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ऑपरेशन शील्ड: युद्ध जैसी परिस्थितियों में सुरक्षित रहने का किया अभ्यास
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आपरेशन शील्ड के तहत मॉ डि्रल में स्वास्थ्य सेवाओं का अभ्यास करत राहत दल।
प्रशासन ने आपातकालीन तैयारियों को बढ़ावा देने के लिए गांव काशीरा, गद्दी सिप्पी हॉस्टल व गुज्जर बकरवाल हॉस्टल में की मॉक डि्रल
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। आपातकालीन तैयारियों और सुरक्षा पहल के हिस्से के रूप में जिला प्रशासन ने शनिवार को डिप्टी कमिश्नर सलोनी राय की देखरेख में ऑपरेशन शील्ड के तहत एयरफोर्स स्टेशन के पास गांव काशीरा, गद्दी सिप्पी हॉस्टल और गुज्जर बकरवाल हॉस्टल स्थलों पर नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन किया।
अभ्यास में आम जनता और सभी हितधारक विभागों जैसे राजस्व, पुलिस, चिकित्सा, शिक्षा, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, दूरसंचार, यातायात, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं और अन्य सहित 400 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। यह अभ्यास लोगों को ब्लैकआउट स्थिति या किसी अप्रत्याशित संकट की घटनाओं के दौरान प्रभावी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल के बारे में शिक्षित और संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से किया गया।
मॉक ड्रिल में निकासी प्रक्रियाएं, प्राथमिक चिकित्सा प्रदर्शन, अग्नि सुरक्षा उपाय और बुनियादी बचाव अभियान शामिल थे, जिससे संकट की घटनाओं के दौरान नागरिकों को तत्काल कार्रवाई योजनाओं से प्रभावी रूप से परिचित कराया जा सके।
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स्थानीय समुदाय ने सक्रिय रूप से भाग लिया, अनुशासन के साथ निर्देशों का पालन किया और अधिकारियों के साथ मिलकर नागरिक सुरक्षा और लचीलापन रणनीतियों की अपनी समझ को गहरा किया। जिला प्रशासन ने निर्बाध अंतर-एजेंसी सहयोग और समुदाय की उत्साही भागीदारी की प्रशंसा की, इस बात पर जोर दिया कि उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में एक मजबूत प्रतिक्रिया ढांचा बनाने के लिए इस तरह के अभ्यास महत्वपूर्ण हैं।
रात आठ बजे सायरन के साथ 15 मिनट का हुआ ब्लैकआउट
रात ठीक आठ बजे सायरन के साथ पंद्रह मिनट का ब्लैक आउट कर दिया गया। जिले के प्रत्येक हिस्से में लाइटें बंद कर दी गईं। सड़कों पर गुजरना वाला ट्रैफिक भी अपनी-अपनी जगहों पर थम गया और वाहनों की लाइटें बंद कर लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। ब्लैक आउट खत्म होने पर जन जीवन फिर से सामान्य हो गया। अभियान का उद्देश्य रणनीतिक क्षेत्रों में आपात स्थितियों के लिए समुदाय की तत्परता को मजबूत करना था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। आपातकालीन तैयारियों और सुरक्षा पहल के हिस्से के रूप में जिला प्रशासन ने शनिवार को डिप्टी कमिश्नर सलोनी राय की देखरेख में ऑपरेशन शील्ड के तहत एयरफोर्स स्टेशन के पास गांव काशीरा, गद्दी सिप्पी हॉस्टल और गुज्जर बकरवाल हॉस्टल स्थलों पर नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन किया।
अभ्यास में आम जनता और सभी हितधारक विभागों जैसे राजस्व, पुलिस, चिकित्सा, शिक्षा, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, दूरसंचार, यातायात, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं और अन्य सहित 400 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। यह अभ्यास लोगों को ब्लैकआउट स्थिति या किसी अप्रत्याशित संकट की घटनाओं के दौरान प्रभावी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल के बारे में शिक्षित और संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से किया गया।
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मॉक ड्रिल में निकासी प्रक्रियाएं, प्राथमिक चिकित्सा प्रदर्शन, अग्नि सुरक्षा उपाय और बुनियादी बचाव अभियान शामिल थे, जिससे संकट की घटनाओं के दौरान नागरिकों को तत्काल कार्रवाई योजनाओं से प्रभावी रूप से परिचित कराया जा सके।
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स्थानीय समुदाय ने सक्रिय रूप से भाग लिया, अनुशासन के साथ निर्देशों का पालन किया और अधिकारियों के साथ मिलकर नागरिक सुरक्षा और लचीलापन रणनीतियों की अपनी समझ को गहरा किया। जिला प्रशासन ने निर्बाध अंतर-एजेंसी सहयोग और समुदाय की उत्साही भागीदारी की प्रशंसा की, इस बात पर जोर दिया कि उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में एक मजबूत प्रतिक्रिया ढांचा बनाने के लिए इस तरह के अभ्यास महत्वपूर्ण हैं।
रात आठ बजे सायरन के साथ 15 मिनट का हुआ ब्लैकआउट
रात ठीक आठ बजे सायरन के साथ पंद्रह मिनट का ब्लैक आउट कर दिया गया। जिले के प्रत्येक हिस्से में लाइटें बंद कर दी गईं। सड़कों पर गुजरना वाला ट्रैफिक भी अपनी-अपनी जगहों पर थम गया और वाहनों की लाइटें बंद कर लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। ब्लैक आउट खत्म होने पर जन जीवन फिर से सामान्य हो गया। अभियान का उद्देश्य रणनीतिक क्षेत्रों में आपात स्थितियों के लिए समुदाय की तत्परता को मजबूत करना था।