{"_id":"6851b281be5de596790f5c54","slug":"clerks-and-field-staff-wore-black-bands-while-on-duty-udhampur-news-c-202-1-sjam1011-124347-2025-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: लिपिक और फील्ड कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान बांधी काली पट्टियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: लिपिक और फील्ड कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान बांधी काली पट्टियां
Tue, 17 Jun 2025 11:52 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Tue, 17 Jun 2025 11:52 PM IST
विज्ञापन
काली पट्टियां बांधकर प्रदर्शन करते कर्मचारी। स्रोत : आयोजक
- कामकाज नहीं होने दिया प्रभावित, जल्द मांगें न पूरी होने पर उग्र प्रदर्शन की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलों सहित उधमपुर में भी कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। सभी विभागों के कर्मचारियों ने नियमित कर्तव्यों को बाधित किए बिना काली पट्टी बांध कार्यस्थलों पर शांतिपूर्ण प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। लिपिक और फील्ड कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान काली पट्टियां बांधी।
यह प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर में कर्मचारी यूनियनों का प्रतिनिधित्व करने वाले मंच कर्मचारी संयुक्त सलाहकार समिति के अध्यक्ष अजाज अहमद खान और महासचिव विनोद शर्मा के नेतृत्व में किया गया। महासचिव विनोद शर्मा ने कहा कि यह स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों की वैध मांगों की उपेक्षा और हाल ही में जम्मू-कश्मीर बैंक की ओर से लागू की गई प्रतिकूल नीतियों के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध है। आज कर्मचारी अपने कार्यस्थल से नहीं निकले हैं, लेकिन अगर मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे सड़कों पर आने के लिए मजबूर होंगे।
ईजेसीसी ने लाखों कर्मचारियों को प्रभावित करने वाले लंबे समय से चले आ रहे कई मुद्दों को दोहराते हुए उन्हें सरकार से पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन में जिले के विभिन्न कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन
कर्मचारियों की मांगें
- जीपीएफ का विलंबित वितरण जिसके बिल दिसंबर 2024 से कोषागार में हैं।
- सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभ जैसे ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन आदि जारी न करना।
- जनवरी 2010 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग।
- एसआरओ-43 को उसके मूल स्वरूप में लागू करना।
- 7 वें वेतन आयोग के अनुसार 2 प्रतिशत मकान किराया भत्ते के प्रावधान में वृद्धि।
- कर्मचारियों के चिकित्सा भत्ते और बच्चों की शिक्षा भत्ते में वृद्धि।
- केंद्र शासित प्रदेश भर में 60,000 से अधिक दैनिक वेतनभोगी, आकस्मिक मजदूरों का नियमितीकरण जो अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं और बहुत लंबे समय से अपने नियमितीकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलों सहित उधमपुर में भी कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। सभी विभागों के कर्मचारियों ने नियमित कर्तव्यों को बाधित किए बिना काली पट्टी बांध कार्यस्थलों पर शांतिपूर्ण प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। लिपिक और फील्ड कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान काली पट्टियां बांधी।
यह प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर में कर्मचारी यूनियनों का प्रतिनिधित्व करने वाले मंच कर्मचारी संयुक्त सलाहकार समिति के अध्यक्ष अजाज अहमद खान और महासचिव विनोद शर्मा के नेतृत्व में किया गया। महासचिव विनोद शर्मा ने कहा कि यह स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों की वैध मांगों की उपेक्षा और हाल ही में जम्मू-कश्मीर बैंक की ओर से लागू की गई प्रतिकूल नीतियों के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध है। आज कर्मचारी अपने कार्यस्थल से नहीं निकले हैं, लेकिन अगर मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे सड़कों पर आने के लिए मजबूर होंगे।
विज्ञापन
ईजेसीसी ने लाखों कर्मचारियों को प्रभावित करने वाले लंबे समय से चले आ रहे कई मुद्दों को दोहराते हुए उन्हें सरकार से पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन में जिले के विभिन्न कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन
कर्मचारियों की मांगें
- जीपीएफ का विलंबित वितरण जिसके बिल दिसंबर 2024 से कोषागार में हैं।
- सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभ जैसे ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन आदि जारी न करना।
- जनवरी 2010 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग।
- एसआरओ-43 को उसके मूल स्वरूप में लागू करना।
- 7 वें वेतन आयोग के अनुसार 2 प्रतिशत मकान किराया भत्ते के प्रावधान में वृद्धि।
- कर्मचारियों के चिकित्सा भत्ते और बच्चों की शिक्षा भत्ते में वृद्धि।
- केंद्र शासित प्रदेश भर में 60,000 से अधिक दैनिक वेतनभोगी, आकस्मिक मजदूरों का नियमितीकरण जो अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं और बहुत लंबे समय से अपने नियमितीकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं।