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गरनई में तैयार होगा देश का पहला हाईवे विलेज
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उधमपुर: केंद्रीय मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह कॉन्फ्रेंस हॉल में अधिकारियों से बैठक करते हुए.
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। जिले में राष्ट्रीय स्तर की कई परियोजनाओं का काम चल रहा है। जल्द ही ये परियोजनाएं पूरी होंगी, और उधमपुर को नई पहचान मिलेगी। देश का पहला हाईवे विलेज भी उधमपुर में ही तैयार किया जा रहा है। इसके साथ उधमपुर की कलाड़ी को भी देश में अलग पहचान मिलेगी। यह बात केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दिशा की बैठक में कही।
बैठक के आरंभ में उधमपुर में चल रही परियोजनाओं की गति पर चर्चा की गई। मंत्री ने प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि दिशा की बैठकों का जिले के हिसाब से आयोजन किया जा रहा है। उधमपुर में आयोजित बैठक उधमपुर व रियासी जिले की है। कुछ वर्षों में उधमपुर में राष्ट्रीय स्तर की परियोजनाएं आई हैं। इनके कार्य की रविवार को समीक्षा की गई है।
मंत्री ने बताया कि देविका की एतिहासिक परियोजना का कार्य जून 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। इससे देविका को देश में अलग पहचान मिलेगी। वहीं, देश का पहला हाईवे विलेज गरनई इलाके में तैयार किया जा रहा है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत उधमपुर के व्यंजन कलाड़ी को भी देश में पहचान दी जाएगी। उपायुक्त ने इसकी ब्रांडिंग का काम शुरू कर दिया है। सांसद खेल स्पर्धा के तहत पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर जल्द खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसकी भी रूपरेखा तैयार है। खेल अब युवाओं के लिए रोजगार का साधन भी बन रहा है।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर टिकरी और जखैनी में फुट ओवर ब्रिज का प्रस्ताव राजमार्ग प्राधिकरणों को जल्द प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए बीडीसी अध्यक्षों और नगर परिषद अध्यक्ष ने भी मांग की है। इस मौके पर डीडीसी अध्यक्ष उधमपुर लाल चंद, डीडीसी उपाध्यक्ष जूही मन्हास पठानिया, उपायुक्त उधमपुर इंदु कंवल चिब, एसएसपी विनोद कुमार, नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, आदि मौजूद थे।
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इस वर्ष शुरू नहीं होगा एमबीबीएस का पहला सत्र
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पोषण कार्यक्रम के तहत भी काम शुरू कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेज की इमारत का काम शुरू कर दिया गया है। लेकिन, इस वर्ष एमबीबीएस का पहला सत्र शुरू नहीं हो सकेगा। नीट की परीक्षा के मापदंडों के कारण ही इस वर्ष पहला बैच शुरू नहीं हो पा रहा है। यही महत्वपूर्ण परियोजनाएं हैं, जो उधमपुर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देने वाले हैं।
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बैठक के आरंभ में उधमपुर में चल रही परियोजनाओं की गति पर चर्चा की गई। मंत्री ने प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि दिशा की बैठकों का जिले के हिसाब से आयोजन किया जा रहा है। उधमपुर में आयोजित बैठक उधमपुर व रियासी जिले की है। कुछ वर्षों में उधमपुर में राष्ट्रीय स्तर की परियोजनाएं आई हैं। इनके कार्य की रविवार को समीक्षा की गई है।
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मंत्री ने बताया कि देविका की एतिहासिक परियोजना का कार्य जून 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। इससे देविका को देश में अलग पहचान मिलेगी। वहीं, देश का पहला हाईवे विलेज गरनई इलाके में तैयार किया जा रहा है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत उधमपुर के व्यंजन कलाड़ी को भी देश में पहचान दी जाएगी। उपायुक्त ने इसकी ब्रांडिंग का काम शुरू कर दिया है। सांसद खेल स्पर्धा के तहत पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर जल्द खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसकी भी रूपरेखा तैयार है। खेल अब युवाओं के लिए रोजगार का साधन भी बन रहा है।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर टिकरी और जखैनी में फुट ओवर ब्रिज का प्रस्ताव राजमार्ग प्राधिकरणों को जल्द प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए बीडीसी अध्यक्षों और नगर परिषद अध्यक्ष ने भी मांग की है। इस मौके पर डीडीसी अध्यक्ष उधमपुर लाल चंद, डीडीसी उपाध्यक्ष जूही मन्हास पठानिया, उपायुक्त उधमपुर इंदु कंवल चिब, एसएसपी विनोद कुमार, नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, आदि मौजूद थे।
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इस वर्ष शुरू नहीं होगा एमबीबीएस का पहला सत्र
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पोषण कार्यक्रम के तहत भी काम शुरू कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेज की इमारत का काम शुरू कर दिया गया है। लेकिन, इस वर्ष एमबीबीएस का पहला सत्र शुरू नहीं हो सकेगा। नीट की परीक्षा के मापदंडों के कारण ही इस वर्ष पहला बैच शुरू नहीं हो पा रहा है। यही महत्वपूर्ण परियोजनाएं हैं, जो उधमपुर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देने वाले हैं।