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Udhampur News: घास व झाड़ियों के बीच से होकर स्कूल जाते हैं बच्चे
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सरकारी प्राइमरी स्कूल चोहड़त का रास्ता न होने से घास व झाड़ियों के बीच से होकर स्कूल जाते छोटे
- 20 साल बीत जाने के बाद भी सरकारी प्राइमरी स्कूल चोहड़त का रास्ता नहीं बन पाया
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शिक्षा विभाग की ओर से ब्लॉक चिनैनी में 2005 में चोहड़त में छोटे बच्चों के लिए सरकारी प्राइमरी स्कूल बनाया गया था ताकि उन्हें पढ़ने के लिए दूर न जाना पड़े, लेकिन 20 साल बीत जाने के बाद भी स्कूल जाने के लिए रास्ता नहीं बन पाया है।
हालांकि कई बार बच्चों के अभिभावक विभाग व प्रशासन से स्कूल जाने के लिए रास्ता बनाने की मांग कर चुके हैं ताकि बच्चों को आ रही परेशानी से निजात मिल सके। मौजूदा समय में मार्ग पर उगी घास व झाड़ियों के बीच से होकर बच्चे स्कूल आते-जाते हैं। बारिश के दिनों में यह रास्ता दलदल में तबदील हो जाता है। इसके चलते कम ही बच्चे स्कूल पहुंच पाते हैं। क्षेत्र में होने वाली प्रशासनिक बैठकों में स्थानीय लोग यह मुद्दा उठा चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
स्कूल के रास्ते में उगी घास व झाड़ियों के चलते अभिभावक हर समय डरे रहते हैं, क्योंकि कई प्रकार के जहरीले जीव जंतु का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों में शंकर चंद, सुभाष सिंह, आंचल सिंह, मुदासर हुसैन, हेमराज, देवराज, चरण दास, दर्शन सिंह आदि का कहना था कि 20 साल बाद भी स्कूल जाने का रास्ता नहीं बन पाया। उन्होंने प्रशासन व विभाग से मांग की है कि स्कूल जाने का रास्ता बनाया जाए ताकि बच्चों को परेशानी से निजात मिल सके।
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काेट..
विभाग की ओर से जल्द ही स्कूल में जेड़ईपीओ को मौके पर भेजा जाएगा। जल्द से जल्द बच्चों के स्कूल पहुंचने के रास्ते को बनाने का प्रयास किया जाएगा। ताकि बच्चों को आ रही समस्या से निजात मिल सके।
-कल्पना जसरोटिया, डिप्टी मुख्य शिक्षा अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शिक्षा विभाग की ओर से ब्लॉक चिनैनी में 2005 में चोहड़त में छोटे बच्चों के लिए सरकारी प्राइमरी स्कूल बनाया गया था ताकि उन्हें पढ़ने के लिए दूर न जाना पड़े, लेकिन 20 साल बीत जाने के बाद भी स्कूल जाने के लिए रास्ता नहीं बन पाया है।
हालांकि कई बार बच्चों के अभिभावक विभाग व प्रशासन से स्कूल जाने के लिए रास्ता बनाने की मांग कर चुके हैं ताकि बच्चों को आ रही परेशानी से निजात मिल सके। मौजूदा समय में मार्ग पर उगी घास व झाड़ियों के बीच से होकर बच्चे स्कूल आते-जाते हैं। बारिश के दिनों में यह रास्ता दलदल में तबदील हो जाता है। इसके चलते कम ही बच्चे स्कूल पहुंच पाते हैं। क्षेत्र में होने वाली प्रशासनिक बैठकों में स्थानीय लोग यह मुद्दा उठा चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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स्कूल के रास्ते में उगी घास व झाड़ियों के चलते अभिभावक हर समय डरे रहते हैं, क्योंकि कई प्रकार के जहरीले जीव जंतु का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों में शंकर चंद, सुभाष सिंह, आंचल सिंह, मुदासर हुसैन, हेमराज, देवराज, चरण दास, दर्शन सिंह आदि का कहना था कि 20 साल बाद भी स्कूल जाने का रास्ता नहीं बन पाया। उन्होंने प्रशासन व विभाग से मांग की है कि स्कूल जाने का रास्ता बनाया जाए ताकि बच्चों को परेशानी से निजात मिल सके।
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काेट..
विभाग की ओर से जल्द ही स्कूल में जेड़ईपीओ को मौके पर भेजा जाएगा। जल्द से जल्द बच्चों के स्कूल पहुंचने के रास्ते को बनाने का प्रयास किया जाएगा। ताकि बच्चों को आ रही समस्या से निजात मिल सके।
-कल्पना जसरोटिया, डिप्टी मुख्य शिक्षा अधिकारी