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जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली पर रखी जाए कड़ी नजर
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उधमपुर। आंबेडकर वेलफेयर आर्गनाइजेशन के सदस्य गोविंद राम चलोत्रा ने शनिवार को प्रेसवार्ता कर जिला अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही बरतने सहित कई संगीन आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही प्रशासन से जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली पर कड़ी नजर रखने और मामलों की जांच की मांग उठाई है।
उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। बताया कि 28 अप्रैल वैष्णो देवी नामक महिला को स्वास्थ्य कारणों के चलते जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई और मरने के बाद उसकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई। लेकिन इसके कुछ देर बाद डाक्टरों ने उसे कोरोना पॉजिटिव करार देकर पारिवारिक सदस्यों को शव देने से इनकार कर दिया। पीड़ित परिजनों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। काफी देर के बाद शव उनके हवाले किया गया।
वहीं, चंद दिन पहले एक अन्य मामले में मानसर की एक बच्ची को जिला अस्पताल में एक घंटे में चढ़ने वाला ग्लूकोज पांच मिनट में चढ़ा दिया गया। इससे उक्त बच्ची की मौत हो गई। इसलिए प्रशासन से मांग है कि जिला अस्पताल में पेश आए मामलों की उचित जांच की जाए। साथ ही अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ी नजर रखी जाए। अन्यथा मजबूरन जिला अस्पताल प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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संपर्क करने पर सीएमओ डॉक्टर केसी डोगरा से चिकित्सा अधीक्षक से बात करने को कहा। वहीं, चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर विजय रैना ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है।
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उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। बताया कि 28 अप्रैल वैष्णो देवी नामक महिला को स्वास्थ्य कारणों के चलते जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई और मरने के बाद उसकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई। लेकिन इसके कुछ देर बाद डाक्टरों ने उसे कोरोना पॉजिटिव करार देकर पारिवारिक सदस्यों को शव देने से इनकार कर दिया। पीड़ित परिजनों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। काफी देर के बाद शव उनके हवाले किया गया।
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वहीं, चंद दिन पहले एक अन्य मामले में मानसर की एक बच्ची को जिला अस्पताल में एक घंटे में चढ़ने वाला ग्लूकोज पांच मिनट में चढ़ा दिया गया। इससे उक्त बच्ची की मौत हो गई। इसलिए प्रशासन से मांग है कि जिला अस्पताल में पेश आए मामलों की उचित जांच की जाए। साथ ही अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ी नजर रखी जाए। अन्यथा मजबूरन जिला अस्पताल प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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संपर्क करने पर सीएमओ डॉक्टर केसी डोगरा से चिकित्सा अधीक्षक से बात करने को कहा। वहीं, चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर विजय रैना ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है।