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Udhampur News: जलशक्ति कर्मियों ने की सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
Wed, 27 May 2026 12:46 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Wed, 27 May 2026 12:46 AM IST
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जम्मू क्षेत्र से भेदभाव का लगाया आरोप आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दी
संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को रियासी मुख्यालय पर जम्मू-कश्मीर सरकार और भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उग्र प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार पर जम्मू क्षेत्र के साथ लगातार भेदभाव करने का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कश्मीर संभाग में सरकार द्वारा लगभग 800 वर्करों के लिए ऑर्डर जारी कर दिए गए, लेकिन जम्मू क्षेत्र के कर्मचारियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। कर्मचारियों ने जलशक्ति विभाग के मंत्री जावेद राणा पर भी वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग के लिए 200 करोड़ रुपये जारी करने का उनका आश्वासन सिर्फ एक खोखला वादा साबित हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और नेशनल कॉन्फ्रेंस की कथित मिलीभगत के कारण ही अस्थायी कर्मचारियों की अनदेखी हो रही है।कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें एक सप्ताह का समय दिया है। यदि इस तय समय सीमा के भीतर उनकी मांगों का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर जिला प्रशासन के खिलाफ आर-पार का बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
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रियासी। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को रियासी मुख्यालय पर जम्मू-कश्मीर सरकार और भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उग्र प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार पर जम्मू क्षेत्र के साथ लगातार भेदभाव करने का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कश्मीर संभाग में सरकार द्वारा लगभग 800 वर्करों के लिए ऑर्डर जारी कर दिए गए, लेकिन जम्मू क्षेत्र के कर्मचारियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। कर्मचारियों ने जलशक्ति विभाग के मंत्री जावेद राणा पर भी वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग के लिए 200 करोड़ रुपये जारी करने का उनका आश्वासन सिर्फ एक खोखला वादा साबित हुआ है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और नेशनल कॉन्फ्रेंस की कथित मिलीभगत के कारण ही अस्थायी कर्मचारियों की अनदेखी हो रही है।कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें एक सप्ताह का समय दिया है। यदि इस तय समय सीमा के भीतर उनकी मांगों का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर जिला प्रशासन के खिलाफ आर-पार का बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
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