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अब मांगें पूरी होने के बाद ही हड़ताल खत्म होगी
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उधमपुर। सफाई कर्मियों ने मांगों को लेकर मंगलवार दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रख प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी ने बताया कि छह हजार रुपये के वेतन में परिवार का गुजारा करना मुश्किल है। उनके पास हड़ताल के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने के बाद ही हड़ताल खत्म होगी।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के कार्यकारी प्रधान गिरधारी लाल के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों ने सुबह से शाम तक नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें काम करते हुए 10 साल से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन उन्हें स्थायी नहीं किया गया। हर बार आश्वासन ही मिलते रहे। अब सब्र का बांध टूट गया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें सिर्फ छह हजार प्रति माह वेतन दिया जा रहा है। उनके बच्चे स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ रहे हैं। इतने कम वेतन में उनकी फीस भरना ही मुश्किल है। घर का गुजारा करना तो दूर की बात है। उन्होंने साफ कह दिया कि स्थायी होने के बाद ही उनकी आर्थिक तंगी दूर हो सकती है, लेकिन सरकार उनकी मांगों को नजरंदाज कर रही है। उन्हें स्थायी करने के लिए कोई योजना भी नहीं बनाई गई। नगर परिषद कार्यालय में कई सफाई कर्मचारियों के पद खाली पड़े हैं। खाली पदों पर उनकी स्थायी नियुक्ति की जा सकती है। यही नहीं मिनिमम वेज एक्ट लागू करके भी उनकी आर्थिक तंगी कुछ हद तक दूर की जा सकती है, लेकिन सरकार इसके लिए भी कुछ नहीं कर रही है। इससे पहले चार बार हड़ताल कर सरकार के सामने मांगों को रखा जा चुका है। हर बार आश्वासन देकर हड़ताल खत्म करवा दी, लेकिन अब मांगें पूरी होने के बाद ही हड़ताल खत्म होगी।
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अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के कार्यकारी प्रधान गिरधारी लाल के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों ने सुबह से शाम तक नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें काम करते हुए 10 साल से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन उन्हें स्थायी नहीं किया गया। हर बार आश्वासन ही मिलते रहे। अब सब्र का बांध टूट गया है।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें सिर्फ छह हजार प्रति माह वेतन दिया जा रहा है। उनके बच्चे स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ रहे हैं। इतने कम वेतन में उनकी फीस भरना ही मुश्किल है। घर का गुजारा करना तो दूर की बात है। उन्होंने साफ कह दिया कि स्थायी होने के बाद ही उनकी आर्थिक तंगी दूर हो सकती है, लेकिन सरकार उनकी मांगों को नजरंदाज कर रही है। उन्हें स्थायी करने के लिए कोई योजना भी नहीं बनाई गई। नगर परिषद कार्यालय में कई सफाई कर्मचारियों के पद खाली पड़े हैं। खाली पदों पर उनकी स्थायी नियुक्ति की जा सकती है। यही नहीं मिनिमम वेज एक्ट लागू करके भी उनकी आर्थिक तंगी कुछ हद तक दूर की जा सकती है, लेकिन सरकार इसके लिए भी कुछ नहीं कर रही है। इससे पहले चार बार हड़ताल कर सरकार के सामने मांगों को रखा जा चुका है। हर बार आश्वासन देकर हड़ताल खत्म करवा दी, लेकिन अब मांगें पूरी होने के बाद ही हड़ताल खत्म होगी।
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