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Udhampur News: औद्योगिक हस्तशिल्प सहकारी समितियों को पंजीकरण प्रमाण पत्र बांटे
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किश्तवाड़। जिला उपायुक्त राजेश कुमार शवन ने बुधवार को हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग जम्मू की वित्तीय सहायता योजना के तहत नवगठित औद्योगिक हस्तशिल्प सहकारी समितियों को पंजीकरण प्रमाण पत्र वितरित किए।
सहायक निदेशक हस्तशिल्प किश्तवाड़ प्रदीप शान की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में हस्तशिल्प और हथकरघा निदेशालय, जम्मू के तहत पंजीकृत दो सहकारी समितियों- यूनाइटेड क्रूएल और वाइब्रेंट क्रूएल हस्तशिल्प इंडुस्को लिमिटेड को औपचारिक मान्यता दी गई। इन समितियों की स्थापना आत्मनिर्भर सहकारी अधिनियम, 1999 के तहत की गई है। इसका उद्देश्य पारंपरिक शिल्प में निहित सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देना है। योजना के प्रावधानों के अनुसार, 11 कारीगरों व बुनकरों वाली प्रत्येक पंजीकृत सोसायटी को 1.00 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी, जो दो बराबर गैर-वापसी योग्य किश्तों में वितरित की जाएगी। इस योजना में स्थानीय शिल्प की दृश्यता और बाजार पहुंच बढ़ाने के लिए समर्पित विपणन सहायता भी शामिल है। संवाद
उपायुक्त ने हस्तशिल्प विभाग के प्रयासों की सराहना की और अधिक कारीगरों और बुनकरों को शामिल करने के लिए योजना की पहुंच का विस्तार करने के महत्व पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में इंडसको के पर्यवेक्षक आबिद और हस्तशिल्प विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे।
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सहायक निदेशक हस्तशिल्प किश्तवाड़ प्रदीप शान की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में हस्तशिल्प और हथकरघा निदेशालय, जम्मू के तहत पंजीकृत दो सहकारी समितियों- यूनाइटेड क्रूएल और वाइब्रेंट क्रूएल हस्तशिल्प इंडुस्को लिमिटेड को औपचारिक मान्यता दी गई। इन समितियों की स्थापना आत्मनिर्भर सहकारी अधिनियम, 1999 के तहत की गई है। इसका उद्देश्य पारंपरिक शिल्प में निहित सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देना है। योजना के प्रावधानों के अनुसार, 11 कारीगरों व बुनकरों वाली प्रत्येक पंजीकृत सोसायटी को 1.00 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी, जो दो बराबर गैर-वापसी योग्य किश्तों में वितरित की जाएगी। इस योजना में स्थानीय शिल्प की दृश्यता और बाजार पहुंच बढ़ाने के लिए समर्पित विपणन सहायता भी शामिल है। संवाद
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उपायुक्त ने हस्तशिल्प विभाग के प्रयासों की सराहना की और अधिक कारीगरों और बुनकरों को शामिल करने के लिए योजना की पहुंच का विस्तार करने के महत्व पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में इंडसको के पर्यवेक्षक आबिद और हस्तशिल्प विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे।
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