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चौथे दिन दोपहर बाद हाईवे खुलते ही लग गया जाम
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उधमपुर/रामबन। रामबन के मगरकोट सहित विभिन्न स्थानों पर पस्सियां गिरने पर बंद हुआ राजमार्ग चौथे दिन सोमवार को दोपहर बाद खुला। राजमार्ग के खुलने पर पुलिस ने सबसे पहले बीच में फंसे वाहनों को जम्मू और घाटी की तरफ रवाना किया। इसके बाद श्रीनगर से जम्मू की तरफ वाहनों की आवाजाही रखी। राजमार्ग खुलने पर रामबन और चिनैनी में जाम की स्थिति बन गई। समाचार लिखे जाने तक रामबन में रेंग-रेंग कर वाहन चल रहे थे। उधमपुर से चौथे दिन भी वाहनों को घाटी की तरफ जाने की अनुमति नहीं मिली है। उधमपुर के समरोली में पस्सियां गिरने पर कुछ घंटों के लिए उधमपुर से चिनैनी व पटनीटॉप के बीच भी वाहनों की आवाजाही बंद रही।
शुक्रवार रात से राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बुरी तरह से प्रभावित है। शुक्रवार रात करीब नौ बजे मगरकोट में पस्सियां गिरने पर राजमार्ग बंद हुआ था और अभी तक इसको स्थायी तौर पर खोलने में कामयाबी नहीं मिली है। रविवार को तीसरे दिन दिन भर राजमार्ग को खोलने का काम चलता रहा, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिल सकी। सोमवार को खराब मौसम के कारण सुबह के समय राजमार्ग को खोलने का काम प्रभावित हुआ। दोपहर एक बजे के बाद रामबन में पस्सियां हटाकर राजमार्ग को खोलने में कामयाबी मिल गई। पुलिस ने सबसे पहले बीच में फंसे वाहनों को जम्मू और श्रीनगर की तरफ रवाना किया। ज्यादातर वाहन श्रीनगर से जम्मू की तरफ रवाना किए गए।
उधमपुर में चौथे दिन भी जखैनी, भारत नगर, गरनई, बट्टलबालियां, रठियान, मांड, टिकरी व अन्य कई इलाकों में घाटी जाने वाले सैकड़ों वाहनों को रोक कर रखा गया। जखैनी इलाके में कुछ यात्री वाहनों को रोका गया है। कई यात्री वाहन तो राजमार्ग के न खुलने पर रविवार शाम को जम्मू की तरफ वापस लौट गए थे। लगातार चौथे दिन रोके जाने के कारण ट्रकों के चालकों की परेशानी बढ़ गई है। चालकों का कहना है कि उनको जिन स्थानों पर रोका गया है, वहां पीने के पानी और शौचालय की कोई सुविधा नहीं है। इसके साथ अब उनके पास मौजूद राशन भी खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। प्रशासन और पुलिस की तरफ से किसी तरह की मदद नहीं मिली है। अगर दो दिन और घाटी जाने की अनुमति नहीं मिलती है तो उनको फिर खाली पेट सोना पड़ सकता है। उनकी प्रशासन और पुलिस से अपील है कि जल्द से जल्द घाटी जाने की अनुमति दी जाए। राजमार्ग खुलने के बाद रामबन और चिनैनी में जाम की स्थिति बन गई थी और पुलिस जाम को खुलवाने के लिए मशक्क्त कर रही थी।
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शुक्रवार रात से राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बुरी तरह से प्रभावित है। शुक्रवार रात करीब नौ बजे मगरकोट में पस्सियां गिरने पर राजमार्ग बंद हुआ था और अभी तक इसको स्थायी तौर पर खोलने में कामयाबी नहीं मिली है। रविवार को तीसरे दिन दिन भर राजमार्ग को खोलने का काम चलता रहा, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिल सकी। सोमवार को खराब मौसम के कारण सुबह के समय राजमार्ग को खोलने का काम प्रभावित हुआ। दोपहर एक बजे के बाद रामबन में पस्सियां हटाकर राजमार्ग को खोलने में कामयाबी मिल गई। पुलिस ने सबसे पहले बीच में फंसे वाहनों को जम्मू और श्रीनगर की तरफ रवाना किया। ज्यादातर वाहन श्रीनगर से जम्मू की तरफ रवाना किए गए।
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उधमपुर में चौथे दिन भी जखैनी, भारत नगर, गरनई, बट्टलबालियां, रठियान, मांड, टिकरी व अन्य कई इलाकों में घाटी जाने वाले सैकड़ों वाहनों को रोक कर रखा गया। जखैनी इलाके में कुछ यात्री वाहनों को रोका गया है। कई यात्री वाहन तो राजमार्ग के न खुलने पर रविवार शाम को जम्मू की तरफ वापस लौट गए थे। लगातार चौथे दिन रोके जाने के कारण ट्रकों के चालकों की परेशानी बढ़ गई है। चालकों का कहना है कि उनको जिन स्थानों पर रोका गया है, वहां पीने के पानी और शौचालय की कोई सुविधा नहीं है। इसके साथ अब उनके पास मौजूद राशन भी खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। प्रशासन और पुलिस की तरफ से किसी तरह की मदद नहीं मिली है। अगर दो दिन और घाटी जाने की अनुमति नहीं मिलती है तो उनको फिर खाली पेट सोना पड़ सकता है। उनकी प्रशासन और पुलिस से अपील है कि जल्द से जल्द घाटी जाने की अनुमति दी जाए। राजमार्ग खुलने के बाद रामबन और चिनैनी में जाम की स्थिति बन गई थी और पुलिस जाम को खुलवाने के लिए मशक्क्त कर रही थी।
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