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Udhampur News: महिलाओं को संतुलित आहार, प्रोटीन और स्वस्थ खान-पान के प्रति किया जागरूक
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उधमपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से पोषण माह के तहत शुक्रवार को आंगनबाड़ी केंद्र गंगेड़ा-दलाह में स्वास्थ्य एवं पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 25 से 30 महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान महिलाओं को स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, आहार में विविधता और पर्याप्त प्रोटीन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में बताया गया कि रोजमर्रा के भोजन में पर्याप्त पोषक तत्वों को शामिल करना महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, स्तनपान करवाने वाली माताओं और छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की माताओं को पौष्टिक एवं संतुलित आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध और कम लागत वाले खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने के तरीके भी बताए गए। महिलाओं को दालें, सोयाबीन, दूध, दही और मूंगफली जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही भोजन में कम तेल, कम चीनी और कम नमक के इस्तेमाल पर जोर दिया गया। महिलाओं को बताया गया कि संतुलित और पौष्टिक आहार नियमित रूप से लेने से शरीर को आवश्यक प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व मिलते हैं। कार्यक्रम में प्रोटीन युक्त व्यंजनों की टेस्टिंग भी करवाई गई। महिलाओं को स्थानीय खाद्य सामग्री से पौष्टिक व्यंजन तैयार करने के तरीके बताए गए, ताकि परिवारों में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़े और खान-पान की आदतों में सकारात्मक बदलाव आए। कार्यक्रम के अंत में लाभार्थियों को राशन वितरित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पोषण प्रोजेक्ट की सीडीपीओ कन्नू मगोत्रा के मार्गदर्शन और पोषण सुपरवाइजर नीतू शर्मा की देखरेख में किया गया। इस मौके पर एएमसी सदस्य, एसएचजी सदस्य, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान करवाने वाली माताएं और छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की माताएं मौजूद रहीं।
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कार्यक्रम में बताया गया कि रोजमर्रा के भोजन में पर्याप्त पोषक तत्वों को शामिल करना महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, स्तनपान करवाने वाली माताओं और छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की माताओं को पौष्टिक एवं संतुलित आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध और कम लागत वाले खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने के तरीके भी बताए गए। महिलाओं को दालें, सोयाबीन, दूध, दही और मूंगफली जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही भोजन में कम तेल, कम चीनी और कम नमक के इस्तेमाल पर जोर दिया गया। महिलाओं को बताया गया कि संतुलित और पौष्टिक आहार नियमित रूप से लेने से शरीर को आवश्यक प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व मिलते हैं। कार्यक्रम में प्रोटीन युक्त व्यंजनों की टेस्टिंग भी करवाई गई। महिलाओं को स्थानीय खाद्य सामग्री से पौष्टिक व्यंजन तैयार करने के तरीके बताए गए, ताकि परिवारों में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़े और खान-पान की आदतों में सकारात्मक बदलाव आए। कार्यक्रम के अंत में लाभार्थियों को राशन वितरित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पोषण प्रोजेक्ट की सीडीपीओ कन्नू मगोत्रा के मार्गदर्शन और पोषण सुपरवाइजर नीतू शर्मा की देखरेख में किया गया। इस मौके पर एएमसी सदस्य, एसएचजी सदस्य, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान करवाने वाली माताएं और छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की माताएं मौजूद रहीं।
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