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गोदाम में पाइपों का भंडार, फिर भी विभाग ने मरम्मत से किया इंकार
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उधमपुर जल शक्ति विभाग के स्टोर का जायजा लेती वार्ड नंबर 1 की पार्षद प्रीति खजुरिया
- फोटो : UDHAMPUR
उधमपुर। वार्ड 1 की पार्षद प्रीति खजूरिया ने जल शक्ति विभाग पर लोगों की समस्याओं को जानबूझकर बढ़ाने और उनसे झूठ बोलने का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि विभाग के मलाड़ स्थित गोदाम में पानी की पाइपों व अन्य जरूरी सामान की अनगिनत उपलब्धता है। लेकिन, जब शहरवासी उनसे किसी पाइप अथवा किसी वाल्व को बदलने की बात करते हैं तो विभाग अधिकारी उक्त सामान उपलब्ध न होने की बात कह देते हैं। जिसके कारण समस्या का समाधान नहीं हो पाता, और लोग परेशानी उठाते रहते हैं।
पार्षद ने कहा कि उनके वार्ड की नवनिर्मित गली विभाग की लगाई पानी की क्षतिग्रस्त पाइप फटने से दूसरी बार खराब हो गई। इस मामले को लेकर जब उन्होंने विभाग के उच्च अधिकारियों से बात कर पाइप को बदलने की अपील की, तो संबंधित अधिकारियों ने विभाग के पास गली में लगी ढाई इंच का पाइप मौजूद न होने की बात कहकर टाल दिया। उनका कहना था कि विभाग के पास इससे संबंधित कोई सामान उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद उक्त अधिकारियों की बात की पुष्टि करने के लिए जब वह फौरन मीडिया कर्मियों को साथ लेकर विभाग के मलाड स्थित गोदाम पर पहुंची तो उन्हें वहां ढाई इंच के पाइप की भारी उपलब्धता दिखी।
प्रीति खजुरिया ने विभाग की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सरकार लोगों से पानी का किराया ले रही है तो पाइपों को बदलने की जिम्मेदारी भी उनकी है। लेकिन, विभाग के अधिकारी जनता की समस्याओं को दूर करने की बजाय उनसे झूठ बोल रहे हैं। पार्षद ने कहा कि विभाग के गोदाम में पाइपों के अलावा स्टेब्लाइजर्स, मोटरें और अन्य लाखों रुपये का सामान खुले में पड़ा खराब हो रहा हैं। लेकिन, जहां इसकी जरूरत है, वहां इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। विभाग के अधिकारी जनता से झूठ बोल रहे हैं, जो बेहद निंदनीय है।
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पार्षद की तरफ से लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। स्टोर में रखे पाइप नाबार्ड के तहत मंजूर फ्लाटा वाटर सप्लाई योजना के हैं। सारे पाइप इसी योजना के तहत खरीदे गए हैं, और इस योजना पर लगाए जाने हैं। इन पाइपों से मांड तक लोगों के घरों में जलापूर्ति होनी है। इसको दूसरे स्थान पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। गोदाम में रखे एक-एक सामान का हर वर्ष ऑडिट में हिसाब देना पड़ता है।
- ताज चौधरी, एक्सईएन, जल शक्ति विभाग, उधमपुर
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उनका कहना है कि विभाग के मलाड़ स्थित गोदाम में पानी की पाइपों व अन्य जरूरी सामान की अनगिनत उपलब्धता है। लेकिन, जब शहरवासी उनसे किसी पाइप अथवा किसी वाल्व को बदलने की बात करते हैं तो विभाग अधिकारी उक्त सामान उपलब्ध न होने की बात कह देते हैं। जिसके कारण समस्या का समाधान नहीं हो पाता, और लोग परेशानी उठाते रहते हैं।
पार्षद ने कहा कि उनके वार्ड की नवनिर्मित गली विभाग की लगाई पानी की क्षतिग्रस्त पाइप फटने से दूसरी बार खराब हो गई। इस मामले को लेकर जब उन्होंने विभाग के उच्च अधिकारियों से बात कर पाइप को बदलने की अपील की, तो संबंधित अधिकारियों ने विभाग के पास गली में लगी ढाई इंच का पाइप मौजूद न होने की बात कहकर टाल दिया। उनका कहना था कि विभाग के पास इससे संबंधित कोई सामान उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद उक्त अधिकारियों की बात की पुष्टि करने के लिए जब वह फौरन मीडिया कर्मियों को साथ लेकर विभाग के मलाड स्थित गोदाम पर पहुंची तो उन्हें वहां ढाई इंच के पाइप की भारी उपलब्धता दिखी।
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प्रीति खजुरिया ने विभाग की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सरकार लोगों से पानी का किराया ले रही है तो पाइपों को बदलने की जिम्मेदारी भी उनकी है। लेकिन, विभाग के अधिकारी जनता की समस्याओं को दूर करने की बजाय उनसे झूठ बोल रहे हैं। पार्षद ने कहा कि विभाग के गोदाम में पाइपों के अलावा स्टेब्लाइजर्स, मोटरें और अन्य लाखों रुपये का सामान खुले में पड़ा खराब हो रहा हैं। लेकिन, जहां इसकी जरूरत है, वहां इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। विभाग के अधिकारी जनता से झूठ बोल रहे हैं, जो बेहद निंदनीय है।
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पार्षद की तरफ से लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। स्टोर में रखे पाइप नाबार्ड के तहत मंजूर फ्लाटा वाटर सप्लाई योजना के हैं। सारे पाइप इसी योजना के तहत खरीदे गए हैं, और इस योजना पर लगाए जाने हैं। इन पाइपों से मांड तक लोगों के घरों में जलापूर्ति होनी है। इसको दूसरे स्थान पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। गोदाम में रखे एक-एक सामान का हर वर्ष ऑडिट में हिसाब देना पड़ता है।
- ताज चौधरी, एक्सईएन, जल शक्ति विभाग, उधमपुर

उधमपुर जल शक्ति विभाग के स्टोर का जायजा लेती वार्ड नंबर 1 की पार्षद प्रीति खजुरिया- फोटो : UDHAMPUR