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तेज बारिश में रोकने पड़े भक्तों को कदम, बरसाती ओढ़कर बढ़े आगे
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बारिश कम हाने के बाद श्रदालु दुकान से बरसाती खरीद कर भवन की और जाते हुए
- फोटो : KATRA
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कटड़ा। धर्मनगरी में मंगलवार को हुई तेज बारिश ने कुछ समय के लिए श्रद्धालुओं के कदम रोक दिए। इसके बाद जब बारिश थोड़ी हल्की हुई तो बरसाती ओढ़कर श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए भवन की ओर बढ़े। बारिश और धुंध के कारण लगातार दूसरे दिन हेलिकॉप्टर सेवा प्रभावित होने से भक्तों को परेशानी हुई। वहीं, बैटरी कार और रोपवे सेवा बहाल होने से उन्हें थोड़ी राहत मिली।
कटड़ा में त्रिकूट पर्वत पर धुंध होने के कारण सुबह से ही हेलिकॉप्टर सेवा प्रभावित रही। इससे ऑनलाइन बुकिंग करवा चुके यात्रियों के हाथ निराशा लगी। काफी देर इंतजार करने के बाद लोगों को पालकी व घोड़े का सहारा लेकर भवन की ओर प्रस्थान करना पड़ा। वहीं, दोपहर को तेज बारिश होने से यात्रियों को अपने कदम कुछ समय के लिए रोकने पड़े। पहाड़ी रास्ता और फिसलन होने के कारण किसी ने यात्रा करना सही नहीं समझा। मार्ग पर बने शेड उनके लिए काफी राहत भरे रहे।
आधार शिविर से यात्रा शुरू करने वाले भक्त बरसाती ओढ़कर भवन की ओर जाते नजर आए। पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को 19443 भक्तों ने प्राकृतिक पिंडियों के समक्ष नमन किया था। वहीं, मंगलवार को शाम छह बजे तक 13 हजार से अधिक भक्त अपना पंजीकरण करवा कर भवन की ओर प्रस्थान का चुके थे। हेलिकॉप्टर सेवा प्रभावित रहने के बावजूद हिमकोटि मार्ग पर बैटरी कार और भवन से भैरव घाटी के लिए रोपवे सेवा बहाल रहने से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली।
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कटड़ा में त्रिकूट पर्वत पर धुंध होने के कारण सुबह से ही हेलिकॉप्टर सेवा प्रभावित रही। इससे ऑनलाइन बुकिंग करवा चुके यात्रियों के हाथ निराशा लगी। काफी देर इंतजार करने के बाद लोगों को पालकी व घोड़े का सहारा लेकर भवन की ओर प्रस्थान करना पड़ा। वहीं, दोपहर को तेज बारिश होने से यात्रियों को अपने कदम कुछ समय के लिए रोकने पड़े। पहाड़ी रास्ता और फिसलन होने के कारण किसी ने यात्रा करना सही नहीं समझा। मार्ग पर बने शेड उनके लिए काफी राहत भरे रहे।
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आधार शिविर से यात्रा शुरू करने वाले भक्त बरसाती ओढ़कर भवन की ओर जाते नजर आए। पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को 19443 भक्तों ने प्राकृतिक पिंडियों के समक्ष नमन किया था। वहीं, मंगलवार को शाम छह बजे तक 13 हजार से अधिक भक्त अपना पंजीकरण करवा कर भवन की ओर प्रस्थान का चुके थे। हेलिकॉप्टर सेवा प्रभावित रहने के बावजूद हिमकोटि मार्ग पर बैटरी कार और भवन से भैरव घाटी के लिए रोपवे सेवा बहाल रहने से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली।

बारिश कम हाने के बाद श्रदालु दुकान से बरसाती खरीद कर भवन की और जाते हुए- फोटो : KATRA
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