{"_id":"60e8974b8ebc3e549969a329","slug":"cocoon-udhampur-news-jmu2391134107","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन दिन में 73 लाख से अधिक की बिकी कोकून","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन दिन में 73 लाख से अधिक की बिकी कोकून
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेरीकल्चर कार्यालय में चल रही कोकून में मंडी में तीन दिन के अंदर 73 लाख रुपये से अधिक की कोकून बेची जा चुकी है। इस बार रेशम कीट पालकों को अच्छे दाम मिल रहे हैं। पांच दिन के अंदर कोकून के दाम एक करोड़ को पार करने की संभावना है। अच्छे दाम मिलने के पर रेशम कीट पालक भी उत्साहित है। मंडी के हालात को देख कर लग रहा है कि इस बार जिला उधमपुर रेशम कीट पालन में नया रिकार्ड बना सकता है।
बुधवार को जिले में कोकून मंडी की शुरूआत हुई थी और पहले ही दिन 100 से अधिक रेशम कीट पालकों ने 20 लाख रुपये से अधिक की कोकून बेची थी। मंडी में इस बार कोकून खरीदने के लिए बंगाल के साथ कर्नाटक से भी व्यापारी पहुंचे हैं। जम्मू-कश्मीर में तैयार होने वाली कोकून की पूरे देश में बहुत ज्यादा मांग रहती है। इसलिए हर बार बाहरी राज्यों से व्यापारी उधमपुर पहुंचते हैं।
शुक्रवार को तीसरे दिन कुल 208 रेशम कीट पालक थनोआ, चैरी और जोनू से कोकून बेचने के लिए मंडी में पहुंचे। शाम तक चली मंडी में इन कीट पालकों ने कुल 7500 किलो कोकून बेची और इसके 2267000 रुपये हासिल किए। कोकून का अधिकतम दाम 990 रुपये प्रति किलो रहा और औसतन दाम 903 रुपये प्रति किलो रहा। तीन दिन में मंडी के अंदर कुल 24367 किलो कोकून बेची है और कीट पालकों को इसके कुल दाम 7364000 रुपये मिले हैं।
विज्ञापन
रेशम कीट पालकों को जब अच्छे दाम मिल रहे हैं, तो मुस्कराते हुए घरों को लौट रहे हैं। मंडी के अंदर एसओपी का पूरा पालन किया जा रहा है। 2020 की कोकून मंडी में कीट पालकों को जरूरत अनुसार दाम नहीं मिले थे और इसको लेकर कीट पालकों ने रोष प्रकट किया था। शनिवार या फिर रविवार को चार या फिर पांच दिन के अंदर एक करोड़ से अधिक की कोकून बिक जाएगी। यह नया रिकार्ड बन सकता है।
विज्ञापन
बुधवार को जिले में कोकून मंडी की शुरूआत हुई थी और पहले ही दिन 100 से अधिक रेशम कीट पालकों ने 20 लाख रुपये से अधिक की कोकून बेची थी। मंडी में इस बार कोकून खरीदने के लिए बंगाल के साथ कर्नाटक से भी व्यापारी पहुंचे हैं। जम्मू-कश्मीर में तैयार होने वाली कोकून की पूरे देश में बहुत ज्यादा मांग रहती है। इसलिए हर बार बाहरी राज्यों से व्यापारी उधमपुर पहुंचते हैं।
विज्ञापन
शुक्रवार को तीसरे दिन कुल 208 रेशम कीट पालक थनोआ, चैरी और जोनू से कोकून बेचने के लिए मंडी में पहुंचे। शाम तक चली मंडी में इन कीट पालकों ने कुल 7500 किलो कोकून बेची और इसके 2267000 रुपये हासिल किए। कोकून का अधिकतम दाम 990 रुपये प्रति किलो रहा और औसतन दाम 903 रुपये प्रति किलो रहा। तीन दिन में मंडी के अंदर कुल 24367 किलो कोकून बेची है और कीट पालकों को इसके कुल दाम 7364000 रुपये मिले हैं।
विज्ञापन
रेशम कीट पालकों को जब अच्छे दाम मिल रहे हैं, तो मुस्कराते हुए घरों को लौट रहे हैं। मंडी के अंदर एसओपी का पूरा पालन किया जा रहा है। 2020 की कोकून मंडी में कीट पालकों को जरूरत अनुसार दाम नहीं मिले थे और इसको लेकर कीट पालकों ने रोष प्रकट किया था। शनिवार या फिर रविवार को चार या फिर पांच दिन के अंदर एक करोड़ से अधिक की कोकून बिक जाएगी। यह नया रिकार्ड बन सकता है।