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बदहाल इमारत में चल रहा सरकारी मिडिल स्कूल पट्ठी
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उधमपुर में मिडिल स्कूल पट्ठी की बदहाल इमारत व अंदर बैठे विद्यार्थी
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। सरकारी मिडिल स्कूल पट्ठी की इमारत पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। इसमें विद्यार्थी जान जोखिम में डालकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। स्कूल में आवश्यकतानुसार शिक्षक भी नहीं हैं। इसके कारण विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। स्कूल की बदहाली से अभिभावक भी परेशान हैं।
शिक्षा विभाग ने वर्षों से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया है। विद्यार्थियों को स्कूलों में हर तरह की सुविधाएं देने का आश्वासन भी दिया जा रहा है। लेकिन, जमीनी हकीकत यह है कि जिले में कुछ स्कूल ऐसे हैं जहां न तो पर्याप्त स्टाफ है, और न ही इमारत की हालत ठीक है। सरकारी मिडिल स्कूल पट्ठी तीन कमरों में चल रहा है। यहां प्रतिदिन कोई 85 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। इसकी इमारत की हालत पूरी तरह खराब हो चुकी है। अंदर से इमारत की छत को देखकर ऐसा लगता है कि किसी भी पल गिर सकती है।
तीन कमरों में आठ कक्षाओं को चलाना शिक्षकों के लिए भी परेशानी का सबब बना हुआ है। स्कूल में आठ कक्षाओं को पढ़ाने के लिए तीन शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। इनमें एक शिक्षक की कोविड को लेकर ड्यूटी लगाई है। मौजूदा समय में केवल दो शिक्षक ही स्कूल में विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
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प्रेम चंद, सुंदर सिंह, आदि अभिभावकों ने बताया कि इमारत की हालत को देख कर हमेशा बच्चों की सुरक्षा की चिंता लगी रहती है। बारिश होने पर तो चिंता दोगुनी हो जाती है। कब इसकी छत गिर जाए, पता नहीं। वहीं, शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षा प्रभावित हो रही है। कई बार इस परेशानी को शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने रखा है, लेकिन किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया।
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स्कूलों की इमारतों की हालत सुधारने का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। हो सकता है कि मिडिल स्कूल पट्ठी को भी इसमें रखा गया हो। गांववासियों को इस परेशानी को एक बार मेरे सामने रखना चाहिए था। साथ ही स्टाफ की कमी को भी दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
- अरविन कुमार कौल, सीईओ उधमपुर, शिक्षा विभाग
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शिक्षा विभाग ने वर्षों से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया है। विद्यार्थियों को स्कूलों में हर तरह की सुविधाएं देने का आश्वासन भी दिया जा रहा है। लेकिन, जमीनी हकीकत यह है कि जिले में कुछ स्कूल ऐसे हैं जहां न तो पर्याप्त स्टाफ है, और न ही इमारत की हालत ठीक है। सरकारी मिडिल स्कूल पट्ठी तीन कमरों में चल रहा है। यहां प्रतिदिन कोई 85 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। इसकी इमारत की हालत पूरी तरह खराब हो चुकी है। अंदर से इमारत की छत को देखकर ऐसा लगता है कि किसी भी पल गिर सकती है।
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तीन कमरों में आठ कक्षाओं को चलाना शिक्षकों के लिए भी परेशानी का सबब बना हुआ है। स्कूल में आठ कक्षाओं को पढ़ाने के लिए तीन शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। इनमें एक शिक्षक की कोविड को लेकर ड्यूटी लगाई है। मौजूदा समय में केवल दो शिक्षक ही स्कूल में विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
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प्रेम चंद, सुंदर सिंह, आदि अभिभावकों ने बताया कि इमारत की हालत को देख कर हमेशा बच्चों की सुरक्षा की चिंता लगी रहती है। बारिश होने पर तो चिंता दोगुनी हो जाती है। कब इसकी छत गिर जाए, पता नहीं। वहीं, शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षा प्रभावित हो रही है। कई बार इस परेशानी को शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने रखा है, लेकिन किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया।
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स्कूलों की इमारतों की हालत सुधारने का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। हो सकता है कि मिडिल स्कूल पट्ठी को भी इसमें रखा गया हो। गांववासियों को इस परेशानी को एक बार मेरे सामने रखना चाहिए था। साथ ही स्टाफ की कमी को भी दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
- अरविन कुमार कौल, सीईओ उधमपुर, शिक्षा विभाग

उधमपुर में मिडिल स्कूल पट्ठी की बदहाल इमारत व अंदर बैठे विद्यार्थी- फोटो : UDHAMPUR