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Udhampur News: आर्टिफिशियल ज्वेलरी से बनाई पहचान, बाजार में मिल रहे अच्छे दाम

Mon, 26 May 2025 01:14 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर Updated Mon, 26 May 2025 01:14 AM IST
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Artificial Jewelry Made by Womens
अपनी बनाई ज्वैलरी को पहन कर दिखाती अनामिका।
डोगरा सभ्यता से जुड़ा सामान बनाकर आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं
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आकांक्षा के नाम से बेचा जा रहा स्वयं सहायता समूह के माध्यम से बनाया गया सामान
संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी। डीडी भांगल और अगार जितो गांव की महिलाएं आर्टिफिशियल ज्वेलरी और डोगरा सभ्यता से जुड़ा सामान तैयार कर आत्मनिर्भर बन रहीं हैं। इस समूह की तरफ से बनाई गई ज्वेलरी देश, प्रदेश के कई हिस्सों तक पहुंच रही है। बाजार में इसके अच्छे दाम मिलने से महिलाएं अच्छी आमदन कमा रहीं हैं।
जय मां लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की सदस्य मुनीशा देवी ने गांव की 13 अन्य महिलाओं को जोड़ा है। वह आर्टिफिशियल ज्वेलरी समेत हस्तशिल्प का कई सामान बनातीं हैं। इस सामान को आकांक्षा के नाम से जाना जाता है।
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मुनीशा ने बताया कि इस समूह में शामिल महिलाएं पंचायत अगार जीतो की निवासी हैं। उम्मीद योजना के तहत उन सभी महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया गया था। समूह से जुड़ी महिलाएं एक साथ बैठ कर कलीरे, मांग टिक्का, कानों के झूमर, बालियों के अलावा कड़े, चूड़ी, गले में डाले जाने वाले हार आदि बना रहीं हैं।
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समूह की सदस्य अधिकतर महिलाएं रोज दैनिक कामकाज के बीच थोड़ा समय निकाल कर इन चीजों को बनाने का काम करतीं हैं। उनका यह सामान श्री माता वैष्णों देवी कटड़ा के बाजार में काफी बिकता है। उन्हें बाजारों से भी आदेश मिलते हैं। मांग के मुताबिक वह सामान बनाकर बाजारों में भेजतीं हैं। आर्टिफिशियल ज्वेलरी के जरिए सभी महिलाओं को महीने में अच्छी खासी आमदनी होती है।
संचालिका ने बताया कि आजकल यह समूह बाजार में 60,000 रुपये से अधिक का कारोबार कर रहा है। उनकी कोशिश और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ज्यादा कामयाबी मिलेगी। क्योंकि उनकी ज्वेलरी जिले से बाहर ले जाने वाले श्रद्धालुओं को देखकर अन्य जिलों और प्रदेशों के लोगों ने भी मांग भेजी है।

वहां आपूर्ति के बाद देश के अन्य शहरों में भी ज्वेलरी बेची जाएंगी। ज्वेलरी बनाने के लिए सारे सामान की खरीदारी बाजार से ही की जाती है। मौजूदा समय के दौरान सभी महिलाएं ज्वेलरी बनाने का काम कर रहीं हैं।
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