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Udhampur News: हाथ कढ़ाई में आत्मनिर्भर बनकर दूसरों का भी पकड़ा हाथ
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शेफाली के बनाए गए उत्पाद।
- फोटो : udhampur news
उधमपुर। जिले के जिब की शेफाली शर्मा (25) ने हाथ कढ़ाई (हैंड एम्ब्रॉयडरी) के क्षेत्र में कार्य शुरू कर न सिर्फ आत्मनिर्भर बनी बल्कि गांव की 30 से अधिक महिलाओं को भी प्रशिक्षित कर स्वरोजगार के काबिल बनाया है।
शेफाली साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। स्नातक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने लगभग चार वर्ष पहले हाथ कढ़ाई का कार्य शुरू किया। हिमाचल से प्रशिक्षण हासिल कर जूट बैग, पानी का बोतल कवर और हस्तनिर्मित खादी उत्पादों का निर्माण कर खादी के प्रचार-प्रसार और पर्यावरण संरक्षण को लक्ष्य बनाया।
उनकी विशेषता यह है कि उन्होंने आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर दिया। क्षेत्र की लगभग 30 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा। ये महिलाएं मिलकर उत्पाद तैयार करती हैं और संयुक्त रूप से बिक्री करती हैं। सामूहिक प्रयास ने महिलाओं को नियमित आय का साधन दिया और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया।
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शेफाली कहती हैं कि उत्पादों को विभिन्न प्रदर्शनियों में सराहना मिली। केवल प्रदर्शनियों के माध्यम से ही आमदन एक लाख रुपये से अधिक तक पहुंच चुकी है। ऑनलाइन मार्केट में उत्पादों की मांग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वर्तमान में मासिक आय दस हजार रुपये से अधिक है, जो ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह पहल केवल आय का साधन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मविश्वास की मिसाल है।
शेफाली का कहना है कि सही प्रशिक्षण, मेहनत और सामूहिक प्रयास से महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से जीवन को बदल सकती हैं। उनकी आगामी योजना अपने कार्य को विस्तार देने की है जिसके लिए प्रशासन के सहयोग से स्वरोजगार इकाई स्थापित करने का प्रयास कर रही हैं।
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शेफाली साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। स्नातक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने लगभग चार वर्ष पहले हाथ कढ़ाई का कार्य शुरू किया। हिमाचल से प्रशिक्षण हासिल कर जूट बैग, पानी का बोतल कवर और हस्तनिर्मित खादी उत्पादों का निर्माण कर खादी के प्रचार-प्रसार और पर्यावरण संरक्षण को लक्ष्य बनाया।
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उनकी विशेषता यह है कि उन्होंने आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर दिया। क्षेत्र की लगभग 30 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा। ये महिलाएं मिलकर उत्पाद तैयार करती हैं और संयुक्त रूप से बिक्री करती हैं। सामूहिक प्रयास ने महिलाओं को नियमित आय का साधन दिया और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया।
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शेफाली कहती हैं कि उत्पादों को विभिन्न प्रदर्शनियों में सराहना मिली। केवल प्रदर्शनियों के माध्यम से ही आमदन एक लाख रुपये से अधिक तक पहुंच चुकी है। ऑनलाइन मार्केट में उत्पादों की मांग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वर्तमान में मासिक आय दस हजार रुपये से अधिक है, जो ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह पहल केवल आय का साधन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मविश्वास की मिसाल है।
शेफाली का कहना है कि सही प्रशिक्षण, मेहनत और सामूहिक प्रयास से महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से जीवन को बदल सकती हैं। उनकी आगामी योजना अपने कार्य को विस्तार देने की है जिसके लिए प्रशासन के सहयोग से स्वरोजगार इकाई स्थापित करने का प्रयास कर रही हैं।