{"_id":"621e6bb777c80c4b9418a106","slug":"mahashivratri-udhampur-news-jmu2548540156","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिव की नगरी चिनैनी में दिन भर गूंजती रहीं शिवालयों की घंटियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिव की नगरी चिनैनी में दिन भर गूंजती रहीं शिवालयों की घंटियां
विज्ञापन
चिनैनी में भंडारे का आयोजन:- संवाद
- फोटो : UDHAMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिनैनी। महाशिवरात्रि पर शिव नगरी चिनैनी बम बम बोले के जयघोष से गूंजती रही। मंदिरों में दिन भर भजन कीर्तन का दौर जारी रहा। जबकि, रात को विशेष पूजन आयोजित हुए।
भगवान शिव की बारात का साक्षी मानतलाई में भी दिन भर श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। वहां के तीन हजार साल पुराने शिव मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। जबकि, सुद्धमहादेव के ऐतिहासिक प्राचीन शिव मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की। इस दौरान मंदिर में पहुंचे भक्तों ने कतारों में लगकर भगवान शिव के दर्शनों के लिए घंटों इंतजार किया।
गौरीकुंड में भी भक्तों की आवाजाही और हर हर महादेव के जयघोष से हर ओर का नजारा भक्तिमय था। इस मंदिर में बनी गुफा से होकर गुजरते श्रद्धालु काफी उत्साहित थे। चिनैनी के मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में भी दिन भर श्रद्धालुओं ने भजन कीर्तन किया। साथ ही शिव लिंग पर जल चढ़ाकर मनोकामनाएं मांगी।
विज्ञापन
मंदिरों में तड़के साढे़ चार बजे पूजा अर्चना की गई। वहीं, शाम सात बजे, रात 10 बजे और रात साढे़ 12 बजे विशेष पूजा अर्चना व आरती की गई। जिससे पूरी चिनैनी नगरी भगवान शिव के जयघोष से गूंज उठी। मंदिर में दोपहर को विशाल भंडारा भी आयोजित हुआ, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं, चिनैनी की शिव गुफा, पुल मादा के शिव मंदिर, बैणी संगम, मंदिर दौशाला, बाबा बूढ़ाकेदार नाथ व अन्य मंदिरों में महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया गया।
-------
शिव की नगरी नाम से मशहूर है चिनैनी
चिनैनी को शिव की नगरी कहा जाता है। क्योंकि, चिनैनी के मुक्तेश्वर महादेव मंदिर से होकर भगवान शिव की बारात मानतलाई के लिए रवाना हुई थी। यह बारात 11 रुद्री मंदिर दौशाला से होकर बैणी संगम और मानतलाई पहुंची थी। चिनैनी क्षेत्र में भगवान शिव के कई प्राचीन मंदिर हैं। जिसके चलते चिनैनी को शिव की नगरी के नाम से जाना जाता है। उधर, बाबा बूढ़ा केदारनाथ व अन्य शिवालयों में भी शिवरात्रि की धूम रही। मंदिरों में विशाल भंडारे आयोजित हुए। कइयों ने भगवान शिव का प्रसाद भांग को भी चखा।
------
बाबा इटलाईनाथ की कमी खली
चिनैनी मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में 40 वर्षों से सेवा देते आ रहे योगी इटलाईनाथ की कमी इस महाशिवरात्रि में काफी खली। कुछ वर्ष पहले लंबी बिमारी के कारण उनकी मौत हो गई थी। बाबा इटलाईनाथ चिनैनी मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का रूप धारण कर तांडव करते थे। इस दौरान वह बम बम बोले का जयघोष करते थे, जिससे पूरी नगरी शिवमय हो जाती थी। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने कहा कि इस बार भी बाबा इटलाईनाथ की कमी खूब खली।
विज्ञापन
भगवान शिव की बारात का साक्षी मानतलाई में भी दिन भर श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। वहां के तीन हजार साल पुराने शिव मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। जबकि, सुद्धमहादेव के ऐतिहासिक प्राचीन शिव मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की। इस दौरान मंदिर में पहुंचे भक्तों ने कतारों में लगकर भगवान शिव के दर्शनों के लिए घंटों इंतजार किया।
विज्ञापन
गौरीकुंड में भी भक्तों की आवाजाही और हर हर महादेव के जयघोष से हर ओर का नजारा भक्तिमय था। इस मंदिर में बनी गुफा से होकर गुजरते श्रद्धालु काफी उत्साहित थे। चिनैनी के मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में भी दिन भर श्रद्धालुओं ने भजन कीर्तन किया। साथ ही शिव लिंग पर जल चढ़ाकर मनोकामनाएं मांगी।
विज्ञापन
मंदिरों में तड़के साढे़ चार बजे पूजा अर्चना की गई। वहीं, शाम सात बजे, रात 10 बजे और रात साढे़ 12 बजे विशेष पूजा अर्चना व आरती की गई। जिससे पूरी चिनैनी नगरी भगवान शिव के जयघोष से गूंज उठी। मंदिर में दोपहर को विशाल भंडारा भी आयोजित हुआ, जिसमें हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं, चिनैनी की शिव गुफा, पुल मादा के शिव मंदिर, बैणी संगम, मंदिर दौशाला, बाबा बूढ़ाकेदार नाथ व अन्य मंदिरों में महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया गया।
-------
शिव की नगरी नाम से मशहूर है चिनैनी
चिनैनी को शिव की नगरी कहा जाता है। क्योंकि, चिनैनी के मुक्तेश्वर महादेव मंदिर से होकर भगवान शिव की बारात मानतलाई के लिए रवाना हुई थी। यह बारात 11 रुद्री मंदिर दौशाला से होकर बैणी संगम और मानतलाई पहुंची थी। चिनैनी क्षेत्र में भगवान शिव के कई प्राचीन मंदिर हैं। जिसके चलते चिनैनी को शिव की नगरी के नाम से जाना जाता है। उधर, बाबा बूढ़ा केदारनाथ व अन्य शिवालयों में भी शिवरात्रि की धूम रही। मंदिरों में विशाल भंडारे आयोजित हुए। कइयों ने भगवान शिव का प्रसाद भांग को भी चखा।
------
बाबा इटलाईनाथ की कमी खली
चिनैनी मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में 40 वर्षों से सेवा देते आ रहे योगी इटलाईनाथ की कमी इस महाशिवरात्रि में काफी खली। कुछ वर्ष पहले लंबी बिमारी के कारण उनकी मौत हो गई थी। बाबा इटलाईनाथ चिनैनी मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का रूप धारण कर तांडव करते थे। इस दौरान वह बम बम बोले का जयघोष करते थे, जिससे पूरी नगरी शिवमय हो जाती थी। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने कहा कि इस बार भी बाबा इटलाईनाथ की कमी खूब खली।

चिनैनी में महाशिवरात्री पर्व पर मुक्तेशर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करते भक्त:- संवाद- फोटो : UDHAMPUR