{"_id":"6248967256b9bd09f3070d57","slug":"bsf-jawan-udhampur-news-jmu256988873","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीक्षांत समारोह में देश सेवा को समर्पित हुए 626 नव आरक्षक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीक्षांत समारोह में देश सेवा को समर्पित हुए 626 नव आरक्षक
विज्ञापन
उधमपुर: परेड की सलामी लेते हुए मुख्य अतिथि वाह मंच से गुजरती टुकड़िया.
- फोटो : UDHAMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधमपुर। जिले के रौंन दोमेल क्षेत्र में स्थित बीएसएफ के सहायक प्रशिक्षण केंद्र (एटीसी) में शनिवार को दीक्षांत समारोह हुआ। इसमें गुजरात और महाराष्ट्र के 626 नव आरक्षकों ने देश की आन, बान और शान की रक्षा की शपथ लेकर खुद को राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित किया। पासिंग आउट परेड कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह मुख्य अतिथि रहे, जिन्होंने सुबह 9:50 बजे परेड का निरीक्षण किया। सभी जवानों ने शानदार मार्चपास्ट कर मुख्य अतिथि को सलामी दी।
डीजीपी ने कार्यक्रम को संबोधित करते कहा, दीक्षांत समारोह में नव आरक्षकों का जोश परेड के माध्यम से देखने को मिला है। यह बीएसएफ के उस जोश और हौसले की मिसाल है, जिसको मैंने 34 वर्षों से अपनी आंखों से देखा है। अपने करियर की शुरूआत मैंने बीएसएफ के साथ की थी। 76 बटालियन कुपवाड़ा, 132 बटालियन के साथ काम करने का अवसर मिला। उस समय कुपवाड़ा को गेटवे ऑफ मिलिटेंसी कहा जाता था। वहां से आतंकी प्रशिक्षण के लिए सीमा पार जाते थे और फिर वापस लौटकर बड़े-बड़े आतंकी गिरोह के साथ काम करते थे। बीएसएफ व अन्य सुरक्षा बल इनको रोकने का काम करते थे। उस समय हालात बेकाबू थे। बीएसएफ के बलिदान ने आज जम्मू-कश्मीर के हालात सुधारने में बहुत बड़ा योगदान दिया है।
--------
प्रशिक्षण के दौरान शानदार
प्रदर्शन के लिए नवाजे जवान
एटीसी में प्रशिक्षण के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षकों को मुख्य अतिथि ने मेडल देकर सम्मानित किया। परेड कमांडर एवं बेस्ट इन ड्रिल का पुरस्कार यादव विवेक संदीप कुमार ने हासिल किया। ओवरऑल फर्स्ट पुरस्कार से विसेन कार्तिक नंद लाल को नवाजा गया। ओवरऑल सेकेंड पुरस्कार कुमार अमोल बंधु, बेस्ट फायरर का पुरस्कार सोलंकी चंद्रा सिंह और बेस्ट इन पीटी का पुरस्कार कुमार अमोल बंधु को दिया गया। दीक्षांत समारोह में योग, एक मिनट की वेपल ड्रिल और नवोदय विद्यालय उधमपुर की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। मौके पर एटीसी के महानिरीक्षक प्रदीप कत्याल, द्वितीय कमान अधिकारी सुरेंद्र सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
---------
सदा मानव अधिकारों का करें सम्मान
बनाएं रखें बीएसएफ की गरिमा
डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि आज का दिन इन सभी नव आरक्षकों के लिए जीवन का स्वर्णिम है, क्योंकि आज ये प्रशिक्षण पूरा कर सीमा सुरक्षा बल के अनुशासित एवं व्यावसायिक रूप से दक्ष सीमा प्रहरी के रूप में शामिल हो जाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान आपके द्वारा किया गया कठिन परिश्रम, हमारे राष्ट्र की सेवा-धर्म के कार्य को सहज व सुगम बनाएगा। मैं आश्वस्त हूं कि आप नौजवान युद्ध कौशल व सैन्य जज्बे से भरपूर न केवल देश की सीमाओं की हिफाजत करने में सक्षम हैं, बल्कि आंतरिक सुरक्षा का जिम्मा भी पूरे उत्तरदायित्व और जज्बे के साथ निभाने के लिए तैयार हैं। इस सर्वोत्कृष्ट बल में प्रहरी के रूप में आपका भविष्य चुनौतियों से भरा है। इन चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए आपको पूरी दृढ़ता एवं समझदारी के साथ स्वयं को परिस्थितियों के अनरूप ढालते हुए कार्य करना होगा। ड्यूटी के दौरान हमेशा मानव अधिकारों का सम्मान करें व सीमा सुरक्षा बल की गरिमा को सदा बनाएं रखें।
विज्ञापन
डीजीपी ने कार्यक्रम को संबोधित करते कहा, दीक्षांत समारोह में नव आरक्षकों का जोश परेड के माध्यम से देखने को मिला है। यह बीएसएफ के उस जोश और हौसले की मिसाल है, जिसको मैंने 34 वर्षों से अपनी आंखों से देखा है। अपने करियर की शुरूआत मैंने बीएसएफ के साथ की थी। 76 बटालियन कुपवाड़ा, 132 बटालियन के साथ काम करने का अवसर मिला। उस समय कुपवाड़ा को गेटवे ऑफ मिलिटेंसी कहा जाता था। वहां से आतंकी प्रशिक्षण के लिए सीमा पार जाते थे और फिर वापस लौटकर बड़े-बड़े आतंकी गिरोह के साथ काम करते थे। बीएसएफ व अन्य सुरक्षा बल इनको रोकने का काम करते थे। उस समय हालात बेकाबू थे। बीएसएफ के बलिदान ने आज जम्मू-कश्मीर के हालात सुधारने में बहुत बड़ा योगदान दिया है।
विज्ञापन
--------
प्रशिक्षण के दौरान शानदार
प्रदर्शन के लिए नवाजे जवान
एटीसी में प्रशिक्षण के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षकों को मुख्य अतिथि ने मेडल देकर सम्मानित किया। परेड कमांडर एवं बेस्ट इन ड्रिल का पुरस्कार यादव विवेक संदीप कुमार ने हासिल किया। ओवरऑल फर्स्ट पुरस्कार से विसेन कार्तिक नंद लाल को नवाजा गया। ओवरऑल सेकेंड पुरस्कार कुमार अमोल बंधु, बेस्ट फायरर का पुरस्कार सोलंकी चंद्रा सिंह और बेस्ट इन पीटी का पुरस्कार कुमार अमोल बंधु को दिया गया। दीक्षांत समारोह में योग, एक मिनट की वेपल ड्रिल और नवोदय विद्यालय उधमपुर की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। मौके पर एटीसी के महानिरीक्षक प्रदीप कत्याल, द्वितीय कमान अधिकारी सुरेंद्र सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
---------
सदा मानव अधिकारों का करें सम्मान
बनाएं रखें बीएसएफ की गरिमा
डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि आज का दिन इन सभी नव आरक्षकों के लिए जीवन का स्वर्णिम है, क्योंकि आज ये प्रशिक्षण पूरा कर सीमा सुरक्षा बल के अनुशासित एवं व्यावसायिक रूप से दक्ष सीमा प्रहरी के रूप में शामिल हो जाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान आपके द्वारा किया गया कठिन परिश्रम, हमारे राष्ट्र की सेवा-धर्म के कार्य को सहज व सुगम बनाएगा। मैं आश्वस्त हूं कि आप नौजवान युद्ध कौशल व सैन्य जज्बे से भरपूर न केवल देश की सीमाओं की हिफाजत करने में सक्षम हैं, बल्कि आंतरिक सुरक्षा का जिम्मा भी पूरे उत्तरदायित्व और जज्बे के साथ निभाने के लिए तैयार हैं। इस सर्वोत्कृष्ट बल में प्रहरी के रूप में आपका भविष्य चुनौतियों से भरा है। इन चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए आपको पूरी दृढ़ता एवं समझदारी के साथ स्वयं को परिस्थितियों के अनरूप ढालते हुए कार्य करना होगा। ड्यूटी के दौरान हमेशा मानव अधिकारों का सम्मान करें व सीमा सुरक्षा बल की गरिमा को सदा बनाएं रखें।

उधमपुर: अच्छा प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षक को सम्मानित करते हुए मुख्य अतिथि.- फोटो : UDHAMPUR

उधमपुर: अच्छा प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षक को सम्मानित करते हुए मुख्य अतिथि.- फोटो : UDHAMPUR

उधमपुर: परेड का निरीक्षण करते हुए मुख्य अतिथि.- फोटो : UDHAMPUR

उधमपुर: देश सेवा की शपथ लेते हुए नव आरक्षक.- फोटो : UDHAMPUR