{"_id":"683614a7c8f64be4250905e4","slug":"less-teachers-in-pm-shri-govt-school-udhampur-news-c-202-1-sjam1015-123622-2025-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: पीएम श्री सरकारी हाई स्कूल नगुलता में शिक्षकाें की कमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: पीएम श्री सरकारी हाई स्कूल नगुलता में शिक्षकाें की कमी
Wed, 28 May 2025 01:08 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Wed, 28 May 2025 01:08 AM IST
विज्ञापन
पीएम श्री गवर्नमेंट हाई स्कूल नगूलता।
350 बच्चों को पढ़ाने के लिए मात्र छह शिक्षक तैनात, अभिभावक परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शिक्षा जोन चिनैनी के सरकारी हाईस्कूल नगुलता शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहा है। पहली से 10वीं कक्षा तक की सह शिक्षा के इस स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की कुल संख्या 350 है लेकिन इन्हें पढ़ाने के लिए मात्र छह शिक्षक तैनात हैं।
साल 1952 में प्राइमरी स्कूल के तौर पर स्थापित इस स्कूल को 2005 में अपग्रेड कर मिडिल और फिर साल 2019 में हाईस्कूल बनाया गया है। इसमें शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मचारियों के कुल 17 पद स्वीकृत हैं लेकिन तैनात स्टाफ की संख्या सिर्फ सात है।
स्कूल में वरिष्ठ शिक्षकों के मंजूर सभी पांच पद खाली हैं जबकि मास्टर ग्रेड के स्वीकृत पांच पदों में से तीन खाली हैं। शिक्षणेतर कर्मचारियों में एमटीएस, कनिष्ठ सहायक, प्रयोगशाला सहायक और सफाई कर्मचारी का पद भी खाली है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यार्थी सुबह स्कूल तो आते हैं लेकिन अधिकतर कक्षाओं में शिक्षक उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण वे बिना पढ़े ही घर लौट लाते हैं। उनका गृहकार्य भी तीसरे दिन ही जांचा जाता है।
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों में पढ़ने की ललक है। मौजूद शिक्षकों की मेहनत और प्रयास से बच्चे हर साल काफी अच्छा प्रदर्शन भी कर रहे हैं लेकिन स्कूल में शिक्षकों की कमी उनके सुनहरे भविष्य पर ग्रहण लगा रही है।
अभिभावक रिंकू देवी, पूरन सिंह, करम दीन आदि ने बताया कि यह काफी चिंताजनक स्थिति है कि हर साल नया सत्र शुरू होने पर विद्यार्थियों को नई कक्षाओं में पढ़ाने के लिए शिक्षक ही उपलब्ध नहीं हो पाते।
स्कूल को पीएम श्री का दर्जा तो दे दिया गया है लेकिन यहां स्टाफ की कमी को दूर न किया जाना परेशानी का सबब बना है। उनका यह भी आरोप है कि हाल ही में तीन नए शिक्षकों को लगाया गया था लेकिन उन्होंने यहां कार्यभार ग्रहण करने से मना कर अपना तबादला दूसरे विद्यालय में करा लिया है।
वहीं, स्कूल की प्राचार्या शबनम आरा का कहना था कि स्कूल में शिक्षकों की कमी से कक्षा संचालन में परेशानी आ रही है। सिर्फ 10वीं कक्षा में ही 108 विद्यार्थी हैं। इतने बच्चों को संभालने और उन्हें पढ़ाने के लिए हमें अधिक शिक्षकों की जरूरत है। शिक्षा विभाग को स्टाफ की कमी से अवगत करा दिया गया है।
-- -- कोट-- -
स्कूल में स्टाफ की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही जरूरत के मुताबिक शिक्षकों को लगाया जाएगा ताकि छात्रों को पेश आ रही परेशानी को दूर किया जा सके। -कल्पना जसरोटिया, डिप्टी सीईओ, उधमपुर।
-- --
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शिक्षा जोन चिनैनी के सरकारी हाईस्कूल नगुलता शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहा है। पहली से 10वीं कक्षा तक की सह शिक्षा के इस स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की कुल संख्या 350 है लेकिन इन्हें पढ़ाने के लिए मात्र छह शिक्षक तैनात हैं।
साल 1952 में प्राइमरी स्कूल के तौर पर स्थापित इस स्कूल को 2005 में अपग्रेड कर मिडिल और फिर साल 2019 में हाईस्कूल बनाया गया है। इसमें शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मचारियों के कुल 17 पद स्वीकृत हैं लेकिन तैनात स्टाफ की संख्या सिर्फ सात है।
विज्ञापन
स्कूल में वरिष्ठ शिक्षकों के मंजूर सभी पांच पद खाली हैं जबकि मास्टर ग्रेड के स्वीकृत पांच पदों में से तीन खाली हैं। शिक्षणेतर कर्मचारियों में एमटीएस, कनिष्ठ सहायक, प्रयोगशाला सहायक और सफाई कर्मचारी का पद भी खाली है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यार्थी सुबह स्कूल तो आते हैं लेकिन अधिकतर कक्षाओं में शिक्षक उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण वे बिना पढ़े ही घर लौट लाते हैं। उनका गृहकार्य भी तीसरे दिन ही जांचा जाता है।
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों में पढ़ने की ललक है। मौजूद शिक्षकों की मेहनत और प्रयास से बच्चे हर साल काफी अच्छा प्रदर्शन भी कर रहे हैं लेकिन स्कूल में शिक्षकों की कमी उनके सुनहरे भविष्य पर ग्रहण लगा रही है।
अभिभावक रिंकू देवी, पूरन सिंह, करम दीन आदि ने बताया कि यह काफी चिंताजनक स्थिति है कि हर साल नया सत्र शुरू होने पर विद्यार्थियों को नई कक्षाओं में पढ़ाने के लिए शिक्षक ही उपलब्ध नहीं हो पाते।
स्कूल को पीएम श्री का दर्जा तो दे दिया गया है लेकिन यहां स्टाफ की कमी को दूर न किया जाना परेशानी का सबब बना है। उनका यह भी आरोप है कि हाल ही में तीन नए शिक्षकों को लगाया गया था लेकिन उन्होंने यहां कार्यभार ग्रहण करने से मना कर अपना तबादला दूसरे विद्यालय में करा लिया है।
वहीं, स्कूल की प्राचार्या शबनम आरा का कहना था कि स्कूल में शिक्षकों की कमी से कक्षा संचालन में परेशानी आ रही है। सिर्फ 10वीं कक्षा में ही 108 विद्यार्थी हैं। इतने बच्चों को संभालने और उन्हें पढ़ाने के लिए हमें अधिक शिक्षकों की जरूरत है। शिक्षा विभाग को स्टाफ की कमी से अवगत करा दिया गया है।
स्कूल में स्टाफ की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही जरूरत के मुताबिक शिक्षकों को लगाया जाएगा ताकि छात्रों को पेश आ रही परेशानी को दूर किया जा सके। -कल्पना जसरोटिया, डिप्टी सीईओ, उधमपुर।