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Udhampur News: शिष्य के ज्ञान को जागृत करता है गुरु
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। आजकल समाज में अनेक पंथ शुरू हो गए हैं। हम उनका विरोध नहीं करते। हमें विरोध है, उनके झूठे आश्वासनों से। वह कहते हैं, हम तुम्हें भवसागर से पार करवा देंगे। लेकिन, ऐसा नहीं होता। यह बातें वीनस चैक के पास जारी श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक सुभाष शास्त्री ने संगत से कहीं।
उन्होंने कहा कि गुरु शिष्य को कोई नया ज्ञान नहीं देता है। वह तो उसके भीतर पहले से विद्यमान ज्ञान को ही जागृत करता है। गुरु समझाते हैं कि आप अपने को (देह) लहर समझ रहे हैं, जल (आत्मा) नहीं। जब आपकोे गुरु कृपा से यह ज्ञान हो जाएगा कि आप लहर नहीं जल हैं, तो आपको फिर कुछ खोजने, जानने और पहचानने की आवश्यकता नहीं रह जाएगी।
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उधमपुर। आजकल समाज में अनेक पंथ शुरू हो गए हैं। हम उनका विरोध नहीं करते। हमें विरोध है, उनके झूठे आश्वासनों से। वह कहते हैं, हम तुम्हें भवसागर से पार करवा देंगे। लेकिन, ऐसा नहीं होता। यह बातें वीनस चैक के पास जारी श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक सुभाष शास्त्री ने संगत से कहीं।
उन्होंने कहा कि गुरु शिष्य को कोई नया ज्ञान नहीं देता है। वह तो उसके भीतर पहले से विद्यमान ज्ञान को ही जागृत करता है। गुरु समझाते हैं कि आप अपने को (देह) लहर समझ रहे हैं, जल (आत्मा) नहीं। जब आपकोे गुरु कृपा से यह ज्ञान हो जाएगा कि आप लहर नहीं जल हैं, तो आपको फिर कुछ खोजने, जानने और पहचानने की आवश्यकता नहीं रह जाएगी।
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