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जमीनी विवाद में भिड़े दो गुट, घायलों का पीएचसी में उपचार न किए जाने पर किया प्रदर्शन
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udhampur zilla hospital main ellaj kartey ghordi ladai ka ghayal
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। भूमि विवाद के चलते घोरडी में दो पक्ष आपस में भिड़ गए। इसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों के परिवार के सदस्यों के अनुसार जब घायलों को उपचार के लिए पीएचसी घोरडी लाया गया तो डॉक्टर के मौजूद न होने पर घंटों घायल तड़पते रहे। जब डॉक्टर पहुंचा तो औपचारिकता पूरी कर घायलों को छुट्टी दे दी गई। रात को मजबूरन घायलों को जिला अस्पताल पहुंच कर उपचार कराना पड़ा। मंगलवार सुबह सभी ने जिला अस्पताल के बाहर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
जिला अस्पताल में उपचाराधीन परमानंद और अशोक ने बताया कि सोमवार शाम को वह खेतों में काम कर रहे थे। इस बीच अचानक देस राज, शाम लाल ने कुछ लोगों के साथ उन पर हमला कर दिया। दोनों को घायल करने के बाद हमलावर फरार हो गए। जब परिवार के सदस्यों को इसकी सूचना मिली तो उपचार के लिए पीएचसी घोरडी लेकर पहुंचे, लेकिन पीएचसी में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। उन्होंने फोन के जरिये डॉक्टर को इसकी सूचना दी, लेकिन डॉक्टर ने कहा कि वह व्यस्त हैं, अभी अस्पताल नहीं पहुंच सकते। घंटों तक दोनों डॉक्टर के पहुंचने का इंतजार करते रहे। जब डॉक्टर आया तो औपचारिकता के लिए उपचार किया और अखबार के पेज पर दवाई लिख कर छुट्टी दे दी। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने वाहन की व्यवस्था कर रात करीब आठ बजे जिला अस्पताल पहुंचाया।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे घायलों के परिवार के सदस्यों ने जिला अस्पताल के बाहर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पवन सिंह ने बताया कि पीएचसी में तैनात डॉक्टर व अन्य स्टाफ के कारण आए दिन लोगों को इसी तरह से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पीएचसी बनाए तो ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए हैं, लेकिन ग्रामीणों को जरूरत अनुसार सुविधाएं मिलती नहीं है। छोटी सी बीमारी होने पर भी मरीज को जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। समय पर डॉक्टर नहीं मिलते हैं। पीएचसी घोरडी में स्टाफ की कमी के कारण हर रोज ग्रामीण परेशानियों का सामना कर रहे हैं। मजबूरन ग्रामीणों को करीब 40 किलोमीटर का सफर तय कर जिला अस्पताल पहुंचना पड़ता है। कई बार मांग करने के बाद भी स्टाफ की कमी को आज तक पूरा नहीं किया गया है। अगर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो आने वाले दिनों में सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।
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जिला अस्पताल में उपचाराधीन परमानंद और अशोक ने बताया कि सोमवार शाम को वह खेतों में काम कर रहे थे। इस बीच अचानक देस राज, शाम लाल ने कुछ लोगों के साथ उन पर हमला कर दिया। दोनों को घायल करने के बाद हमलावर फरार हो गए। जब परिवार के सदस्यों को इसकी सूचना मिली तो उपचार के लिए पीएचसी घोरडी लेकर पहुंचे, लेकिन पीएचसी में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। उन्होंने फोन के जरिये डॉक्टर को इसकी सूचना दी, लेकिन डॉक्टर ने कहा कि वह व्यस्त हैं, अभी अस्पताल नहीं पहुंच सकते। घंटों तक दोनों डॉक्टर के पहुंचने का इंतजार करते रहे। जब डॉक्टर आया तो औपचारिकता के लिए उपचार किया और अखबार के पेज पर दवाई लिख कर छुट्टी दे दी। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने वाहन की व्यवस्था कर रात करीब आठ बजे जिला अस्पताल पहुंचाया।
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मंगलवार सुबह करीब 11 बजे घायलों के परिवार के सदस्यों ने जिला अस्पताल के बाहर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पवन सिंह ने बताया कि पीएचसी में तैनात डॉक्टर व अन्य स्टाफ के कारण आए दिन लोगों को इसी तरह से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पीएचसी बनाए तो ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए हैं, लेकिन ग्रामीणों को जरूरत अनुसार सुविधाएं मिलती नहीं है। छोटी सी बीमारी होने पर भी मरीज को जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। समय पर डॉक्टर नहीं मिलते हैं। पीएचसी घोरडी में स्टाफ की कमी के कारण हर रोज ग्रामीण परेशानियों का सामना कर रहे हैं। मजबूरन ग्रामीणों को करीब 40 किलोमीटर का सफर तय कर जिला अस्पताल पहुंचना पड़ता है। कई बार मांग करने के बाद भी स्टाफ की कमी को आज तक पूरा नहीं किया गया है। अगर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो आने वाले दिनों में सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।
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