फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Udhampur News ›   delimitation commission

बीडीसी और डीडीसी ने किया परिसीमन की रिपोर्ट का विरोध

विज्ञापन
delimitation commission
उधमपुर में परिसीमन आयोग की रिपोर्ट की त्रुटियों को लेकर प्रेस वार्ता करते बीडीसी बलवान सिंह - फोटो : UDHAMPUR
उधमपुर। परिसीमन आयोग की तरफ से पेश की गई रिपोर्ट पर भाजपा के बीडीसी और डीडीसी ने ही सवाल खड़े करना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि आयोग ने ठीक से सर्वे कर रिपोर्ट तैयार नहीं की है।
विज्ञापन

सोमवार को भाजपा के जिला उपाध्यक्ष व बीडीसी उधमपुर ब्लॉक बलवान सिंह ने डीडीसी उधमपुर-1 पूर्ण चंद के साथ प्रेसवार्ता कर आयोग की रिपोर्ट पर सवाल खड़े किए। उन्होंने उधमपुर सीट को दो भागों में विभाजित करने का विरोध किया। कहा कि परिसीमन आयोग ने बिना सर्वे किए रिपोर्ट तैयार कर दी है। उधमपुर के ही कई इलाकों को चिनैनी विधानसभा क्षेत्र में शामिल कर दिया गया है।
विज्ञापन

बीडीसी ने कहा कि रामबन और रियासी कभी उधमपुर जिले में हुआ करते थे। लेकिन, फिर ये नए जिले बना दिए। अब परिसीमन आयोग की रिपोर्ट देखने के बाद लगा है कि उधमपुर को और बांटने का प्रयास किया गया है। 2011 की जनगणना के अनुसार उधमपुर की कुल आबादी 557000 है। सबसे अधिक आबादी उधमपुर विधानसभा क्षेत्र की है। लेकिन, अब इसको तीन विधानसभा क्षेत्रों में बांट कर लोगों के लिए परेशानी पैदा कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि परिसीमन आयोग की रिपोर्ट में उधमपुर विधानसभा क्षेत्र को अब उधमपुर पूर्व, पश्चिम और चिनैनी विधानसभा क्षेत्र में बांटा गया है। रेलवे स्टेशन के साथ लगते इलाकों को चिनैनी विधानसभा क्षेत्र में रखने का मतलब समझ नहीं आ रहा है। कई ऐसे इलाके हैं जो शहर से चंद किलोमीटर दूर हैं। उनको भी चिनैनी क्षेत्र में शामिल कर दिया गया है। आयोग के सामने स्थानीय नेताओं ने मांगें रखी थीं, और इलाके की पूरी जानकारी दी थी। लेकिन, अंतिम रिपोर्ट में तो परिसीमन आयोग ने स्थानीय निवासियों की एक बात तक नहीं मानी।

बीडीसी ने कहा कि पंचैरी-मोंगरी को अलग विधानसभा क्षेत्र बनाना था। लेकिन, इस मांग को भी नजरअंदाज कर उधमपुर में शामिल कर दिया। जब से आयोग ने रिपोर्ट पेश की है, लोगों ने फोन कर बीडीसी, डीडीसी और सरपंचों की हालत खराब कर दी है। उनके लिए अब लोगों का जवाब देना मुश्किल हो रहा है। इसलिए, मांग है कि आयोग इस पर दोबारा विचार करे। साथ ही उन्होंने कहा कि वह इन कमियों को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के सामने रख कर इसमें सुधार करने की मांग करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed