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Udhampur News: अखरोट, कीवी और स्ट्रॉबेरी की खेती से आय बढ़ाने पर जोर
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भद्रवाह। डोडा जिले के भद्रवाह क्षेत्र की जलगा पंचायत के बोरू गांव में 22 अक्तूबर को किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिला विकास आयुक्त डोडा के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में कृषि और इससे जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने किसानों को सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता और आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी दी।
शिविर में बागवानी, कृषि, मत्स्य पालन, पशुपालन और भेड़ पालन विभागों के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया। उन्होंने किसानों को केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूक करते हुए कृषि उत्पादन बढ़ाने और आजीविका के नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।
बागवानी विकास अधिकारी (एचडीओ), भद्रवाह ने किसानों को क्षेत्र की जलवायु और परिस्थितियों के अनुकूल उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती के बारे में जानकारी दी। इसमें अखरोट, कीवी और स्ट्रॉबेरी की खेती पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने बेहतर गुणवत्ता वाले पौधों के चयन, आधुनिक बागवानी तकनीकों, पेड़ों की छंटाई एवं कैनोपी प्रबंधन और उपलब्ध सरकारी सब्सिडी के बारे में बताया।
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अधिकारियों ने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ लाभकारी नकदी फसलों को अपनाने और वैज्ञानिक तरीकों से उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। अन्य विभागों के प्रतिनिधियों ने पशुधन प्रबंधन, मत्स्य पालन, वित्तीय सहायता और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की।
शिविर में भद्रवाह घाटी के बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। किसानों ने विभागीय विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर खेती से जुड़ी समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर चिनता, भद्रवाह के पूर्व सरपंच एवं सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता कुलदीप मनहास ने प्रशासन और संबंधित विभागों की संयुक्त पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर सरकारी योजनाओं और किसानों के बीच की दूरी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों और अधिक मूल्य देने वाली फसलों को अपनाकर क्षेत्र में टिकाऊ कृषि विकास को बढ़ावा देने की अपील की।
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शिविर में बागवानी, कृषि, मत्स्य पालन, पशुपालन और भेड़ पालन विभागों के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया। उन्होंने किसानों को केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूक करते हुए कृषि उत्पादन बढ़ाने और आजीविका के नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया।
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बागवानी विकास अधिकारी (एचडीओ), भद्रवाह ने किसानों को क्षेत्र की जलवायु और परिस्थितियों के अनुकूल उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती के बारे में जानकारी दी। इसमें अखरोट, कीवी और स्ट्रॉबेरी की खेती पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने बेहतर गुणवत्ता वाले पौधों के चयन, आधुनिक बागवानी तकनीकों, पेड़ों की छंटाई एवं कैनोपी प्रबंधन और उपलब्ध सरकारी सब्सिडी के बारे में बताया।
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अधिकारियों ने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ लाभकारी नकदी फसलों को अपनाने और वैज्ञानिक तरीकों से उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। अन्य विभागों के प्रतिनिधियों ने पशुधन प्रबंधन, मत्स्य पालन, वित्तीय सहायता और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की।
शिविर में भद्रवाह घाटी के बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। किसानों ने विभागीय विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर खेती से जुड़ी समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर चिनता, भद्रवाह के पूर्व सरपंच एवं सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता कुलदीप मनहास ने प्रशासन और संबंधित विभागों की संयुक्त पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर सरकारी योजनाओं और किसानों के बीच की दूरी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों और अधिक मूल्य देने वाली फसलों को अपनाकर क्षेत्र में टिकाऊ कृषि विकास को बढ़ावा देने की अपील की।