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Udhampur News: गांवों के लिए सार्वजनिक यातायात के साधनों की दरकार
Wed, 28 May 2025 01:19 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Wed, 28 May 2025 01:19 AM IST
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बाबू राम।
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। सैल कौड़ी बैर जाने के लिए सार्वजनिक यातायात के साधनों की कमी है। इस वजह से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से सार्वजनिक यात्री वाहन उपलब्ध कराने की मांग की लेकिन उनकी समस्या का हल नहीं निकल पाया।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब नौ किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर दिन में एक, दो गाड़ियां ही चलतीं हैं। वह दो-दो फेरे लगातीं हैं। यह मार्ग तीन पंचायतों को जोड़ता है, जिसमें काफी संख्या में यात्री अपने गंतव्य पर आते-जाते रहते हैं लेकिन गाड़ियाें की संख्या कम होने के कारण उन्हें कई घंटे तक सड़क पर खड़े होकर गाड़ी का इंतजार करना पड़ता है।
यात्रियों ने बताया कि गर्मी के मौसम में तो और भी बुरा हाल है। जहां पसीने से तरबतर ग्रामीणों को खचाखच भरी गाड़ी में सफर करना पड़ता है। इस मार्ग पर नगरोटा और मनवाल से एक-एक गाड़ी आती है। एक-दो घंटे तक इंतजार करने के बाद जब गाड़ी आती है। तब तक काफी संख्या में यात्री सड़क पर इंतजार कर रहे होते हैं और गाड़ी आते ही यात्रियों को बैठने के लिए सीट तक नहीं मिल पाती। छात्रा, बुजुर्ग और बच्चों को खड़े होकर यात्रा करने में दिक्कत रहती है। वाहन के अंदर यात्रियों को खड़े होने की भी जगह नहीं मिलती तो ग्रामीणों को गाड़ी की छत पर बैठना पड़ता है।
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क्योंकि इस मार्ग पर एक सरकारी हाईस्कूल समेत कई अन्य स्कूल भी पड़ते हैं। इनके छात्र-छात्राएं और स्कूल का स्टाफ भी इसी मार्ग से गुजरता है।
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उधमपुर। सैल कौड़ी बैर जाने के लिए सार्वजनिक यातायात के साधनों की कमी है। इस वजह से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से सार्वजनिक यात्री वाहन उपलब्ध कराने की मांग की लेकिन उनकी समस्या का हल नहीं निकल पाया।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब नौ किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर दिन में एक, दो गाड़ियां ही चलतीं हैं। वह दो-दो फेरे लगातीं हैं। यह मार्ग तीन पंचायतों को जोड़ता है, जिसमें काफी संख्या में यात्री अपने गंतव्य पर आते-जाते रहते हैं लेकिन गाड़ियाें की संख्या कम होने के कारण उन्हें कई घंटे तक सड़क पर खड़े होकर गाड़ी का इंतजार करना पड़ता है।
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यात्रियों ने बताया कि गर्मी के मौसम में तो और भी बुरा हाल है। जहां पसीने से तरबतर ग्रामीणों को खचाखच भरी गाड़ी में सफर करना पड़ता है। इस मार्ग पर नगरोटा और मनवाल से एक-एक गाड़ी आती है। एक-दो घंटे तक इंतजार करने के बाद जब गाड़ी आती है। तब तक काफी संख्या में यात्री सड़क पर इंतजार कर रहे होते हैं और गाड़ी आते ही यात्रियों को बैठने के लिए सीट तक नहीं मिल पाती। छात्रा, बुजुर्ग और बच्चों को खड़े होकर यात्रा करने में दिक्कत रहती है। वाहन के अंदर यात्रियों को खड़े होने की भी जगह नहीं मिलती तो ग्रामीणों को गाड़ी की छत पर बैठना पड़ता है।
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क्योंकि इस मार्ग पर एक सरकारी हाईस्कूल समेत कई अन्य स्कूल भी पड़ते हैं। इनके छात्र-छात्राएं और स्कूल का स्टाफ भी इसी मार्ग से गुजरता है।