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जम्मू संभाग के विस्थापितों ने प्रदर्शन किया

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Displaced people of Jammu division demonstrated
जम्मू प्रांत के विस्थापितों ने शहीद भगत सिंह पार्क में किया प्रदर्शन। संवाद - फोटो : UDHAMPUR
उधमपुर। आतंकवाद के दौरान जम्मू संभाग के विभिन्न इलाकों से विस्थापित हुए लोगों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को नगर के शहीद भगत सिंह पार्क में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी कर रहे लोगों ने मांग की कि कश्मीरी विस्थापितों की तरह उन्हें भी मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि कश्मीरी विस्थापितों की तरह वे भी पिछले करीब तीन दशक से विस्थापन का दर्द झेल रहें हैं। सरकार की तरफ से उन्हें सिवाय उपेक्षा के कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। पिछले 25 सालों से वे अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहें हैं। इसके लिए उन्हें कोर्ट का दरवाजा तक भी खटखटाना पड़ा था।
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वहीं प्रदर्शन में शामिल संजे सिंह ने कहा कि सरकार जम्मू संभाग के विस्थापितों के साथ बिल्कुल भी इंसाफ नहीं कर रही है। कश्मीरी विस्थापितों की तरह उन्हें भी सुविधाएं दी जानी चाहिए थी, लेकिन सरकार उनकी अनदेखी करती आ रही है। अभी हाल ही में सरकार ने कश्मीरी विस्थापितों को रोजगार कोटा के तहत रोजगार मुहैया करवाए, लेकिन उन्हें किसी तरह को कोई रोजगार नहीं दिया गया है। उन्हें मकान की सुविधा नहीं मिली है, राशन कार्ड और आरबीए प्रमाण पत्र तक उनके नहीं बन पा रहे हैं।
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वहीं जम्मू विस्थापित संघ के प्रधान शेर सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद उन्हें राशन और रिलीफ की सुविधा शुरू की गई थी। इसके अलावा कुछ भी मदद नहीं मिल पा रही है। उनकी जमीनों को वापस दिलाने के लिए कुछ नहीं किया गया है। आतंकवाद का गढ़ रहे डोडा, गूल, संगलदान, रामबन आदि इलाकों से उन्हें भी अपनी जमीनों व घरों को छोड़कर पलायन करना पड़ा था, जिन्हें अब कब्जा लिया गया है। सरकार उनकी जमीनों को वापस दिलाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक 1990 के बाद कब्जाई गई विस्थापितों की जमीनों को उन्हें वापस लौटने का प्रावधान किया गया है। अपने साथ हो रहे भेदभाव व अन्याय के खिलाफ उन्हें फिर से प्रदर्शन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होना पड़ा है। अगर उन्हें कश्मीरी विस्थापितों की तरह सुविधाएं नहीं मिली तो वे फिर से सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और वहां बताएंगे कि कश्मीरी विस्थापितों की तरह जम्मू संभाग के विस्थापितों को भी बराबर सुविधाएं देने का आदेश जो जारी किया गया है तो सरकार उसे जमीनी स्तर पर क्यों लागू नहीं कर रही है।
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