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Udhampur News: फाइलों में अटकी नत्थाटॉप से मीर सांकरी सड़क परियोजना
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लद्दा धार जोकि नत्थाटॉप और पंचैरी के बीच है का नजारा: स्रोत: संवाद
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-आम लोगों के साथ सेना के लिए भी बेहद जरूरी है ये सड़क
-ऑपरेशन सिंदूर के दौरान माद्दा में हुआ था ड्रोन हमला
-सड़क बनने से 100 की जगह 15 किलोमीटर रह जाएगी दूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
चिनैनी। चिनैनी और पंचैरी तहसील को सीधा सड़क संपर्क देने की योजना लंबे अर्से से अधर में है। ऑपेरशन सिंदूर ने इस सड़क परियोजना के सामरिक महत्व को और उजागर कर दिया है। नत्थाटॉप से मीर सांकरी सड़क परियोजना फाइलों में अटकी पड़ी है।
दरअसल पाकिस्तानी ड्रोन ने उधमपुर एयर बेस के नजदीक और चिनैनी के माद्दा इलाके में बम गिराए थे। नत्थाटॉप से सटा होने के बावजूद न तो माद्दा और ना ही पंचैरी के लिए कोई सीधा सड़क संपर्क है। ऐसी परिस्थितियों में सेना को किसी भी आपात स्थिति में 10 से 15 किलोमीटर की जगह 100 किलोमीटर का फासला तय करना पड़ता है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए पंचैरी के मीर सांकरी से लद्दा सांकरी और लद्दा सांकरी से नत्थाटॉप तक सड़क बनाने की योजना तैयार की गयी थी जो वर्षों से फाइलों में अटकी है।
सूत्रों के अनुसार सामरिक महत्व की इस सड़क परियोजना के लिए सेना की ओर से भी सर्वे किया गया है। वहीं स्थानीय प्रशासन ने भी इस महत्वपूर्ण परियोजना की डीपीआर बनाकर मंज़ूरी के लिए भेजी है लेकिन दो साल बीतने के बाद भी परियोजना फाइलों से जमीन पर नहीं उतर पाई है।
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रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे
नत्थाटॉप से सांकरी सड़क बनने से पर्यटकों को भी इसका काफी लाभ होगा। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे। इस सड़क के बनने से पंचैरी में आने वाले सैलानी भी उस मार्ग के जरिए नत्थाटॉप, पटनीटॉप आ जा सकेंगे जबकि पटनीटॉप तथा नत्थाटॉप आने वाले सैलानियों को भी नई जगह देखने को मिलेगी । कई बड़े-बड़े पहाड़ और बड़े मैदान सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं ।
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पंचैरी और चिनैनी के इलाके एक दूसरे से सटे होने के बावजूद सड़क से सीधे नहीं जुड़ पाए हैं। मीर सांकरी से लद्दा सांकरी और लद्दा सांकरी से नत्थाटॉप सड़क संपर्क के लिए पुरजोर प्रयास किए जा रहे हैं। ऑपेरशन सिंदूर के दौरान बने हालात को देखते हुए सेना के लिए भी ये सड़क परियोजना बेहद महत्वपूर्ण है। सड़क बनने से नत्थाटाप से मीर सांकरी की दूरी 100 किलोमीटर से घटकर महज़ 15 किलोमीटर रह जाएगी।
- सुभाष, सदस्य , जिला विकास परिषद नरसू
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नत्थाटॉप से सांकरी के लिए 31 करोड़ की डीपीआर भेज दी गई है। मंजूरी मिलते ही इस पर कार्य शुरू किया जाएगा।
- आतिश भारद्वाज, एईई, लोक निर्माण विभाग
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इस सड़क को लेकर मेरी ओर इस पर कार्य किया जा रहा है। उम्मीद है जल्द ही इसका परिणाम भी सामने होगा और इस सड़क का लाभ लोगों को मिल पाएगा ।
बलवंत सिंह मनकोटिया, विधायक
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-ऑपरेशन सिंदूर के दौरान माद्दा में हुआ था ड्रोन हमला
-सड़क बनने से 100 की जगह 15 किलोमीटर रह जाएगी दूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
चिनैनी। चिनैनी और पंचैरी तहसील को सीधा सड़क संपर्क देने की योजना लंबे अर्से से अधर में है। ऑपेरशन सिंदूर ने इस सड़क परियोजना के सामरिक महत्व को और उजागर कर दिया है। नत्थाटॉप से मीर सांकरी सड़क परियोजना फाइलों में अटकी पड़ी है।
दरअसल पाकिस्तानी ड्रोन ने उधमपुर एयर बेस के नजदीक और चिनैनी के माद्दा इलाके में बम गिराए थे। नत्थाटॉप से सटा होने के बावजूद न तो माद्दा और ना ही पंचैरी के लिए कोई सीधा सड़क संपर्क है। ऐसी परिस्थितियों में सेना को किसी भी आपात स्थिति में 10 से 15 किलोमीटर की जगह 100 किलोमीटर का फासला तय करना पड़ता है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए पंचैरी के मीर सांकरी से लद्दा सांकरी और लद्दा सांकरी से नत्थाटॉप तक सड़क बनाने की योजना तैयार की गयी थी जो वर्षों से फाइलों में अटकी है।
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सूत्रों के अनुसार सामरिक महत्व की इस सड़क परियोजना के लिए सेना की ओर से भी सर्वे किया गया है। वहीं स्थानीय प्रशासन ने भी इस महत्वपूर्ण परियोजना की डीपीआर बनाकर मंज़ूरी के लिए भेजी है लेकिन दो साल बीतने के बाद भी परियोजना फाइलों से जमीन पर नहीं उतर पाई है।
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रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे
नत्थाटॉप से सांकरी सड़क बनने से पर्यटकों को भी इसका काफी लाभ होगा। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे। इस सड़क के बनने से पंचैरी में आने वाले सैलानी भी उस मार्ग के जरिए नत्थाटॉप, पटनीटॉप आ जा सकेंगे जबकि पटनीटॉप तथा नत्थाटॉप आने वाले सैलानियों को भी नई जगह देखने को मिलेगी । कई बड़े-बड़े पहाड़ और बड़े मैदान सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं ।
पंचैरी और चिनैनी के इलाके एक दूसरे से सटे होने के बावजूद सड़क से सीधे नहीं जुड़ पाए हैं। मीर सांकरी से लद्दा सांकरी और लद्दा सांकरी से नत्थाटॉप सड़क संपर्क के लिए पुरजोर प्रयास किए जा रहे हैं। ऑपेरशन सिंदूर के दौरान बने हालात को देखते हुए सेना के लिए भी ये सड़क परियोजना बेहद महत्वपूर्ण है। सड़क बनने से नत्थाटाप से मीर सांकरी की दूरी 100 किलोमीटर से घटकर महज़ 15 किलोमीटर रह जाएगी।
- सुभाष, सदस्य , जिला विकास परिषद नरसू
नत्थाटॉप से सांकरी के लिए 31 करोड़ की डीपीआर भेज दी गई है। मंजूरी मिलते ही इस पर कार्य शुरू किया जाएगा।
- आतिश भारद्वाज, एईई, लोक निर्माण विभाग
इस सड़क को लेकर मेरी ओर इस पर कार्य किया जा रहा है। उम्मीद है जल्द ही इसका परिणाम भी सामने होगा और इस सड़क का लाभ लोगों को मिल पाएगा ।
बलवंत सिंह मनकोटिया, विधायक