलावा सरपंच शम्सदीन गुर्जर और सरकारी अधिकारी और एसएचजी के समन्वयक कुमारी कृष्णा ने भाग लिया।

फोटो... स्रांवा शिरगवाड़ी में भारतीय सेना का महिलाओं को लिए सिलाई केंद्र में समापन समारोह।- फोटो : UDHAMPUR

फोटो... स्रांवा शिरगवाड़ी में भारतीय सेना का महिलाओं को लिए सिलाई केंद्र में समापन समारोह।- फोटो : UDHAMPUR

फोटो... स्रांवा शिरगवाड़ी में भारतीय सेना का महिलाओं को लिए सिलाई केंद्र में समापन समारोह।- फोटो : UDHAMPUR