{"_id":"6812803a28b2a25f6b0c8fe2","slug":"now-pappu-and-radha-will-not-go-to-pakistan-katra-news-c-201-1-knt1008-119754-2025-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: अब पाकिस्तान नहीं जाएंगे पप्पू और राधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: अब पाकिस्तान नहीं जाएंगे पप्पू और राधा
Thu, 01 May 2025 01:25 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Thu, 01 May 2025 01:25 AM IST
विज्ञापन
- मिली राहत, दस्तावेजी जांच के बाद अटारी से वापिस लौटाए गए
- हार पहनाकर ढोल की थाप पर हुआ स्वागत, परिवारों को मिली राहत
कठुआ। पाकिस्तान में भले ही जन्म हुआ हो, लेकिन अबोध होते हुए भारत पहुंचे। यहां के दस्तावेज हैं, नागरिकता भी मिली और अब 40 साल से भरा पूरा परिवार है। ऐसे में पप्पू राम और राधा रानी को अब पाकिस्तान नहीं जाना होगा। अटारी में उनकी दस्तावेजी जांच के बाद उन्हें जम्मू-कश्मीर वापस भेज दिया गया है।
पप्पू राम और राधा रानी खुद को खुशकिस्मत मान रहे हैं। उनका कहना है कि जहां उन्हें भेजा जा रहा था वहां उनका कोई नहीं है। भारत में चालीस साल से रहते हुए उन्होंने अपने धर्म का पालन भी किया है। हिंदू परिवार से ताल्लुक था और अब इसी में आगे बढ़ रहे हैं। जन्म भले ही पाकिस्तान में हुआ हो, लेकिन भारत में उनकी जान बसती है और यहीं उनका परिवार और भविष्य भी है।
दोपहर बाद दोनों कठुआ पहुंचे, जिसके बाद उनका लोगाें ने हार पहनाकर ढोल के साथ स्वागत किया। इसके बाद राधा रानी बसोहली के लिए, जबकि पप्पू फ्लोट गांव के लिए रवाना हुए। पप्पू ने सरकार के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान किसी के साथ भी नाइंसाफी नहीं हो रही है। वहीं फ्लोट के नागरिक जीता मेहता ने भी सरकार का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यह दो लोगों का ही नहीं बल्कि दो परिवारों के बिखरने का मामला था। समाज में भी इससे अच्छा संदेश नहीं जाता। ऐसे में सरकार ने सही कदम उठाया है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
- हार पहनाकर ढोल की थाप पर हुआ स्वागत, परिवारों को मिली राहत
कठुआ। पाकिस्तान में भले ही जन्म हुआ हो, लेकिन अबोध होते हुए भारत पहुंचे। यहां के दस्तावेज हैं, नागरिकता भी मिली और अब 40 साल से भरा पूरा परिवार है। ऐसे में पप्पू राम और राधा रानी को अब पाकिस्तान नहीं जाना होगा। अटारी में उनकी दस्तावेजी जांच के बाद उन्हें जम्मू-कश्मीर वापस भेज दिया गया है।
पप्पू राम और राधा रानी खुद को खुशकिस्मत मान रहे हैं। उनका कहना है कि जहां उन्हें भेजा जा रहा था वहां उनका कोई नहीं है। भारत में चालीस साल से रहते हुए उन्होंने अपने धर्म का पालन भी किया है। हिंदू परिवार से ताल्लुक था और अब इसी में आगे बढ़ रहे हैं। जन्म भले ही पाकिस्तान में हुआ हो, लेकिन भारत में उनकी जान बसती है और यहीं उनका परिवार और भविष्य भी है।
विज्ञापन
दोपहर बाद दोनों कठुआ पहुंचे, जिसके बाद उनका लोगाें ने हार पहनाकर ढोल के साथ स्वागत किया। इसके बाद राधा रानी बसोहली के लिए, जबकि पप्पू फ्लोट गांव के लिए रवाना हुए। पप्पू ने सरकार के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान किसी के साथ भी नाइंसाफी नहीं हो रही है। वहीं फ्लोट के नागरिक जीता मेहता ने भी सरकार का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यह दो लोगों का ही नहीं बल्कि दो परिवारों के बिखरने का मामला था। समाज में भी इससे अच्छा संदेश नहीं जाता। ऐसे में सरकार ने सही कदम उठाया है। संवाद
विज्ञापन