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सीएपीडी के अस्थायी कर्मी हड़ताल पर
ब्यूरो/अमर उजाला, उधमपुर
Updated Wed, 20 Jan 2016 01:03 AM IST
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पांच महीने से वेतन नहीं मिलने से परेशान सीएपीडी विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने मंगलवार को हड़ताल कर सीएपीडी के स्टोर के बाहर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते मंगलवार को जिले के किसी भी स्टोर से राशन की सप्लाई नहीं हो पाई है।
उधमुपर स्थित सीएपीडी स्टोर के बाहर सीएपीडी लेबर यूनियन के प्रधान देव राज के नेतृत्व में दिहाड़ीदारों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
इस दौरान देव राज ने बताया कि आज उधमपुर के अलावा रामनगर, मजालता, मजोड़ी, पंचैरी और चिनैनी स्थित सीएपीडी स्टोर के अस्थायी कर्मचारियों ने हड़ताल करते हुए प्रदर्शन किया है। हड़ताल व प्रदर्शन का मुख्य कारण करीब पांच महीने से वेतन नहीं मिलना है।
वेतन नहीं मिलने से इन गरीब अस्थायी कर्मचारियों के लिए अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो चुका है। कोई भी उनकी परेशानी को गंभीरता से लेकर कोई प्रयास नहीं कर रहा है।
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2012 के बाद से सरकार ने उनकी दिहाड़ी में भी बढ़ोतरी नहीं की है। दिन-ब-दिन मंहगाई बढ़ रही हैं, लेकिन उनके दिहाड़ी में बढ़ोतरी को लेकर सरकार ने कोई योजना तैयार नहीं की है।
कई बार अपनी मांगों को सरकार के सामने रखा है, लेकिन केवल झूठे आश्वासन ही दिए हैं। इसलिए अब सभी हड़ताल और प्रदर्शन करने को मजबूर हो गए हैं। जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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उधमुपर स्थित सीएपीडी स्टोर के बाहर सीएपीडी लेबर यूनियन के प्रधान देव राज के नेतृत्व में दिहाड़ीदारों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
इस दौरान देव राज ने बताया कि आज उधमपुर के अलावा रामनगर, मजालता, मजोड़ी, पंचैरी और चिनैनी स्थित सीएपीडी स्टोर के अस्थायी कर्मचारियों ने हड़ताल करते हुए प्रदर्शन किया है। हड़ताल व प्रदर्शन का मुख्य कारण करीब पांच महीने से वेतन नहीं मिलना है।
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वेतन नहीं मिलने से इन गरीब अस्थायी कर्मचारियों के लिए अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो चुका है। कोई भी उनकी परेशानी को गंभीरता से लेकर कोई प्रयास नहीं कर रहा है।
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2012 के बाद से सरकार ने उनकी दिहाड़ी में भी बढ़ोतरी नहीं की है। दिन-ब-दिन मंहगाई बढ़ रही हैं, लेकिन उनके दिहाड़ी में बढ़ोतरी को लेकर सरकार ने कोई योजना तैयार नहीं की है।
कई बार अपनी मांगों को सरकार के सामने रखा है, लेकिन केवल झूठे आश्वासन ही दिए हैं। इसलिए अब सभी हड़ताल और प्रदर्शन करने को मजबूर हो गए हैं। जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है, उनका संघर्ष जारी रहेगा।