{"_id":"625b03af455b7d668d7de5bd","slug":"baisakhi-mela-udhampur-news-jmu2579418169","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैसाखी मेले में अंतिम दिन उमड़ा जन सैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैसाखी मेले में अंतिम दिन उमड़ा जन सैलाब
विज्ञापन
उधमपुर: बैसाखी मेले पर खरीदारी करती हुई युक्तियां तथा पकवान लेते हुए लोग.
- फोटो : UDHAMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधमपुर। देविका घाट से सटे सैरगाह रोड पर आयोजित बैसाखी मेला शनिवार को विधिवत संपन्न हो गया। अंतिम दिन मेले में हजारों लोग पहुंचे, और मेले समेत देविका तट की सुंदरता का भरपूर आनंद लिया।
शनिवार को तीन दिवसीय बैसाखी मेले का अंतिम दिन था। इसलिए, सुबह से ही लोग सपरिवार मेला स्थल पर पहुंचना शुरू हो गए थे। महिलाएं सजावट सामग्री खरीदने में दिलचस्पी लेती रहीं तो पुरुष खाने पीने की चीजों का आनंद लेते रहे। शाम को सूरज ढलने पर लोगों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई। परिवार के साथ मेला देखने आए लोगों को अपने वाहनों को खड़ा करने के लिए स्थान नहीं मिला, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
वहीं, हजारों श्रद्धालु मेला स्थल पर पहुंचने से पहले देविका नदी के तट पर स्थित मंदिरों में माथा टेकने गए, फिर मेले का आनंद उठाया। जिला सूचना विभाग ने मेले के समापन समारोह का आयोजन किया था। इस दौरान विभाग के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर बैसाखी के महत्व के बारे में बताया।
विज्ञापन
दो दिनों के मुकाबले तीसरे दिन बहुत ज्यादा लोग मेला देखने पहुंचे थे। हालांकि, मेले में झूले, मौत का कुंआ और सर्कस न लगने पर बच्चों के साथ युवा भी निराश थे। युवाओं का कहना था मेले में यही चीजें आकर्षण का केंद्र होती हैं। लेकिन, इस बार इनके न होने पर निराशा हुई है। हालांकि, खुशी इस बात की भी है कि दो वर्ष बाद मेले का आयोजन हुआ।
विज्ञापन
शनिवार को तीन दिवसीय बैसाखी मेले का अंतिम दिन था। इसलिए, सुबह से ही लोग सपरिवार मेला स्थल पर पहुंचना शुरू हो गए थे। महिलाएं सजावट सामग्री खरीदने में दिलचस्पी लेती रहीं तो पुरुष खाने पीने की चीजों का आनंद लेते रहे। शाम को सूरज ढलने पर लोगों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई। परिवार के साथ मेला देखने आए लोगों को अपने वाहनों को खड़ा करने के लिए स्थान नहीं मिला, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
विज्ञापन
वहीं, हजारों श्रद्धालु मेला स्थल पर पहुंचने से पहले देविका नदी के तट पर स्थित मंदिरों में माथा टेकने गए, फिर मेले का आनंद उठाया। जिला सूचना विभाग ने मेले के समापन समारोह का आयोजन किया था। इस दौरान विभाग के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर बैसाखी के महत्व के बारे में बताया।
विज्ञापन
दो दिनों के मुकाबले तीसरे दिन बहुत ज्यादा लोग मेला देखने पहुंचे थे। हालांकि, मेले में झूले, मौत का कुंआ और सर्कस न लगने पर बच्चों के साथ युवा भी निराश थे। युवाओं का कहना था मेले में यही चीजें आकर्षण का केंद्र होती हैं। लेकिन, इस बार इनके न होने पर निराशा हुई है। हालांकि, खुशी इस बात की भी है कि दो वर्ष बाद मेले का आयोजन हुआ।

उधमपुर: बैसाखी मेले पर खरीदारी करती हुई युक्तियां तथा पकवान लेते हुए लोग.- फोटो : UDHAMPUR

उधमपुर: देविका तट का दृश्य.- फोटो : UDHAMPUR