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Udhampur News: समय पर बारिश न होने से डेढ़ माह देरी से शुरू हुई मक्की की बुआई
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चिनैनी में पड़ते सुद्धमहादेव क्षेत्र में मक्की के बीच लगाते किसान।
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। किसानों को इस बार मौसम की बेरुखी का सामना करना पड़ा है। समय पर बारिश न होने से किसानों को तकरीबन डेढ़ महीना देरी से मक्की की बुआई करनी पड़ी। जिले में कृषि के हब कहलाने वाले चिनैनी क्षेत्र में हाल ही में हुई बाारिश के बाद गांवों में किसान मक्की की बुआई कर रहे हैं। इस क्षेत्र में लगभग 40 प्रतिशत किसान मक्की की फसल लगाते हैं।
लगातार बदलते मौसम ने किसानों को काफी परेशान किया। मक्की की फसल की बुआई अप्रैल के मध्यम में शुरू कर दी जाती है, लेकिन इस बार बारिश समय पर नहीं हुई। लिहाजा किसानों को फसल की बुआई के लिए इंतजार करना पड़ा। किसान पुरुषोत्तम कुमार, शंकर चंद, कीमती राम, गौरी शंकर, प्रेम सिंह व मोहम्मद यूसुफ का कहना था कि अगर समय पर बारिश हो जाती तो इस समय एक फुट तक मक्की की फसल हो चुकी होती। उन्होंने बताया कि अगर समय पर बुआई न की जाए तो पैदावार में कमी आती है। क्षेत्र में कई इलाकों में पानी की बहुत कमी है। फसल लगाने के लिए किसान पूरी तरह से बारिश पर ही निर्भर हैं।
काेट..
किसान मक्की की फसल की बुआई 20 जून तक कर सकते हैं। कई क्षेत्रों में फसल की बुआई हो चुकी है, कुछ में चल रही है। अगर देर से भी मक्की की बुआई की जाती है तो पैदावार में कोई खास कमी नहीं आती।
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- हरबंस सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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उधमपुर। किसानों को इस बार मौसम की बेरुखी का सामना करना पड़ा है। समय पर बारिश न होने से किसानों को तकरीबन डेढ़ महीना देरी से मक्की की बुआई करनी पड़ी। जिले में कृषि के हब कहलाने वाले चिनैनी क्षेत्र में हाल ही में हुई बाारिश के बाद गांवों में किसान मक्की की बुआई कर रहे हैं। इस क्षेत्र में लगभग 40 प्रतिशत किसान मक्की की फसल लगाते हैं।
लगातार बदलते मौसम ने किसानों को काफी परेशान किया। मक्की की फसल की बुआई अप्रैल के मध्यम में शुरू कर दी जाती है, लेकिन इस बार बारिश समय पर नहीं हुई। लिहाजा किसानों को फसल की बुआई के लिए इंतजार करना पड़ा। किसान पुरुषोत्तम कुमार, शंकर चंद, कीमती राम, गौरी शंकर, प्रेम सिंह व मोहम्मद यूसुफ का कहना था कि अगर समय पर बारिश हो जाती तो इस समय एक फुट तक मक्की की फसल हो चुकी होती। उन्होंने बताया कि अगर समय पर बुआई न की जाए तो पैदावार में कमी आती है। क्षेत्र में कई इलाकों में पानी की बहुत कमी है। फसल लगाने के लिए किसान पूरी तरह से बारिश पर ही निर्भर हैं।
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किसान मक्की की फसल की बुआई 20 जून तक कर सकते हैं। कई क्षेत्रों में फसल की बुआई हो चुकी है, कुछ में चल रही है। अगर देर से भी मक्की की बुआई की जाती है तो पैदावार में कोई खास कमी नहीं आती।
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- हरबंस सिंह, जिला कृषि अधिकारी