उधमपुर। जिले की आशा कार्यकर्ताओं ने स्थायी बनाने की मांग को लेकर मंगलवार को प्रदर्शन किया।
रीता रानी ने बताया कि वे काफी समय से लगातार प्रदर्शन कर सरकार से मांग कर रहे हैं कि उन्हें स्थायी बनाया जाए और उनका वेतन बढ़ाया जाए लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। बजट से भी काफी उम्मीदें थीं लेकिन इसमें भी उनके लिए कोई घोषणा नहीं की गई है, इसलिए वे इस प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को यह बताना चाहते हैं कि आगे भी उनके लिए अगर कुछ नहीं किया गया तो हम उग्र प्रदर्शन करने पर मजबूर हो जाएंगे।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि वर्ष 2005 में सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं की तैनाती की थी। उस समय उन्हें जो मानदेय दिया जाता था, आज दो दशक बाद भी उसमें कुछ बढ़ोतरी नहीं की गई है। बाकी राज्यों में आशा कार्यकर्ताओं को 10 से 15 हजार रुपये महीना मानदेय दिया जाता है लेकिन जम्मू कश्मीर में आशा कार्यकर्ताओं को मात्र दो हजार रुपये वेतन दिया जाता है। इतने कम वेतन में घर चलाना काफी मुश्किल है, इसलिए वे सरकार को चेतावनी देते हैं कि अगर उनका वेतन नहीं बढ़ाया गया और उन्हें स्थायी नहीं बनाया गया तो वे आगे काम छोड़ो और जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे।