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युवा दिवस पर डीडीसी पंचैरी के साथ बातचीत
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युवा डीडीसी पंचैरी--जसवीर सिंह
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। देश के राष्ट्रपति से इंदिरा गांधी एनएसएस नेशनल अवार्ड प्राप्त कर चुके जसवीर सिंह जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए समाज की सेवा करने में मिसाल कायम कर रहे हैं। उन्होंने कई पुरस्कार पाए, और युवाओं के बीच खास पहचान बनाई।
वह अभी डीडीसी के तौर पर काम कर रहे हैं। लेकिन, लोगों की सेवा करने के लिए वह खुद क्षेत्रों में जाकर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि नया जम्मू-कश्मीर तैयार करने के लिए सभी 20 जिलों के युवाओं को ही मेहनत करनी होगी।
जसवीर सिंह ने 2018 में युवा मामले एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से 2018 में दक्षिण कोरिया में आयोजित यूथ एक्सचेंज कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। उन्होंने दक्षिण कोरिया जाकर वहां की संस्कृति, शिक्षा, विकास के बारे में जानकारी हासिल की थी। 2015 में दिल्ली परेड में एनएसएस की तरफ से हिस्सा लिया था। 2017 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथ से उन्होंने इंदिरा गांधी एनएसएस नेशनल अवार्ड हासिल किया। यह उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि रही। वह एनएसएस के जरिए लगातार समाज सेवा में जुड़े रहे, और अपने साथ पंचैरी, मोंगरी के युवाओं को भी जोड़ते रहे। उनको राष्ट्रीय पुरस्कार समाज सेवा में उत्कृष्ठ योगदान के लिए मिला है। 2019 में उन्होंने पुणे, महाराष्ट्र में भारतीय छात्र संसद को संबोधित करने की उपलब्धि हासिल की। इसमें उनको जम्मू-कश्मीर का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला था। वहीं, 22 दिसंबर 2020 को वह 25 वर्ष की आयु में जम्मू-कश्मीर के सबसे कम उम्र के डीडीसी बने। अब वह डीडीसी बन कर समाज की सेवा में जुटे हुए हैं।
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जसवीर सिंह ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि देश की युवा पीढ़ी बहुत ही प्रतिभाशाली है। युवाओं को अपनी प्रतिभा का सही इस्तेमाल करना चाहिए। कड़ी मेहनत से हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। मेहनत से ही हर हाथ को रोजगार मिल सकता है। सच्ची निष्ठा के साथ युवा देश की जिम्मेदारी युवाओं को ही संभालनी पड़ेगी। नया जम्मू-कश्मीर तैयार करने के लिए सभी 20 जिले के युवाओं को ही मेहनत करनी है।
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वह अभी डीडीसी के तौर पर काम कर रहे हैं। लेकिन, लोगों की सेवा करने के लिए वह खुद क्षेत्रों में जाकर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि नया जम्मू-कश्मीर तैयार करने के लिए सभी 20 जिलों के युवाओं को ही मेहनत करनी होगी।
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जसवीर सिंह ने 2018 में युवा मामले एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से 2018 में दक्षिण कोरिया में आयोजित यूथ एक्सचेंज कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। उन्होंने दक्षिण कोरिया जाकर वहां की संस्कृति, शिक्षा, विकास के बारे में जानकारी हासिल की थी। 2015 में दिल्ली परेड में एनएसएस की तरफ से हिस्सा लिया था। 2017 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथ से उन्होंने इंदिरा गांधी एनएसएस नेशनल अवार्ड हासिल किया। यह उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि रही। वह एनएसएस के जरिए लगातार समाज सेवा में जुड़े रहे, और अपने साथ पंचैरी, मोंगरी के युवाओं को भी जोड़ते रहे। उनको राष्ट्रीय पुरस्कार समाज सेवा में उत्कृष्ठ योगदान के लिए मिला है। 2019 में उन्होंने पुणे, महाराष्ट्र में भारतीय छात्र संसद को संबोधित करने की उपलब्धि हासिल की। इसमें उनको जम्मू-कश्मीर का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला था। वहीं, 22 दिसंबर 2020 को वह 25 वर्ष की आयु में जम्मू-कश्मीर के सबसे कम उम्र के डीडीसी बने। अब वह डीडीसी बन कर समाज की सेवा में जुटे हुए हैं।
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जसवीर सिंह ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि देश की युवा पीढ़ी बहुत ही प्रतिभाशाली है। युवाओं को अपनी प्रतिभा का सही इस्तेमाल करना चाहिए। कड़ी मेहनत से हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। मेहनत से ही हर हाथ को रोजगार मिल सकता है। सच्ची निष्ठा के साथ युवा देश की जिम्मेदारी युवाओं को ही संभालनी पड़ेगी। नया जम्मू-कश्मीर तैयार करने के लिए सभी 20 जिले के युवाओं को ही मेहनत करनी है।