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Udhampur News: खजूरिया ने रक्षा मंत्री से की मुलाकात, सीमावर्ती परिवारों की समस्याओं को उठाया
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रक्षा मंत्री से मुलाकात करते हुए वरिष्ठ नेता पवन खजूरिया।
- फोटो : udhampur news
उधमपुर। समाजसेवक पवन खजूरिया ने नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट कर जम्मू-कश्मीर से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बात की। उन्होंने विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं को उनके समक्ष उठाया।
मुलाकात के दौरान खजूरिया ने सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को झेलनी पड़ रही रोजमर्रा की कठिनाइयों की ओर रक्षा मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। विशेष रूप से उधमपुर जिले का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि कई मामलों में सेना को भूमि हस्तांतरण होने के बावजूद प्रभावित परिवारों को अब तक उचित मुआवजा प्राप्त नहीं हुआ है।
उन्होंने यह भी अवगत कराया कि वर्तमान में सेना के कब्जे वाली जमीनों के किराये में बढ़ोतरी की मांग स्थानीय लोग लंबे समय से कर रहे हैं। भुगतान में देरी और अपर्याप्त मुआवजे के कारण लोगों को गंभीर आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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खजूरिया ने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि संबंधित विभागों को निर्देशित कर सभी लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। उन्होंने कुछ गांवों के भीतर स्थापित आर्मी गेटों का मुद्दा भी उठाया, जिनके कारण स्थानीय नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन गेटों के चलते लोगों की दैनिक आवाजाही प्रभावित हो रही है तथा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच में बाधा उत्पन्न हो रही है।
विशेषकर आपातकालीन परिस्थितियों में खासकर रात के समय, ग्रामीणों को अस्पताल और चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचने में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। खजूरिया ने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की कठिनाइयों को कम करने के लिए व्यावहारिक समाधान निकाला जाए। खजूरिया ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों के माध्यम से मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा।
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मुलाकात के दौरान खजूरिया ने सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को झेलनी पड़ रही रोजमर्रा की कठिनाइयों की ओर रक्षा मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। विशेष रूप से उधमपुर जिले का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि कई मामलों में सेना को भूमि हस्तांतरण होने के बावजूद प्रभावित परिवारों को अब तक उचित मुआवजा प्राप्त नहीं हुआ है।
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उन्होंने यह भी अवगत कराया कि वर्तमान में सेना के कब्जे वाली जमीनों के किराये में बढ़ोतरी की मांग स्थानीय लोग लंबे समय से कर रहे हैं। भुगतान में देरी और अपर्याप्त मुआवजे के कारण लोगों को गंभीर आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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खजूरिया ने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि संबंधित विभागों को निर्देशित कर सभी लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। उन्होंने कुछ गांवों के भीतर स्थापित आर्मी गेटों का मुद्दा भी उठाया, जिनके कारण स्थानीय नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन गेटों के चलते लोगों की दैनिक आवाजाही प्रभावित हो रही है तथा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच में बाधा उत्पन्न हो रही है।
विशेषकर आपातकालीन परिस्थितियों में खासकर रात के समय, ग्रामीणों को अस्पताल और चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचने में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। खजूरिया ने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की कठिनाइयों को कम करने के लिए व्यावहारिक समाधान निकाला जाए। खजूरिया ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों के माध्यम से मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा।