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शहर में पानी की लीकेज को लेकर नप और जल शक्ति विभाग में ठनी
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उधमपुर। शहर में हो रही पानी की लीकेज के मामले को लेकर नगर परिषद ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
नप अध्यक्ष डॉ. जोगेश्वर गुप्ता का कहना है कि इस मामले पर जल शक्ति विभाग का रवैया सहयोगात्मक नहीं है। इसकी शिकायत वह जिला विकास आयुक्त कृतिका ज्योत्सना से करेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो उपराज्यपाल को भी इस समस्या से अवगत करवाएंगे।
वह नप के अन्य पार्षदों के साथ शनिवार को वार्ड 4 में हो रही पानी की लीकेज का जायजा लेने पहुंचे थे। मौके पर उनके साथ नप के उपाध्यक्ष सुरिंद्र सिंह खालसा, पार्षद विक्रम सिंह सलाथिया व अन्य पार्षद भी मौजूद थे। नप अध्यक्ष ने बताया कि शहर में हो रही पानी की लीकेज के मामले को लेकर विभाग के अधिकारियों से बैठक की गई थी, जिसमें एक्सईएन से पेयजल और लीकेज की समस्या को दूर करने के लिए कहा गया।
उन्होंने बताया कि एक्सईएन उनकी समस्या को अनसुना कर बहाने बनाते नजर आए, और बाद में यह कहकर बैठक को बीच में ही छोड़कर चले गए कि वह इस समस्या का कोई समाधान नहीं कर सकते। चाहे तो उन्हें कहीं और स्थानांतरित करवा दो। पानी की लीकेज की समस्या को लेकर नप तीन साल में 15 बैठक जल शक्ति विभाग के अधिकारियों से कर चुका है। लेकिन, हर बैठक में विभाग का रवैया लापरवाही भरा रहा है।
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इसके कारण शहरवासियों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल रहा है। साथ ही लोगों के घरों में गंदे पानी की समस्या आ रही है। उक्त अधिकारी न तो टूटे पाइपों और गलियों की मरम्मत करवा रहे हैं, और न ही लीकेज की समस्या को दूर करने के लिए कुछ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह अब नगर परिषद की बातों को भी अनसुना कर रहे हैं, और बहाने बनाकर जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
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नप अध्यक्ष डॉ. जोगेश्वर गुप्ता का कहना है कि इस मामले पर जल शक्ति विभाग का रवैया सहयोगात्मक नहीं है। इसकी शिकायत वह जिला विकास आयुक्त कृतिका ज्योत्सना से करेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो उपराज्यपाल को भी इस समस्या से अवगत करवाएंगे।
वह नप के अन्य पार्षदों के साथ शनिवार को वार्ड 4 में हो रही पानी की लीकेज का जायजा लेने पहुंचे थे। मौके पर उनके साथ नप के उपाध्यक्ष सुरिंद्र सिंह खालसा, पार्षद विक्रम सिंह सलाथिया व अन्य पार्षद भी मौजूद थे। नप अध्यक्ष ने बताया कि शहर में हो रही पानी की लीकेज के मामले को लेकर विभाग के अधिकारियों से बैठक की गई थी, जिसमें एक्सईएन से पेयजल और लीकेज की समस्या को दूर करने के लिए कहा गया।
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उन्होंने बताया कि एक्सईएन उनकी समस्या को अनसुना कर बहाने बनाते नजर आए, और बाद में यह कहकर बैठक को बीच में ही छोड़कर चले गए कि वह इस समस्या का कोई समाधान नहीं कर सकते। चाहे तो उन्हें कहीं और स्थानांतरित करवा दो। पानी की लीकेज की समस्या को लेकर नप तीन साल में 15 बैठक जल शक्ति विभाग के अधिकारियों से कर चुका है। लेकिन, हर बैठक में विभाग का रवैया लापरवाही भरा रहा है।
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इसके कारण शहरवासियों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल रहा है। साथ ही लोगों के घरों में गंदे पानी की समस्या आ रही है। उक्त अधिकारी न तो टूटे पाइपों और गलियों की मरम्मत करवा रहे हैं, और न ही लीकेज की समस्या को दूर करने के लिए कुछ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह अब नगर परिषद की बातों को भी अनसुना कर रहे हैं, और बहाने बनाकर जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
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