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प्राथमिक में दो, माध्यमिक विद्यालय में न्यूनतम पांच शिक्षक रखे विभाग
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उधमपुर: जम्मू कश्मीर टीचर ज्वाइंट एक्शन कमेटी द्वारा की गई बैठक.
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। जम्मू कश्मीर टीचर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेकेटीजेएसी) की बैठक रविवार को यूटी अध्यक्ष विनोद शर्मा तथा जिलाध्यक्ष लेख राज परिहार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मुख्य रूप से शिक्षकों के युक्तिकरण में छात्र शिक्षक अनुपात की समीक्षा की गई। साथ ही प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम दो शिक्षक और माध्यमिक में न्यूनतम पांच शिक्षक रखने को कहा।
यूटी अध्यक्ष ने सरकार से आरईटी योजना के तहत नियुक्त शिक्षकों के लंबित मुद्दों के समाधान की मांग की। इसमें उन्होंने एटीडी में शामिल कर आरईटी योजना के तहत नियुक्त शिक्षकों के लिए व्यापक स्थानांतरण नीति की मांग की। कहा कि शिक्षक 20 वर्षों से एक ही स्कूल में काम कर रहे हैं। यहां तक कि उच्च न्यायालय और कैट ने जिले में आरईटी के हस्तांतरण का समर्थन किया है। शिक्षकों से मास्टर्स तक की डीपीसी भी 2014 के बाद से नहीं की गई है।
साथ ही उन्होंने वरिष्ठता लाभों के लिए 5 वर्ष की आरईटी अवधि पूरी करने वाले छूटे हुए आरईटी का नियमितीकरण, छूटे हुए आरईटी को शिक्षक ग्रेड द्वितीय व तृतीय में परिवर्तित करना, 2 वर्ष से अधिक समय से बकाया वेतन और भत्ते का भुगतान करना, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने, इत्यादि मांगों और मुद्दों का हल करने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों के युक्तिकरण का मुद्दा भी उठाया, जहां विभाग माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की न्यूनतम संख्या पर विचार किए बिना 1:15 के अनुपात के रूप में पीटीआर के साथ सूची तैयार कर रहा है।
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उन्होंने कहा कि वह शिक्षकों के युक्तिकरण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विभाग द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया सरकारी स्कूलों के बच्चों के कल्याण के लिए नहीं है। इससे इन छात्रों की पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा से इस मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने और प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम दो शिक्षक और माध्यमिक विद्यालयों में न्यूनतम 5 शिक्षक प्रदान कर पीटीआर अनुपात की समीक्षा करने की अपील की। बैठक में शाम शर्मा, सुकेश खजूरिया, अशोक सेठ, प्रीतम गोस्वामी, आदि शामिल रहे।
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यूटी अध्यक्ष ने सरकार से आरईटी योजना के तहत नियुक्त शिक्षकों के लंबित मुद्दों के समाधान की मांग की। इसमें उन्होंने एटीडी में शामिल कर आरईटी योजना के तहत नियुक्त शिक्षकों के लिए व्यापक स्थानांतरण नीति की मांग की। कहा कि शिक्षक 20 वर्षों से एक ही स्कूल में काम कर रहे हैं। यहां तक कि उच्च न्यायालय और कैट ने जिले में आरईटी के हस्तांतरण का समर्थन किया है। शिक्षकों से मास्टर्स तक की डीपीसी भी 2014 के बाद से नहीं की गई है।
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साथ ही उन्होंने वरिष्ठता लाभों के लिए 5 वर्ष की आरईटी अवधि पूरी करने वाले छूटे हुए आरईटी का नियमितीकरण, छूटे हुए आरईटी को शिक्षक ग्रेड द्वितीय व तृतीय में परिवर्तित करना, 2 वर्ष से अधिक समय से बकाया वेतन और भत्ते का भुगतान करना, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने, इत्यादि मांगों और मुद्दों का हल करने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों के युक्तिकरण का मुद्दा भी उठाया, जहां विभाग माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की न्यूनतम संख्या पर विचार किए बिना 1:15 के अनुपात के रूप में पीटीआर के साथ सूची तैयार कर रहा है।
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उन्होंने कहा कि वह शिक्षकों के युक्तिकरण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन विभाग द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया सरकारी स्कूलों के बच्चों के कल्याण के लिए नहीं है। इससे इन छात्रों की पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा से इस मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने और प्राथमिक विद्यालयों में न्यूनतम दो शिक्षक और माध्यमिक विद्यालयों में न्यूनतम 5 शिक्षक प्रदान कर पीटीआर अनुपात की समीक्षा करने की अपील की। बैठक में शाम शर्मा, सुकेश खजूरिया, अशोक सेठ, प्रीतम गोस्वामी, आदि शामिल रहे।