{"_id":"62b74eab24ec64761a1b6112","slug":"development-udhampur-news-jmu262675811","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैंती-बेलचा लेकर खुद ही सड़क की मरम्मत करने पहुंचे स्थानीय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैंती-बेलचा लेकर खुद ही सड़क की मरम्मत करने पहुंचे स्थानीय
विज्ञापन
टंडार सयुना हाईवे के वैकल्पिक मार्ग की मरम्मत करते ग्रामीण :- संवाद
- फोटो : UDHAMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिनैनी। दशकों पहले बनी टंडार, सयुना से उधमपुर सड़क की खस्ता हालत को सुधारने का जिम्मा खुद स्थानीय लोगों ने उठा लिया। शनिवार को कई लोग सड़क पर मिट्टी डालते नजर आए। हाईवे बंद होने पर इस वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल होता है। लेकिन, इसकी हालत खस्ता होने के चलते लोग परेशान होते हैं।
स्थानीय निवासी सुभाष चंद्र, मंगत राम, आदि ने बताया कि टंडार सयुना सड़क हाईवे का वैकल्पिक मार्ग है। इसका उदाहरण पिछले दिनों हाईवे बंद होने पर नजर आया, जब लोगों ने सयुना मार्ग का इस्तेमाल कर उधमपुर तक का सफर किया। लेकिन, कुछ स्थानों पर सड़क की दयनीय हालत थी, जिससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में स्थानीय लोगों ने खुद ही सड़क सुधारने के लिए गैंती व बेलचा उठा लिया।
उन्होंने कहा कि सड़क के कुछ स्थानों पर मिट्टी व कंकड़ डाले गए हैं, ताकि लोग इस मार्ग से आसानी से गुजर सकें। दशकों पुरानी यह सड़क चिनैनी से उधमपुर तक बनी है। इस पर ज्यादा खर्च भी नहीं आएगा। हाईवे बंद होने पर लोग इस मार्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसलिए, सरकार से विनती है कि इस वैकल्पिक मार्ग की तरफ ध्यान दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्थानीय निवासी सुभाष चंद्र, मंगत राम, आदि ने बताया कि टंडार सयुना सड़क हाईवे का वैकल्पिक मार्ग है। इसका उदाहरण पिछले दिनों हाईवे बंद होने पर नजर आया, जब लोगों ने सयुना मार्ग का इस्तेमाल कर उधमपुर तक का सफर किया। लेकिन, कुछ स्थानों पर सड़क की दयनीय हालत थी, जिससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में स्थानीय लोगों ने खुद ही सड़क सुधारने के लिए गैंती व बेलचा उठा लिया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सड़क के कुछ स्थानों पर मिट्टी व कंकड़ डाले गए हैं, ताकि लोग इस मार्ग से आसानी से गुजर सकें। दशकों पुरानी यह सड़क चिनैनी से उधमपुर तक बनी है। इस पर ज्यादा खर्च भी नहीं आएगा। हाईवे बंद होने पर लोग इस मार्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसलिए, सरकार से विनती है कि इस वैकल्पिक मार्ग की तरफ ध्यान दिया जाए।
विज्ञापन