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लगातार बारिश से नरसू नाला क्षेत्र में बढ़ा भूस्खलन का खतरा
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उधमपुर। लगातार बारिश के चलते नरसू नाला क्षेत्र में कई रिहायशी मकानों के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। करीब सात मकानों को काफी नुकसान पंहुचा है। जिस पहाड़ी पर यह मकान बने हैं वह लगातार खिसक रहा है। रविवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उनका कहना था कि प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
करीब 15 दिन पहले ही इन लोगों को मकान खाली करने को कहा गया था, लेकिन अभी तक वह वहीं डटे हुए हैं। जिसे देखते हुए रविवार को फिर स्थिति का जायजा लिया है। लोगों को आश्वस्त किया गया है कि जिला प्रशासन की ओर से उनकी हर संभव सहायता की जाएगी। इसलिए जितना जल्द हो सके वह अपने मकान खाली कर दें।
स्थानीय लोगों का कहना था कि हाईवे निर्माण के कारण पहाड़ी को काटा गया था, जिससे उनके मकानों के नीचे की तरफ गहरी खाई बन गई है। बरसात के बाद अब यह पहाड़ी पूरी खिसक रही है और लगातार भूस्खलन की स्थिति बनती जा रही है। इससे सात मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन उनसे लगातार मकानों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कह रहा है, लेकिन गरीब होने के कारण उनके लिए किसी अन्य जगह का बंदोबस्त करना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन की ओर से सहायता का आश्वासन तो दिया गया है, लेकिन अभी तक टेंट तक नहीं दिए हैं। इस वजह से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। घर का सारा सामान एकदम से शिफ्ट कर वह कहां ले जाएं कुछ समझ नहीं आ रहा है।
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सरपंच मक्खना देवी ने बताया कि नेशनल हाईवे-44 के निर्माण कार्य के चलते नरसू नाला के इस क्षेत्र में काफी समय से भूस्खलन हो रहा है। लगातार बारिश के कारण इसमें काफी तेजी आ गई है, जिससे सात घरों को काफी नुकसान हुआ है। कइयों की दीवारें गिर गई हैं। पहाड़ी लगातार खिसक रही है। प्रशासन के साथ हाईवे निर्माण में लगी कंपनी भी लगातार संपर्क में है। अब प्रशासन की ओर से लोगों को शिफ्ट करने की योजना बनाई गई है। इसलिए प्रशासन से अपील है कि इन लोगों के लिए उचित व्यवस्था की जाए।
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करीब 15 दिन पहले ही इन लोगों को मकान खाली करने को कहा गया था, लेकिन अभी तक वह वहीं डटे हुए हैं। जिसे देखते हुए रविवार को फिर स्थिति का जायजा लिया है। लोगों को आश्वस्त किया गया है कि जिला प्रशासन की ओर से उनकी हर संभव सहायता की जाएगी। इसलिए जितना जल्द हो सके वह अपने मकान खाली कर दें।
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स्थानीय लोगों का कहना था कि हाईवे निर्माण के कारण पहाड़ी को काटा गया था, जिससे उनके मकानों के नीचे की तरफ गहरी खाई बन गई है। बरसात के बाद अब यह पहाड़ी पूरी खिसक रही है और लगातार भूस्खलन की स्थिति बनती जा रही है। इससे सात मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन उनसे लगातार मकानों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कह रहा है, लेकिन गरीब होने के कारण उनके लिए किसी अन्य जगह का बंदोबस्त करना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन की ओर से सहायता का आश्वासन तो दिया गया है, लेकिन अभी तक टेंट तक नहीं दिए हैं। इस वजह से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। घर का सारा सामान एकदम से शिफ्ट कर वह कहां ले जाएं कुछ समझ नहीं आ रहा है।
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सरपंच मक्खना देवी ने बताया कि नेशनल हाईवे-44 के निर्माण कार्य के चलते नरसू नाला के इस क्षेत्र में काफी समय से भूस्खलन हो रहा है। लगातार बारिश के कारण इसमें काफी तेजी आ गई है, जिससे सात घरों को काफी नुकसान हुआ है। कइयों की दीवारें गिर गई हैं। पहाड़ी लगातार खिसक रही है। प्रशासन के साथ हाईवे निर्माण में लगी कंपनी भी लगातार संपर्क में है। अब प्रशासन की ओर से लोगों को शिफ्ट करने की योजना बनाई गई है। इसलिए प्रशासन से अपील है कि इन लोगों के लिए उचित व्यवस्था की जाए।